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दिल्ली के जंतर-मंतर पर रविवार को भी कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने प्रदर्शन किया. सीजेपी के नेता अजिंक्य शिंदे के नेतृत्व में ये आंदोलन करने का ऐलान कहा गया. इससे पहले सीजेपी की टॉपलीडरशीप को मजिस्ट्रेट से रिहाई मिली. सीजेपी के तीनों नेता (अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका) की रिहाई को मजिस्ट्रेट की ओर से सशर्त रिहाई मिली है. सीजेपी की लीगल हेड रत्ना सिंह ने बताया कि ये रिहाई इस शर्त पर मिली है कि अगले एक साल तक शांति भंग नहीं की जानी चाहिए.
हालांकि, राजधानी दिल्ली में पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था टाइट कर ली है. रविवार को भी जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में भारी सुरक्षा बलों की तैनाती रही. बैरिकेड्स लगाए गए और धारा 163 लागू रही. मेट्रो सेवाओं और रेल सेवाएं बहाल रही.. बता दें कि सुरक्षा के मद्देनजर शनिवार (10 अक्टूबर) को दिल्ली पहुंचने वाली सैकड़ों ट्रेनें रद्द रहीं और दिल्ली के 45 मेट्रो स्टेशन बंद रहे, जिस कारण लोगों को दिक्कत का सामना करना पड़ा था.
इसके अलावा दिल्ली के सिंघु बॉर्डर, चिल्ला बॉर्डर और गाजीपुर सीमा पर भारी पुलिस बल तैनात रहा. संदिग्धों से पुलिस ने पूछताछ की. पुलिस की भारी सुरक्षा के बावजूद भी बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों ने जंतर-मंतर पहुंचने की कोशिश की, लेकिन उन्हें डिटेन कर लिया. शनिवार को कॉकरोच जनता पार्टी के मुखिया अभिजीत, प्रवक्ता आशुतोष रांका और सौरव दास को पुलिस ने दिल्ली के इंदिरा गांधी अंततराष्ट्रीय हवाई अड्डे से प्लेन से ही डिटेन कर लिया था, जिन्हें आज सशर्त रिहाई मिलीै.
दिल्ली पुलिस पर अभद्र शब्दों में हमला बोलते हुए दीपके मर्यादा भी भूल गए. मीडिया से बात करते हुए वे बोले, 'उनके पास कोई... इंसानियत—बिल्कुल भी नहीं. वे वर्दी पहने गुंडे और वर्दीधारी बदमाश हैं. अमित शाह ने उन्हें ऐसे ही गुंडों में बदल दिया है. मैंने किसी बॉन्ड पर दस्तखत नहीं किए हैं. हम फिर से सड़कों पर उतरेंगे. हम अमित शाह और मोदी जैसे लोगों से डरने वाले नहीं हैं. हमें एक बार नहीं, बल्कि सौ बार जेल में डाल दो, हमें आपकी तानाशाही से डर नहीं लगता. हम आपकी तानाशाही को खत्म कर देंगे.'
दिल्ली पुलिस के जवानों को 'गुंडा' कहते हुए अभिजीत दीपके बोले, 'उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि यह एक कानूनी प्रक्रिया है. यह किस तरह की कानूनी प्रक्रिया है जिसमें किसी के माता-पिता को सुबह 3:30 बजे फ़ोन करके यह बताना पड़े कि उनके बेटे को गिरफ़्तार कर लिया गया है? मेरी दादी का अभी-अभी स्वास्थ्य समस्याओं के कारण निधन हुआ था. मेरे माता-पिता पहले से ही सदमे में थे. ऊपर से, दिल्ली पुलिस के ये गुंडे और बेरहम लोग चाहते थे कि मैं सुबह 3:30 बजे अपने माता-पिता को फ़ोन करूं और उन्हें यह खबर देकर सदमा पहुंचाऊं कि मुझे गिरफ़्तार कर लिया गया है.'
सीजेपी लीडर अभिजीत दीपके ने दिल्ली पुलिस पर बरसते हुए कहा, 'सुबह 3:30 बजे, दिल्ली पुलिस आई और मुझसे कहा कि मैं अपने माता-पिता को फ़ोन करूं और उन्हें बताऊं कि मुझे गिरफ़्तार कर लिया गया है. इसके पीछे क्या मकसद था? मुझे सुबह 3:30 बजे जगाना और मुझसे अपने माता-पिता को फ़ोन करने के लिए कहना. उन्हें भी जगाना और यह बताने के लिए कहना कि मैं गिरफ़्तार हूं? मैंने उनसे पूछा कि उन्होंने पूरे दिन मेरे माता-पिता को यह क्यों नहीं बताया कि मुझे गिरफ़्तार कर लिया गया है या मुझे कहां रखा गया है. आपने उन्हें दिन में क्यों नहीं बताया? आप मुझे यह सुबह 3:30 बजे क्यों बता रहे हैं? सुबह तक इंतज़ार क्यों नहीं किया?'
दीपके ने आगे कहा, 'कानून के अनुसार, मुझे अपने वकील को फ़ोन करने का भी अधिकार है. दिल्ली पुलिस ने इसकी भी इजाज़त नहीं दी. उन्होंने मुझे अपने वकील को फ़ोन नहीं करने दिया. मुझे अपने कजिन को फोन करना था, जो गांव में मेरी दादी के साथ रहता था. यह पूछने के लिए कि क्या हुआ और कैसे हुआ. दिल्ली पुलिस ने फिर भी मुझे फ़ोन देने से मना कर दिया. आप इसे कैसे देखते हैं? उन्होंने फिर भी मुझे कॉल नहीं करने दिया.'
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के फाउंडर अभिजीत दीपके ने हिरासत में लिए जाने के दौरान दिल्ली पुलिस की संवेदनशीलता का मजाक उड़ाया. नागपुर एयरपोर्ट पर मीडिया से बात करते हुए दीपके ने कहा, 'दिल्ली पुलिस ने आकर मुझे बताया कि मेरी दादी का निधन हो गया है. फिर मैंने दिल्ली पुलिस से कहा कि मुझे गाँव में रहने वाले अपने कज़िन को फ़ोन करने दिया जाए. मैंने उनसे सिर्फ़ दो मिनट के लिए मेरा फ़ोन लाने का अनुरोध किया. उन्होंने मना कर दिया, यह कहते हुए कि वे फोन नहीं ला सकते और मुझसे नंबर देने को कहा. मैंने उनसे कहा कि मुझे नंबर याद नहीं है और उनसे सिर्फ़ दो मिनट के लिए फ़ोन देने को कहा ताकि मैं नंबर निकालकर उन्हें दे सकूँ. फिर भी, उन्होंने मुझे फ़ोन नहीं दिया.'
#WATCH | Nagpur | Cockroach Janta Party (CJP) Founder Abhijeet Dipke says, "The Delhi Police came and told me that my grandmother had died. I then asked the Delhi Police to let me call my cousin who lives in the village; I requested them to bring my phone for just two minutes. They refused, saying they couldn't bring the phone and asked me to provide the number instead. I told them I didn't remember the number by heart and asked them to just hand me the phone for two minutes so I could retrieve the number and give it to them. Even then, they did not give me the phone. By law, I have the right to call my lawyer as well. The Delhi Police did not allow that either; they wouldn't let me call my lawyer. I needed to call my cousin—who lived with my grandmother in the village—to ask what had happened and how. The Delhi Police still refused to give me the phone. What do you make of that? They still wouldn't let me make the call. At 3:30 AM, the Delhi Police came and told me to call my parents and inform them that I had been arrested. What was the intention behind this? Waking me up at 3:30 AM and telling me to call my parents—waking them up too—to tell them I was under arrest? I asked them why they hadn't informed my parents all day that I had been arrested or where I was being held. Why didn't you tell them during the day? Why are you telling me this at 3:30 AM? Why not wait until morning? They insisted it was a legal procedure. What kind of legal procedure requires calling someone's parents at 3:30 AM to inform them that their son has been arrested? My grandmother had just passed away due to health issues; my parents were already in a state of shock. On top of that, these Delhi Police goons and brutes wanted me to call my parents at 3:30 AM and shock them with the news that I had been arrested. They have no humanity—absolutely none. They are goons in uniform—thugs wearing the uniform—and Amit Shah has turned them into such hooligans...I haven't signed any bond. We will take to the streets again; we will not be intimidated by people like Amit Shah and Modi. Throw us in jail not just once, but a hundred times—we do not fear your dictatorship. We will put an end to your dictatorship"
— ANI (@ANI) October 11, 2026
पुलिस अधिकारी ने कहा, 'तय प्रक्रियाओं का पालन न करने, कानूनों और दिशानिर्देशों का पालन न करने के इतिहास और मौजूदा सुरक्षा व कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए जनपथ पर प्रस्तावित धरने की अनुमति नहीं दी गई. दिल्ली की सुरक्षा सुनिश्चित करने और नागरिकों की जान-माल की रक्षा के लिए, शहर के कई इलाकों में BNSS की धारा 133 लागू की गई, जिसके तहत किसी भी तरह की भीड़ या विरोध-प्रदर्शन पर रोक लगा दी गई. जनपथ पर विरोध-प्रदर्शन के आह्वान के सिलसिले में 10 अक्टूबर को अभिजीत दिपके और उनके दो साथियों को हिरासत में लिया गया, क्योंकि प्रदर्शन के लिए अनुमति नहीं दी गई थी.'
DCP नेहा यादव ने दिल्ली पुलिस की ओर से सीजेपी को प्रदर्शन की अनुमति न दिए जाने की वजह भी बताई. उन्होंने कहा, 'CJP के मामले में, उनके पिछले व्यवहार से पता चला कि वे पहले दिए गए वादों और स्थानीय निर्देशों का पालन करने में नाकाम रहे. जब पहले अनुमति दी गई थी, तो उन्होंने कानून का पालन नहीं किया. उनके द्वारा जुटाई गई भीड़ ने ज़बरदस्त पत्थरबाज़ी, आगज़नी और हिंसा की, जिससे सार्वजनिक संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचा.'
दिल्ली पुलिस ने सीजेपी नेता अभिजीत दीपके की दादी के देहांत की सूचना न देने और अभद्र व्यहार का आरोप लगाए जाने का जोरदार तरीके से खंडन किया है. पुलिस ने प्रेसवार्ता करके कहा कि सीजेपी नेता गलतबयानी कर रहे हैं. DCP नेहा यादव कहती हैं, 'जैसे ही दिल्ली पुलिस को 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के फाउंडर अभिजीत दिपके की दादी के निधन की खबर मिली, अधिकारी उन्हें यह दुखद समाचार देने और हर संभव मदद की पेशकश करने के लिए उनके पास पहुंचे. उन्होंने संवेदनशीलता के साथ पूछा कि क्या उन्हें फ्लाइट, फोन कॉल या किसी और चीज़ में मदद की ज़रूरत है. उन्होंने बार-बार पूछा कि क्या वह अपने माता-पिता से बात करना चाहते हैं, लेकिन उन्होंने मना कर दिया.'
#WATCH | Delhi | DCP Neha Yadav says, "As soon as the Delhi Police received information about the passing away of Cockroach Janta Party (CJP) Founder Abhijeet Dipke's grandmother, officers approached him to convey this sad news and offered all possible assistance. They sensitively asked if he needed help with flights, phone calls, or anything else. They repeatedly asked if he wished to speak to his parents, but he declined...Regarding CJP, their past conduct showed a failure to adhere to previously given undertakings and local directives. When permission was granted previously, they did not abide by the law; the crowd they mobilized engaged in heavy stone-pelting, arson, and violence, causing significant damage to public property. Permission for the proposed sit-in protest at Janpath was denied due to the failure to follow prescribed procedures, a history of non-compliance with laws and guidelines, and the prevailing security and law-and-order situation. To ensure Delhi's security and protect the lives and property of its citizens, Section 133 BNSS was imposed in several areas of the city, prohibiting any form of gathering or protest. Abhijeet Dipke and two of their associates were detained on October 10 in connection with a call for a protest at Janpath as permission for the demonstration had not been granted"
— ANI (@ANI) October 11, 2026
कॉकरोच जनता पार्टी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने कहा, 'उन्होंने हमारे फोन जब्त कर लिए लेकिन जब्ती का कोई मेमो नहीं दिया. हमें आशंका है कि हमारे फोन हैक या क्लोन किए गए हैं. जैसा कि पिछले कुछ सालों में दूसरे एक्टिविस्ट्स के साथ हुआ है, हमें डर है कि उन्होंने हमारे डिवाइस हैक करके उनमें ऐसे दस्तावेज या दूसरी चीजें डाल दी हों जिन्हें बाद में सबूत के तौर पर पेश किया जा सके. हम यह साफ करना चाहते हैं कि हमारे फोन शायद हैक हो चुके हैं.'
दिल्ली: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने कहा, "उन्होंने हमारे फोन जब्त कर लिए लेकिन जब्ती का कोई मेमो नहीं दिया... हमें आशंका है कि हमारे फोन हैक या क्लोन किए गए हैं। जैसा कि पिछले कुछ सालों में दूसरे एक्टिविस्ट्स के साथ हुआ है, हमें डर है कि उन्होंने हमारे डिवाइस हैक करके उनमें ऐसे दस्तावेज या दूसरी चीजें डाल दी हों जिन्हें बाद में सबूत के तौर पर पेश किया जा सके... हम यह साफ करना चाहते हैं कि हमारे फोन शायद हैक हो चुके हैं..."
— ANI_HindiNews (@AHindinews) October 11, 2026
बीजेपी प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने कहा, 'राहुल गांधी जी ने एक बार पुनः चेन्नई में निराधार , अनर्गल आरोप लगाए हैं. उन्होंने हमारे मोदी जी के ऊपर लगाने का प्रयास किया है. उन्होंने कहा कि तमिल भाषा के ऊपर आक्रमण किया जा रहा है. बात यह है कि तमिल का सम्मान प्रधानमंत्री जी की ओर से किया जा रहा है. जब तमिल सेंगोल को नई पार्लियामेंट बिल्डिंग में रखा गया, उस समय कांग्रेस ने उसका विरोध किया? लेकिन राहुल गांधी ये नहीं चाहते. वे चाहते हैं कि देश में विभाजन बना रहे.'
CJP की लीगल अफेयर्स हेड रत्ना सिंह कहती हैं, 'विरोध-प्रदर्शन चल रहा है. आज भी विरोध-प्रदर्शन हो रहा है. यह उसी तरह का टेम्प्लेट (मजिस्ट्रेट की शर्तें) है. जब भी वे प्रिवेंटिव डिटेंशन (एहतियाती हिरासत) करते हैं, तो उस पर सभी को साइन करना होता है. इसलिए कोई खास शर्तें नहीं लगाई गई हैं. यह सामान्य प्रक्रिया है जिसके तहत ऐसा किया जाता है.' अपनी हिरासत को लेकर लगाए गए आरोपों पर वह कहती हैं, 'यह सब रिकॉर्ड पर था, इसलिए यह घटना हुई थी.'
दिल्ली पुलिस ने आरके पुरम एरिया में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रोटेस्ट कर रहे वामपंथी छात्र संगठन AISA के कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया. इसके बाद उन्हें बस में बिठाकर थाने ले जाया गया.
#WATCH | Delhi: Workers of the All India Students' Association detained by Delhi Police while holding a protest against CEC Gyanesh Kumar near the RK Puram area. https://t.co/I69OoKBMsv
— ANI (@ANI) October 11, 2026
दिल्ली में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में CJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा, 'हम उन चार पूर्व मुख्यमंत्रियों अरविंद केजरीवाल, ममता बनर्जी, माणिक सरकार और पिनाराई विजयन के उस कदम की दिल से सराहना करते हैं, जिसके तहत वे कल सड़कों पर उतरे. हमारी डेमोक्रेसी को बचाने के लिए देश के छात्रों और युवाओं के साथ मिलकर उन्होंने जो लड़ाई लड़ी, उसके लिए हम उनके बहुत आभारी हैं. हमें उम्मीद है कि भविष्य में भी ऐसे सभी संगठन और राजनीतिक दल मिलकर यह लड़ाई लड़ते रहेंगे. विरोध-प्रदर्शन अभी भी जारी हैं. आज भी CJP के कई साथियों को हिरासत में लिया गया और उनके साथ मारपीट की गई. आज पूरी SFI टीम को हिरासत में ले लिया गया. पिछले कुछ दिनों में AISF के कई सदस्यों को भी हिरासत में लिया गया और उनके साथ मारपीट की गई.'
#WATCH | Delhi: During a press conference, CJP National Spokesperson Ashutosh Ranka says, "We sincerely appreciate the way four former Chief Ministers—Arvind Kejriwal, Mamata Banerjee, Manik Sarkar, and Pinarayi Vijayan—took to the streets yesterday. We are deeply grateful for the battle they waged alongside the country's students and youth to safeguard our democracy, and we hope that all such organizations and political parties will continue to fight this battle together in the future. The protests are still ongoing. Even today, several colleagues from CJP have been detained and subjected to physical assault. The entire SFI team was detained today. Many members of AISF have also faced detention and assault over the past few days..."
— ANI (@ANI) October 11, 2026
रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने केंद्र सरकार पर वोट चोरी को आसान बनाने के लिए चुनाव आयोग की स्वायत्तता को कमजोर करने का आरोप लगाया और घोषणा की कि वह और राहुल गांधी सोमवार को भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) से मिलेंगे.
बेंगलुरु में पत्रकारों से बात करते हुए खड़गे ने कहा कि दोनों नेताओं ने देश में लोकतंत्र की मौजूदा स्थिति के बारे में न्यायपालिका को अवगत कराने के लिए CJI को औपचारिक रूप से पत्र लिखकर शाम 4:00 बजे से 5:00 बजे के बीच मिलने का समय मांगा है.
उन्होंने कहा कि कल हम भारत के मुख्य न्यायाधीश से भी मिलने जा रहे हैं. मैंने एक पत्र लिखा है और राहुल जी ने भी एक पत्र लिखा है. हमने शाम 4:00 बजे से 5:00 बजे के बीच का समय तय कि
दिल्ली के कनॉट प्लेस से CJP प्रदर्शनकरियो को पुलिस ने हिरासत में लिया गया. 25 से 30 की संख्या में प्रदर्शनकारी कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क पर पहुंचे थे और वहां से जंतर मंतर पहुंचने की कोशिश कर रहे थे. लेकिन बाद और दिल्ली पुलिस के जवानों ने उन्हें तुरंत डिटेन किया डिटेन करने के बाद उम्हे नागरिक अभी रक्षा वाहिनी जो बस है, उसके जरिए उन्हें डिटेंशन सेंटर भेजा गया है और लगातार दिल्ली पुलिस प्रदर्शनकारियों पर धर पकड़ कर रही है.
केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने कहा कि ऐसा लगता है कि कांग्रेस पार्टी के पास विरोध करने के अलावा और कोई काम नहीं है, और ज्ञानेश कुमार के इस्तीफ़े की उसकी मांग गलत है. लगभग 132 मौजूदा और रिटायर्ड सिविल सर्वेंट्स ने चुनाव आयोग के फैसले का बचाव किया है और कई रिटायर्ड जजों ने भी वोटरों के नाम हटाने के फैसले का समर्थन किया है.
कांग्रेस सांसद अमर सिंह ने कहा कि हम मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तक उनके खिलाफ विरोध जारी रखेंगे. हेर-फेर करके वोट हटाए जा रहे हैं और इसके खिलाफ हमारा आंदोलन नहीं रुकेगा.
#WATCH | Chandigarh: Congress MP Amar Singh says, "... We will continue protesting against Chief Election Commissioner Gyanesh Kumar until he resigns. Votes are being deleted through manipulation, and our agitation against this will not stop..." https://t.co/RsKYYQR9vk
— ANI (@ANI) October 11, 2026
सीजेपी के मुखिया अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट किया और लिखा कि दुख की इस घड़ी में अपने परिवार के साथ रहने के लिए मैं अपने गांव लौट रहा हूं. सौरव और आशु जल्द ही दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगें. CJP न तो पीछे हटेंगे और न ही डरेंगे. 10 अक्टूबर को इस तानाशाही के अंत की शुरुआत के तौर पर याद किया जाएगा.
Heading back to my village to be with my family during this moment of grief. Saurav and Ashu will address a press conference shortly in Delhi. The CJP will neither back down nor be intimidated. October 10 will go down as the beginning of the end of this dictatorship.
— Abhijeet Dipke (@abhijeet_dipke) October 11, 2026
सुप्रीम कोर्ट में सीजेपी प्रदर्शन से जुड़ी याचिका को लेकर वकील कैलाश मोरे ने कहा कि इंटरनेट सेवाएं बहाल कर दी गई हैं. दूसरी बात, आज सभी मेट्रो स्टेशन सामान्य रूप से चल रहे हैं. तीसरी बात, यह कहा गया कि शांतिपूर्ण विरोध लोगों का मौलिक अधिकार है; वे बिना हथियार के और कानून का उल्लंघन किए बिना विरोध कर सकते हैं. दिल्ली के बाहर से आने वाली ट्रेनें, जिन्हें पहले नई दिल्ली और निजामुद्दीन रेलवे स्टेशनों पर रुकने से रोका गया था, उनके लिए अब सामान्य रूप से चलने के निर्देश जारी किए गए हैं. इसके अलावा, नागरिकों की आवाजाही पर लगाई गई पाबंदियां आवाजाही एक मौलिक अधिकार है, जिसे कल पूरी दिल्ली में सीमित कर दिया गया था. अदालत ने हटा ली हैं, जिससे कोई भी नागरिक शहर के भीतर स्वतंत्र रूप से घूम सकता है. अदालत ने स्पष्ट रूप से पुष्टि की कि शांतिपूर्ण विरोध नागरिक का मौलिक अधिकार है. यह भी कहा गया कि किसी भी व्यक्ति को कानून की उचित प्रक्रिया के बिना हिरासत में नहीं लिया जा सकता; नतीजतन, कल की गिरफ्तारियों या हिरासत के बाद गैर-कानूनी रूप से हिरासत में रखे गए किसी भी व्यक्ति को रिहा करने के आदेश जारी किए गए हैं.
#WATCH | Delhi | Advocate Kailash More says, "Internet services have been restored. Secondly, all metro stations are operating normally today. Thirdly, it was stated that peaceful protest is a fundamental right of the people; they may protest unarmed and without violating the law... Regarding trains arriving from outside Delhi—which were previously barred from stopping at New Delhi and Nizamuddin railway stations—instructions have now been issued for them to operate normally. Furthermore, the restrictions placed on the movement of citizens—movement being a fundamental right that was curtailed across Delhi yesterday—have been lifted by the court, allowing any citizen to move freely within the city. The court explicitly affirmed that peaceful protest is a citizen's fundamental right... It was also stated that no individual can be detained without due process of law; consequently, orders have been issued to release anyone held in unlawful custody following yesterday's arrests or detentions..."
— ANI (@ANI) October 11, 2026
जंतर-मंतर पर आज भी कुछ प्रदर्शनकारी पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं. कनॉट प्लेस में पुलिस ने इस प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया है. पुलिस इन्हें डिटेन कर ले गई. इस दौरान कुछ प्रदर्शनकारी हंगामा करते भी दिखे.
#WATCH | Delhi Police detain protesters gathered at the Inner Circle of Connaught Place. https://t.co/oGTNGY5Qiy
— ANI (@ANI) October 11, 2026