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20 करोड़ का प्लॉट, 14 साल की जंग: गुजरात सरकार के इस एक फैसले से यूसुफ पठान की बल्ले-बल्ले!

2012 से शुरू हुआ कानूनी विवाद अब खत्म हो चुका है. 2024 में मामला बिगड़ने पर पठान को नोटिस जारी किया. नगर निगम के उस एक्शन को चुनौती देते हुए पठान गुजरात हाईकोर्ट पहुंचे थे. इसके बाद अगस्त 2025 में हाईकोर्ट ने सरकार के उस फैसले को सही ठहराया, जिसमें जमीन का आवंटन खारिज किया गया था.

20 करोड़ का प्लॉट, 14 साल की जंग: गुजरात सरकार के इस एक फैसले से यूसुफ पठान की बल्ले-बल्ले!
Image Credit: यूसुफ पठान (OfficialYusufPathan)

गुजरात सरकार ने पूर्व क्रिकेटर और सांसद यूसुफ पठान के पक्ष में वडोदरा के तांदलजा स्थित विवादित प्लॉट के आवंटन को मंजूरी दे दी है. करीब 20 करोड़ रुपये कीमत वाले इस भूखंड का एक हिस्सा मुफ्त उपहार के रूप में और बाकी रियायती दरों पर दे दिया जाएगा. यह फैसला विशेष मामले के तहत हुआ है, जिससे लंबे समय से चल रहे कानूनी विवाद का अंत हो गया है. ये फैसला पठान के लिए बड़ी राहत बनकर आया है, जिससे उनके दिल और दिमाग दोनों को काफी सुकून मिला होगा. 

विशेष अधिकार के तहत फैसला

राज्य सरकार ने तांदलजा क्षेत्र में स्थित 978 वर्ग मीटर के प्लॉट, जिसकी कीमत 20.53 करोड़ रुपये है, उसको यूसुफ को अवांटित करने की हरी झंडी दी है. कुल 978 वर्ग मीटर जमीन में से 500 वर्ग मीटर जमीन यूसुफ पठान को आवासीय उद्देश्य से निःशुल्क उपहार के रूप में दी जाएगी. शेष 478 वर्ग मीटर जमीन निर्धारित मूल्य पर 45 प्रतिशत की छूट के साथ हस्तांतरित की जाएगी. राज्य सरकार ने स्पष्ट किया कि यह निर्णय केवल विशेष मामले के रूप में लिया गया है और इसे भविष्य के लिए मिसाल नहीं माना जाएगा.

सुर्खियों में है पठान

राजस्व विभाग इस जमीन के मूल्य के बराबर दूसरी जमीन वडोदरा महानगरपालिका को मुआवजे के रूप में आवंटित करेगा. प्लॉट आवंटन को लेकर वडोदरा महानगरपालिका की स्थायी समिति और सामान्य सभा की मंजूरी के बाद अंतिम निर्णय लिया जाएगा. इस विवादित प्लॉट के पास ही पठान परिवार का घर स्थित है. गौरतलब है कि यूसुफ हाल ही में तृणमूल कांग्रेस पार्टी को छोड़कर नेशनलिस्ट सिटजिन्स पार्टी ऑफ इंडिया में शामिल हुए हैं.

कैसे खिंचा मामला?

साल 2012 में यूसुफ पठान ने वडोदरा नगर निगम से बिना नीलामी के एक प्लॉट 99 साल की लीज पर देने की मांग की थी. अपने आवेदन में उन्होंने पूर्व क्रिकेटर होने और सुरक्षा कारणों का हवाला दिया था. वीएमसी ने इस प्रस्ताव पर सहमति भी जता दी थी और उस समय प्लॉट की कीमत करीब 5.6 करोड़ रुपये आंकी गई थी, जिसे चुकाने के लिए पठान तैयार थे. हाालंकि, बिना नीलामी के जमीन आवंटित करने के लिए राज्य सरकार की मंजूरी जरूरी थी. बाद में 2014 में गुजरात के शहरी विकास विभाग ने इस प्रस्ताव को मंजूरी देने से इनकार कर दिया था. इसके बावजूद नगर निगम का आरोप था कि प्रस्ताव रद्द होने के बाद भी पठान ने जमीन के चारों ओर घेराबंदी कर ली थी.

इसके बाद 2024 में नगर निगम ने कथित अतिक्रमण हटाने के लिए पठान को नोटिस जारी किया. इस कार्रवाई को चुनौती देते हुए उन्होंने गुजरात हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया. हालांकि, अगस्त 2025 में हाईकोर्ट ने सरकार के उस फैसले को सही ठहराया, जिसमें जमीन का आवंटन खारिज किया गया था. वहीं, जून 2026 में सुनवाई के दौरान अदालत ने भी यह सवाल उठाया कि जब न तो जमीन का आवंटन हुआ और न ही उसके लिए कोई भुगतान या आवश्यक औपचारिकताएं पूरी की गईं, तो किसी व्यक्ति का उस जमीन पर अधिकार कैसे माना जा सकता है. इसके बाद 31 अगस्त 2026 को यूसुफ ने हाई कोर्ट से बिना शर्त अपनी याचिका वापस ले ली थी.
 

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Shwetank Ratnamber

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श्वेतांक रत्नाम्बर वरिष्ठ पत्रकार हैं, जिन्हें टीवी और डिजिटल न्यूज़ मीडिया में 22 वर्षों से ज्यादा का व्यापक अनुभव है. वर्तमान में वे Zee News (Hindi) की डिजिटल टीम में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय (देश-दुनिया) खबरों की डेस्क पर कार्यरत हैं. समसामयिक मुद्दों, वैश्विक राजनीति और कूटनीति पर गहरी समझ रखने वाले श्वेतांक जटिल अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों और राजनीतिक समीकरणों का सटीक विश्लेषण करने के विशेषज्ञ हैं.Zee News डिजिटल से पहले उन्होंने ज़ी मीडिया नेटवर्क के ग्लोबल न्यूज़ चैनल 'WION' के साथ काम किया है. इस दौरान उन्होंने 'Gravitas', 'The West Asia Post' और 'One Africa' जैसे कई प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय प्राइम-टाइम शोज़ के हिंदी प्रोडक्शन और इंटरप्रिटेशन में अहम भूमिका निभाई. 2004 से शुरू हुए अपने पत्रकारिता करियर में श्वेतांक ने रिपोर्टिंग और एंकरिंग के साथ-साथ चार लोकसभा और कई राज्यों के विधानसभा चुनावों की व्यापक ग्राउंड कवरेज की है.जामिया मिल्लिया इस्लामिया (JMI), नई दिल्ली से जर्नलिज्म में पीजी डिप्लोमा के बाद मास कम्युनिकेशन और पॉलिटिकल साइंस में मास्टर्स डिग्री हासिल करने वाले श्वेतांक लंबे समय से 'प्रेस क्लब ऑफ इंडिया' (PCI) के सम्मानित सदस्य हैं.आप श्वेतांक रत्नाम्बर से सीधे shwetank.ratnamber@india.com पर ईमेल के जरिए संपर्क कर सकते हैं. इसके अलावा आप उनसे एक्स (ट्विटर), मेटा (फेसबुक) और लिंक्डइन पर भी कनेक्ट कर सकते हैं.' 
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