SOCIAL MEDIA

Newsletter

PARTNER SITES
Select language

खूंटी में फादर बैनेदिक बारला पर हमले का खुलासा, ईसाई समुदाय के ही 4 नाबालिगों ने किया था हमला... 3 गिरफ्तार

खूंटी में प्रधानाचार्य फादर बैनेदिक बारला पर हुए हमले की गुत्थी को पुलिस ने सुलझा लिया है. 36 घंटे के भीतर चार में से तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. घटना को अंजाम देने वाले आरोपी उसी विद्यालय के एक्स छात्र और नाबालिग हैं.

Edited By Ranjana Kumari
Published: Oct 24, 2026, 08:26 AM IST | Updated: Oct 24, 2026, 08:44 AM IST
Image Credit: खूंटी में फादर बैनेदिक बारला पर हमले का खुलासा (जी मीडिया)
Join

खूंटी में रोमन कैथोलिक मध्य विद्यालय के प्रधानाचार्य फादर बैनेदिक बारला पर हुए जानलेवा हमले की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है. 20 अक्टूबर की रात करीब 8:30 बजे, फादर बैनेदिक बारला किसी कार्यक्रम से लौटे. वे जिस कमरे में रहते थे, आरसी मध्य विद्यालय के अंदर उसी कमरे के पास ईसाई समुदाय के चार नाबालिग मेला घूमने के लिए पैसे चुराने के लिए दीवार फांदकर घुसे और घात लगाकर बैठे थे. जैसे ही फादर कमरे के अंदर गए, उनकी उन लड़कों से भिड़ंत हो गई. दोनों पक्षों के बीच हाथापाई हुई और फिर चारों ने मिलकर खुखरी-चाकू से उन पर हमला कर दिया. इसके बाद वे दूसरी मंजिल से छलांग लगाकर भाग निकले.

ईसाई समुदाय के लोगों ने किया विरोध

अगले दिन यानी 21 अक्टूबर की सुबह जब ईसाई समुदाय के लोगों को इस घटना की जानकारी मिली, तो वे आक्रोशित हो गए और नाराजगी जताते हुए खूंटी शहर को सड़क जाम कर बंद करा दिया. पुलिस प्रशासन पर दबाव बनाने के लिए जमकर नारेबाजी की गई. लोगों के हाथों में तख्तियां और बैनर थे, जिन पर 'ईसाइयों पर हमला बंद करो', 'धर्मगुरुओं पर हमला बंद करो', 'अपराधियों को अविलम्ब गिरफ्तार करो' और 'न्याय दो' जैसे नारे लिखे हुए थे. घटना के तीसरे दिन शहर में मौन जुलूस निकाला गया, जिसमें हजारों महिला-पुरुष शामिल हुए. सभी के हाथों में न्याय और गिरफ्तारी की मांग वाले नारे लिखे स्लोगन पट्टे थे. यह जुलूस लोयला ग्राउंड में जाकर समाप्त हुआ.

36 घंटे के अंदर मामले का पर्दाफाश

पुलिस ने करीब 36 घंटे के भीतर ही इस घटना का खुलासा कर दिया और इसमें शामिल चार में से तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया. ये आरोपी कोई और नहीं, बल्कि उसी विद्यालय के पूर्ववर्ती (एक्स) छात्र और ईसाई समुदाय के ही युवा हैं, जिन्होंने इस घटना को अंजाम दिया था. उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है, जबकि चौथे आरोपी की तलाश जारी है. शुरुआत में लोगों की यह मानसिकता बनने लगी थी कि शायद किसी गैर-ईसाई समुदाय के लोगों ने पादरी पर हमला किया है.

यह भी पढ़ें: फादर बैनेदिक बारला पर जानलेवा हमला, विरोध में रहा बंद खूंटी, दिनभर ठप रहा शहर

इस मामले से जोड़ी जा रही थी घटना

इस घटना को पड़हा राजा सोमा मुंडा की हत्या से भी जोड़ा जा रहा था, जिनकी पिछले 7 जनवरी को हत्या कर दी गई थी. उस मामले में भी जन जातीय लोगों की यह मानसिकता थी कि गैर-जनजातीय लोग जमीन की दलाली कर रहे हैं और हिंदुओं ने उनकी हत्या की है. लेकिन जब उसका उद्भेदन हुआ, तो पता चला कि हत्या उनके ही पड़ोसी ने की थी, जिसके साथ 14 डिसमिल जमीन को लेकर रंजिश चल रही थी. जन जातीय जनाक्रोश और दबाव के कारण तब आठ लोगों की गिरफ्तारी हुई थी, लेकिन अनुसंधान में जनजातीय लोग ही दोषी पाए गए और मामला शांत हो गया.

रिपोर्ट: ब्रजेश कुमार

Add Zee News as a Preferred Source
TAGS:

About the Author

रंजना कुमारी Zee Bihar Jharkhand की डिजिटल टीम में बतौर Sub-Editor अपनी जिम्मेदारी निभा रही हैं. बिहार के सिवान जिले के जीरादेई से ताल्लुक रखने वाली रंजना स्थानीय और जमीनी मुद्दों पर गहरी पकड़ रखती हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में वे मुख्य रूप से राजनीति, क्राइम, यूटिलिटी और देश-दुनिया की अहम रूटीन खबरों को प्रमुखता से कवर करती हैं. Zee Media का हिस्सा बनने से पहले रंजना ने न्यूज इंडिया 24x7 में भी डेढ़ साल तक अपनी सेवाएं दी थीं. एकेडमिक की बात करें तो रंजना GJU से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन कर रही हैं.
Read More

ZEENEWS TRENDING STORIES