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झारखंड के बोकारो जिले में सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की धीमी रफ्तार से बुजुर्ग लोग दाने-दाने को मोहताज हो रहे हैं! मामला पेटरवार प्रखंड क्षेत्र की खेतको पंचायत का है. यहां पिछले 6 महीनों से वृद्धा पेंशन की राशि न मिलने से हताश कई बुजुर्ग महिलाओं और पुरुषों ने पंचायत की मुखिया अनवरी खातून के आवास पर पहुंचकर अपनी व्यथा सुनाई.
उम्र के इस पड़ाव पर पेंशन ही उनका एकमात्र सहारा
बुजुर्गों का कहना है कि उम्र के इस पड़ाव पर पेंशन ही उनका एकमात्र सहारा है, जिससे वे अपनी दवाइयों और छोटी-मोटी जरूरतों को पूरा करते हैं. 6 महीने से पेंशन बंद होने की वजह से हमारे सामने जीवन-यापन का संकट खड़ा हो गया है. उन्होंने कहा कि मजबूर होकर जब उन्हें कोई रास्ता नहीं दिखा, तो वे अपनी फरियाद लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधि के पास पहुंचे. स्थानीय जनप्रतिनिधि से सरकार तक बात पहुंचाने की गुहार लगाई और अपनी परेशानी बताई.
6 महीने से नहीं मिल रही पेंशन
वृद्ध महिला ने कहा कि पेंशन नहीं मिलने की वजह से उनको भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. उन्होंने कहा कि 2 हजार 500 रुपया हर महीना मिलता है, 6 महीने से नहीं मिल रहा है. 5 हजार रुपए दो ही महीने में हो गए.
मुखिया ने जताई चिंता, सीएम से की अपील
मामले की गंभीरता और बुजुर्गों की लाचारी को देखते हुए पंचायत मुखिया अनवरी खातून ने तुरंत संज्ञान लिया. उन्होंने बुजुर्गों की हालत पर गहरी चिंता व्यक्त की. पंचायत मुखिया अनवरी खातून ने कहा कि झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से सीधे हस्तक्षेप की अपील की है. साथ ही मुखिया ने सरकार से मांग की है कि बेबस और जरूरतमंद बुजुर्गों की स्थिति को देखते हुए उनकी रुकी हुई पेंशन राशि का बिना देरी किए भुगतान कराया जाए, ताकि उन्हें इस आर्थिक तंगी से राहत मिल सके.
रिपोर्ट: मृत्युंजय मिश्रा