भोपाल में SIR में कटे 4.5 लाख नामों में 71 हजार फिर जुड़े, अब SSR में भी मौका; जानिए वोटर लिस्ट अपडेट से जुड़ी हर जरूरी बात
भोपाल में एसआईआर के दौरान वोटर लिस्ट से हटाए गए नामों में से अब तक 71 हजार मतदाताओं के नाम दोबारा जोड़े जा चुके हैं. प्रशासन का लक्ष्य यह संख्या 1.80 लाख तक पहुंचाना है. इसके लिए अनुपस्थित और दूसरे स्थानों पर शिफ्ट हुए मतदाताओं की तलाश 31 अक्टूबर तक जारी रहेगी.
राजधानी भोपाल में एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) के दौरान करीब 4.50 लाख मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए गए थे. इन मतदाताओं के वर्ष 2003 के रिकॉर्ड समेत अन्य जानकारियों का सत्यापन नहीं हो पाया था. अब ऐसे मतदाताओं को खोजकर दोबार मतदाता सूची में नाम शामिल करने की प्रक्रिया चल रही है. इसके लिए 2900 बीएलओ की ड्यूटी लगाई गई है. बीएलओ अब तक करीब 71 हजार मतदाताओं के नाम सूची में दोबारा जोड़ चुके हैं.
प्रशासन को उम्मीद है कि मतदाता सूची में दोबारा नाम जोड़ने का आंकड़ा बढ़कर 1.80 लाख तक पहुंच सकता है. इसके लिए अभी एक लाख से अधिक मतदाताओं को खोजने का काम बाकी है. अनुपस्थित और दूसरे स्थानों पर शिफ्ट हो चुके मतदाताओं की पहचान के लिए घर-घर जाकर अभियान चलाया जा रहा है, जो 31 अक्टूबर तक जारी रहेगा. अब तक नए और स्थानांतरित मतदाताओं के करीब 14 हजार आवेदन मिल चुके हैं. यह अभियान पूरे मध्य प्रदेश में चलाया जा रहा है.
SSR में नाम जुड़वाने का मिलेगा मौक
इसी क्रम में निर्वाचन आयोग मध्य प्रदेश में विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SSR) की प्रक्रिया 2 नवंबर से शुरू करने जा रही है. इसके तहत 12 नवंबर को मतदाता सूची का फॉर्मेट जारी किया जाएगा. इसके बाद 11 दिसंबर तक मतदाता सूची में नाम जुड़वाने, हटवाने और विवरण में सुधार कराने के लिए आवेदन किए जा सकेंगे. एसआईआर के दौरान सूची से बाहर हुए पात्र मतदाता भी एसएसआर के तहत नाम जुड़वाने के लिए आवेदन कर सकेंगे. इस प्रक्रिया में वर्ष 2003 का रिकॉर्ड देना अनिवार्य नहीं होगा. वहीं 1 जनवरी 2027 तक 18 साल की उम्र पूरी करने वाले युवा मतदाता बनने के लिए आवेदन कर सकेंगे. इसके अलावा पिछले एक साल में मृत हो चुके और स्थायी रूप से दूसरे स्थान पर जा चुके मतदाताओं के नाम नियमानुसार हटाए जाएंगे. मतदाता सूची में नाम उसी क्षेत्र में दर्ज तिया जाएगा, जहां संबंधित व्यक्ति सामान्य रूप से रहता है.
पात्र मतदाताओं के नाम जुड़ेंगे
इस स्पेशल समरी रिवीजन का उद्देश्य मतदाता सूची को अपडेट करना और पात्र मतदाताओं के नाम इसमें शामिल करना है. इस प्रक्रिया में सूची में नाम जोड़ना, मौजूदा जानकारी को ठीक करना और निर्धारित नियमों के अनुसार अपात्र व्यक्तियों के नाम हटाना शामिल है. इसमें सभी श्रेणियों के मतदाताओं के नाम जोड़े जाएंगे. हालांकि, अब 2003 के रिकॉर्ड देना अनिवार्य नहीं होगा.
नए मतदाता ऐसे भरे फॉर्म
नए मतदाता वोटर हेल्पलाइन ऐप या voters.eci.gov.in के जरिए फॉर्म-6 भर सकते हैं. आवेदन संबंधित मतदान केंद्र के बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) के पास भी जमा किए जा सकते हैं. निवास स्थान में बदलाव की जानकारी देने या पहले से मौजूद जानकारी को ठीक करने के लिए फॉर्म-8 का इस्तेमाल किया जाना चाहिए.