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'हवाई सफर मत कीजिए...' फ्लाइट किराये में 700% उछाल की याचिका पर SC का हैरान करने वाला जवाब!

फ्लाइट किरायों में 700% तक की भारी बढ़ोतरी पर दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने टिप्पणी की, 'हवाई सफर मत कीजिए...' जानिए अदालत के इस हैरान करने वाले रुख और पूरे मामले की जानकारी.

Written By Ravindra Pratap Singh
Published: Nov 02, 2026, 07:45 PM IST | Updated: Nov 02, 2026, 08:11 PM IST
Image Credit: 700% महंगे हवाई सफर पर सुप्रीम कोर्ट ने जल्द सुनवाई से क्यों किया इनकार?
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त्योहारों का सीजन यानी अपनों से मिलने की जल्दी और ट्रेन-बस में मारामारी. ऐसे वक्त में हर किसी को उम्मीद होती है कि शायद फ्लाइट से समय पर घर पहुंच जाएं. लेकिन जब दिवाली, भैया दूज और छठ पूजा के ठीक पहले फ्लाइट टिकटों की कीमतें सात गुना तक आसमान छूने लगें, तो आम आदमी कहां जाए?

इसी मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट में एक जल्द सुनवाई की गुहार लगाई गई थी, लेकिन अदालत ने तत्काल राहत देने से इनकार कर दिया. बेंच की अध्यक्षता कर रहे जस्टिस विक्रम नाथ ने वकील से बस इतना कहा-'तो फिर हवाई जहाज से सफर मत कीजिए.' और इसके बाद वे अगले मामले की सुनवाई के लिए आगे बढ़ गए.

मामला क्या है और क्यों मची है खलबली?

सोशल एक्टिविस्ट एस. लक्ष्मी नारायणन ने पिछले साल सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका (PIL) दाखिल की थी. इसमें त्योहारों के दौरान एयरलाइंस द्वारा वसूले जाने वाले 'मनमाने और अपारदर्शी' किरायों को चुनौती दी गई थी.

याचिकाकर्ता ने इस बार एक नई अर्जी लगाकर कोर्ट से तुरंत हस्तक्षेप की मांग की थी. अर्जी में कहा गया कि मुख्य याचिका पर अगली सुनवाई 16 नवंबर को तय है, लेकिन तब तक तो दिवाली, भैया दूज और छठ जैसे बड़े त्योहार बीत जाएंगे. ऐसे में अगर कोर्ट अभी सुनवाई नहीं करेगा, तो यात्रियों को मजबूरन कई गुना ज्यादा दाम देकर ही टिकट बुक कराने पड़ेंगे. लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल इस पर अर्जेंट सुनवाई करने से मना कर दिया.

इस मामले में पहले क्या बोले थे जस्टिस विक्रम नाथ?

दिलचस्प बात यह है कि इसी साल जनवरी में जब इस मामले पर सुनवाई हुई थी, तब जस्टिस विक्रम नाथ का रुख काफी सख्त था. उन्होंने त्योहारों के दौरान टिकटों की बढ़ती कीमतों पर चिंता जताते हुए इसे 'शोषण' करार दिया था. अदालत ने तब टिप्पणी की थी, 'हम इसमें जरूर दखल देंगे. कुंभ या अन्य त्योहारों के दौरान होने वाले शोषण को देखिए. दिल्ली से प्रयागराज और जोधपुर के किराये सामान्य दिनों से तीन-तीन गुना ज्यादा हो जाते हैं.'

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इसके बाद 15 मई की सुनवाई में भी जस्टिस नाथ और जस्टिस मेहता की बेंच ने केंद्र सरकार से कहा था कि किरायों में कुछ तर्कसंगतता होनी चाहिए. कोर्ट ने कहा था, 'लोगों को कुछ राहत देने की कोशिश कीजिए... एक ही दिन, एक ही रूट पर एक एयरलाइन 8,000 रुपये ले रही है तो दूसरी एयरलाइन इकोनॉमी क्लास का 18,000 रुपये वसूल रही है.'

सरकार और एयरलाइंस का क्या कहना है?

मई में सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार और नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) की तरफ से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट को बताया था कि नया कानून 'भारतीय वायुयान अधिनियम, 2024' आ रहा है और सरकार इसके तहत नए नियम बनाने की प्रक्रिया में है. दूसरी ओर, एयरलाइंस कंपनियां अक्सर त्योहारों के दौरान टिकट महंगे होने के पीछे एविएशन टरबाइन फ्यूल (ATF यानी हवाई ईंधन) की बढ़ती कीमतों को वजह बताती हैं.

केवल मांग के आधार पर 7 गुना किराया क्यों?

याचिकाकर्ता लक्ष्मी नारायणन का कहना है कि अगर ईंधन के दाम बढ़ते हैं, तो किराये में थोड़ा-बहुत बदलाव समझ आता है. लेकिन सिर्फ मांग ज्यादा होने के नाम पर किराये को 7 गुना तक बढ़ा देना सरासर शोषण है.

उन्होंने अपनी अर्जी में कुछ मजबूत तर्क दिए-

अब आगे क्या?

सुप्रीम कोर्ट के तुरंत सुनवाई से इनकार करने के बाद अब त्योहारों के इस सीजन में यात्रियों को राहत मिलने की उम्मीद लगभग खत्म हो गई है. मामला 16 नवंबर को सुना जाएगा, लेकिन तब तक लाख कोशिशों के बावजूद आम यात्री को अपने घर पहुंचने के लिए भारी-भरकम जेब ढीली करनी ही पड़ेगी.

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About the Author

रवींद्र प्रताप सिंह ने साल 2015 में जागरण.कॉम से डिजिटल मीडिया में कदम रखा मौजूदा समय वो ज़ी न्यूज डिजिटल में चीफ सब एडिटर हैं. अगस्त 2025 में उन्होंने ज़ी न्यूज ज्वाइन किया है. रवींद्र देश और दुनिया की खबरों के अलावा खेलों में क्रिकेट जगत और क्राइम की खबरों पर बेहतरीन पकड़ रखते हैं. इसके पहले रवींद्र रिपब्लिक भारत में इवनिंग शिफ्ट के इंचार्ज रहे और शाम की शिफ्ट संभालते हुए होम पेज की जिम्मेदारी रवींद्र के ऊपर थी. उससे पहले रवींद्र ने जनसत्ता और न्यूज नेशन में भी शाम की शिफ्ट और होम पेज की जिम्मेदारी बखूबी निभाई. इसके पहले रवींद्र ने 5 सालों तक पी7 और लाइव इंडिया जैसे न्यूज चैनलों में काम किया था. रवींद्र आकाशवाणी में काम करने का अनुभव रखते. अवध यूनिवर्सिटी से मॉस कम्युनिकेशन से पोस्ट ग्रेजुएट रवींद्र पिछले डेढ़ दशक से सक्रिय पत्रकारिता कर रहे हैं. आप रवींद्र से जुड़ने के लिए Ravindra.Singh@India.com पर मेल कर सकते हैं या फिर फेसबुक पर संपर्क करने के लिए https://www.facebook.com/pintu.singh.397 और एक्स पर https://x.com/rs66533 रवींद्र से संपर्क किया जा सकता है. 
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