दिल्ली के जंतर-मंतर पर रविवार को भी कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने प्रदर्शन किया. सीजेपी के नेता अजिंक्य शिंदे के नेतृत्व में ये आंदोलन करने का ऐलान कहा गया. इससे पहले सीजेपी की टॉपलीडरशीप को मजिस्ट्रेट से रिहाई मिली. सीजेपी के तीनों नेता (अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका) की रिहाई को मजिस्ट्रेट की ओर से सशर्त रिहाई मिली है. सीजेपी की लीगल हेड रत्ना सिंह ने बताया कि ये रिहाई इस शर्त पर मिली है कि अगले एक साल तक शांति भंग नहीं की जानी चाहिए.
हालांकि, राजधानी दिल्ली में पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था टाइट कर ली है. रविवार को भी जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में भारी सुरक्षा बलों की तैनाती रही. बैरिकेड्स लगाए गए और धारा 163 लागू रही. मेट्रो सेवाओं और रेल सेवाएं बहाल रही.. बता दें कि सुरक्षा के मद्देनजर शनिवार (10 अक्टूबर) को दिल्ली पहुंचने वाली सैकड़ों ट्रेनें रद्द रहीं और दिल्ली के 45 मेट्रो स्टेशन बंद रहे, जिस कारण लोगों को दिक्कत का सामना करना पड़ा था.
इसके अलावा दिल्ली के सिंघु बॉर्डर, चिल्ला बॉर्डर और गाजीपुर सीमा पर भारी पुलिस बल तैनात रहा. संदिग्धों से पुलिस ने पूछताछ की. पुलिस की भारी सुरक्षा के बावजूद भी बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों ने जंतर-मंतर पहुंचने की कोशिश की, लेकिन उन्हें डिटेन कर लिया. शनिवार को कॉकरोच जनता पार्टी के मुखिया अभिजीत, प्रवक्ता आशुतोष रांका और सौरव दास को पुलिस ने दिल्ली के इंदिरा गांधी अंततराष्ट्रीय हवाई अड्डे से प्लेन से ही डिटेन कर लिया था, जिन्हें आज सशर्त रिहाई मिलीै.