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टाइगर श्रॉफ के ऊपर रविवार शाम को मुंबई के जुहू इलाके में फायरिंग हुई है. जिसकी वजह से चारों ओर हड़कंप मच गया है.
इस हमले की जिम्मेदारी तो लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम से सोशल मीडिया पर ले ली गई है. जिसमें अनिल पंडित और हरमन संधु का नाम सामने आया है.
वैसे तो टाइगर श्रॉफ को पहले से भी धमकी मिल रही थी. जिसमें झूठी सुपारी देने का मामला शामिल था. ये हमला होने की वजह से उसपर भी पुलिस और लोगों का ध्यान जरूर जाएगा.
आज हुए हमले में तो टाइगर बिल्कुल सुरक्षित बच गए, लेकिन उनके ड्राइवर को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा.
वहीं लॉरेंस बिश्नोई गैंग के गुर्गों ने सोशल मीडिया पर ये दावा किया गया है कि उन्हें पहले भी फोन पर धमकियां दी गई थीं. लेकिन उन्होंने बात नहीं मानी. जिसका अंजाम उन्हें भुगतना पड़ा है.
इस घटना के होने की वजह से पिछले साल की एक घटना सामने आ गई है. कुछ समय पहले मुंबई पुलिस के कंट्रोल रूम में एक धमकी भरा फोन आया था, जिसमें अभिनेता की हत्या के लिए दो लाख रुपये की सुपारी दिए जाने का दावा किया गया था.
फोन करने वाले ने दावा किया था कि सिक्योरिटी कंपनी के कुछ लोग टाइगर को मारना चाहते हैं और उसे इस मर्डर का ठेका मिला है.
इस तरह के खतरनाक दावों ने पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ा दी थी, जिसके बाद तुरंत एक्शन लिया गया था.
इसके बाद क्या था पुलिस वालों ने जांच-पड़ताल किया लेकिन पूरा मामला फर्जी निकला. पुलिस ने अपना काम करते हुए उस आरोपी को पंजाब से धर दबोचा.
आरोपी का नाम सुजिंदर सिंह था. वो 35 साल का था और सुरक्षा गार्ड था. पुलिस ने आगे पूछताछ में पता किया कि आरोपी ने अपनी नौकरी जाने और सैलरी काटे जाने के गुस्से में आकर यह गंदा खेल खेला था.
आरोपी मनीष पहले मुंबई के खार इलाके में एक रेस्तरां में सुरक्षा गार्ड की नौकरी करता था. लगातार काम से गायब रहने के कारण कंपनी ने उसे नौकरी से निकाल दिया था और उसकी सैलरी भी रोक ली थी.
फिर क्या था, उसे गुस्सा आ गया और उसने अपने सीनियर्स और कंपनी के मालिकों को बुरी तरह फंसाने की प्लान बनाया.
उसे लगा कि टाइगर श्रॉफ जैसे बड़े स्टार के नाम का इस्तेमाल करने से पुलिस तुरंत हरकत में आ जाएगी और उसकी बात पर यकीन कर लेगी.
लेकिन ऐसा नहीं हुआ पुलिस ने उसके ऊपर गंभीर धाराओं में केस लगा कर उसे जेल में डाल दिया.