केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह एक बार फिर मध्य प्रदेश के दौरे पर आ रहे हैं. इस बार उनका दौरा ग्वालियर के लिए बेहद खास होने वाला है. 29 अक्टूबर को अमित शाह ग्वालियर में एशिया के पहले टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन (TMZ) का भूमिपूजन करेंगे. जानकारी के मुताबिक, यह अत्याधुनिक टेलीकॉम जोन ग्वालियर के श्रीमंत माधवराव सिंधिया काउंटर मैग्नेट सिटी (SADA) इलाके में विकसित किया जाएगा. इस प्रोजेक्ट के शुरू होने से न सिर्फ ग्वालियर को, बल्कि पूरे मध्य प्रदेश राज्य को टेलीकॉम और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में एक नई पहचान मिलेगी.
बताया जा रहा है कि 29 अक्टूबर ग्वालियर के औद्योगिक इतिहास में एक मील का पत्थर साबित होगा. इस भव्य समारोह में केंद्रीय गृह मंत्री विधिवत पूजा-अर्चना के साथ इस मेगा प्रोजेक्ट की नींव रखेंगे, जिससे भविष्य में हजारों युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे.
₹5,500 करोड़ के निवेश प्रस्ताव
इस बड़े टेक हब के बनने से इलाके में बड़े पैमाने पर औद्योगिक क्रांति और आर्थिक समृद्धि आने की उम्मीद है. केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने सितंबर में प्रस्तावित जगह का दौरा कर तैयारियों का जायजा लिया था. उन्होंने बताया कि अब तक 24 से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय कंपनियों ने इस मैन्युफैक्चरिंग जोन में दिलचस्पी दिखाई है और कुल ₹5,500 करोड़ के निवेश प्रस्ताव जमा किए हैं.
पैदा होंगी 18000 नौकरियां!
इस समारोह के दौरान, निवेश करने वाली सभी कंपनियां अपने-अपने प्रोजेक्ट्स के लिए शिलान्यास भी करेंगी. इस बड़े प्रोजेक्ट से स्थानीय युवाओं को सबसे ज्यादा फायदा होगा, क्योंकि इससे लगभग 18,000 प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे. यह प्रोजेक्ट न केवल ग्वालियर को एशिया के नक्शे पर एक प्रमुख मैन्युफैक्चरिंग हब के तौर पर स्थापित करेगा, बल्कि राज्य के औद्योगिक विकास को भी गति देगा.
प्रोजेक्ट का मकसद
इस प्रोजेक्ट का मकसद सिर्फ अलग-अलग फैक्टरियां लगाना नहीं, बल्कि टेलीकॉम सेक्टर के लिए एक पूरा इंडस्ट्रियल इकोसिस्टम बनाना है. इसमें टेलीकॉम इक्विपमेंट और अलग-अलग पार्ट्स की मैन्युफैक्चरिंग के साथ-साथ रिसर्च, टेस्टिंग और इनोवेशन से जुड़ी गतिविधियां भी शामिल हैं. पहले फेज के लिए SADA और ग्वालियर IT पार्क में लगभग 170 एकड़ जमीन की पहचान की गई है. चूंकि निवेशकों की दिलचस्पी उपलब्ध जमीन से ज्यादा है, इसलिए भविष्य में विस्तार के लिए और जमीन का इंतजाम करने की योजना पर भी विचार किया जा रहा है.
29 अक्टूबर का दिन अहम
29 अक्टूबर का दिन ग्वालियर के विकास के इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ने जा रहा है. बड़ी अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के आने और भारी निवेश से यह क्षेत्र एशिया में एक प्रमुख टेक और औद्योगिक केंद्र के रूप में उभरने के लिए तैयार है.