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छतरपुर में बागेश्वर धाम में एक बार फिर से फिल्म 'हनुमान अंश' की निर्माता पहुंची. जहां पर अनुप्रिया नागर ने बागेश्वर धाम में अपने भाव भी व्यक्त किए. उन्होंने कहा कि इससे पहले वह मुंबई में भी गुरुजी के मंडप में जा चुकी हैं. अनुप्रिया नागर ने कहा कि धाम में आने पर उन्हें हमेशा परिवार जैसा अपनापन जैसा महसूस होता है. इतना ही नहीं उन्होंने गुरुजी की सेवा भावना, विजन और धाम में हो रहे कार्यों की उन्होंने सराहना की.
वहीं अनुप्रिया नागर ने आगे बताया कि पहली बार बागेश्वर धाम आने पर ही उन्हें यहां परिवार जैसा माहौल महसूस हुआ था. उन्होंने कहा कि गुरुजी को लोगों की सहायता करते हैं. इसके अलावा उनकी सेवा करते हुए देखकर उन्हें बहुत अच्छा लगा. उन्होंने कहा कि यही सकारात्मक ऊर्जा उन्हें बार-बार धाम की ओर खींचकर लाती है.
धाम की व्यवस्थाओं का जिक्र
अनुप्रिया नागर ने बागेश्वर धाम की व्यवस्थाओं का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि ऋषि भैया ने उन्हें अन्नपूर्णा रसोई समेत धाम की कई व्यवस्थाएं दिखाईं. उन्होंने देखा कि यहां रोजाना हजारों लोगों के लिए भोजन तैयार किया जाता है और निशुल्क भंडारे का आयोजन होता है. उन्होंने इसे बड़ी सेवा बताया.
गुरुकुल का भी दौरा किया
इसके बाद अनुप्रिया नागर ने गुरुकुल का दौरा किया. वहां बच्चों से मुलाकात की. इस दौरान उन्होंने कहा कि बच्चे संस्कृत और अंग्रेजी की पढ़ाई के साथ क्रिकेट और घुड़सवारी भी सीख रहे हैं. उन्होंने कहा कि गुरुकुल में शिक्षा के साथ खेल और संस्कृति पर भी ध्यान दिया जा रहा है. अनुप्रिया नागर ने निर्माणाधीन कैंसर अस्पताल का भी दौरा किया. उन्होंने अस्पताल के निर्माण कार्य को देखा और धाम की भविष्य की योजनाओं के बारे में जानकारी ली. उन्होंने कहा कि गुरुजी का विजन बहुत दूर तक का है. जहां आम तौर पर लोग 10 साल आगे की सोचते हैं, वहीं गुरुजी 100 साल आगे की सोच रहे हैं.
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गुरुजी की माता से मुलाकात
अनुप्रिया नागर ने गुरुजी की माताजी से भी मुलाकात की. अनुप्रिया ने आगे बताया कि माता जी बहुत सरल हैं. उन्होंने बेहद प्यार से उनका स्वागत किया. इस दौरान उन्होंने साथ बैठकर कीर्तन भी गाए. अनुप्रिया ने कहा कि बागेश्वर धाम आकर उन्हें शांति और सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव हुआ.