ड्रग्स की समस्या और देश-विरोधी नेटवर्क के साथ इसके संभावित गठजोड़ के खिलाफ एक बड़ी कामयाबी में, श्रीनगर पुलिस ने गुरुवार को डाउनटाउन श्रीनगर के बीचों-बीच चल रहे एक बड़े अंतर-राज्यीय ड्रग्स नेटवर्क का भंडाफोड़ किया. अधिकारियों के अनुसार, यह शहर में मिले सबसे बड़े ड्रग्स नेटवर्क में से एक है, जो केंद्र शासित प्रदेश के बाहर से कश्मीर में प्रतिबंधित दवाइयों और नशीले पदार्थों की तस्करी कर रहा था.
एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में, श्रीनगर के SSP संदीप चक्रवर्ती ने जानकारी देते हुए बताया कि यह कोई आम मामला नहीं है, बल्कि एक संगठित नेटवर्क है. एम आर गंज पुलिस की कई टीमों ने श्रीनगर के साथ-साथ चंडीगढ़, अंबाला (हरियाणा) और पंजाब व उत्तर प्रदेश की अन्य जगहों पर एक साथ छापेमारी की. SSP ने सहयोग के लिए पंजाब पुलिस का विशेष रूप से धन्यवाद किया और पुष्टि की कि जम्मू-कश्मीर के बाहर दवा कंपनियों पर छापेमारी जारी है. इससे इस सिंडिकेट के अंतर-राज्यीय स्वरूप का पता चलता है, जो दूसरे राज्यों से ड्रग्स मंगाता था और एक जटिल चेन के ज़रिए घाटी में सप्लाई करता था.
श्रीनगर के SSP संदीप चक्रवर्ती ने कहा, 'मैं श्रीनगर के सफाकदल पुलिस स्टेशन में दर्ज FIR नंबर 135/2026 के बारे में जानकारी देना चाहता हूं. इस मामले की जांच के दौरान, डाउनटाउन श्रीनगर में सक्रिय एक बड़े ड्रग्स नेटवर्क का पता चला है. यह कोई सामान्य गिरफ्तारी का मामला नहीं है. जांच में डाउनटाउन श्रीनगर में चल रहे एक संगठित नेटवर्क का खुलासा हुआ है. हमने अब तक इस मामले में आठ आरोपियों को पकड़ा है. वसीम ज़रगर से शुरुआत करते हुए, पुलिस ने आगे की कड़ियों और कनेक्शन की चेन का पता लगाया और इन आठ आरोपियों तक पहुंची. जांच के दौरान अहम चीजें बरामद हुई हैं और उनके आगे के लिंक और कनेक्शन का भी पता चला है.'
चक्रवर्ती ने आगे बताया, 'इनमें से हर आरोपी की एक अलग भूमिका थी, और जांच से उनके बीच के संबंधों का पता चला है.इस ऑपरेशन में आठ लोगों को गिरफ़्तार किया गया, जिनकी पहचान पाटलीपोरा छत्ताबल के मोहम्मद वसीम ज़रगर, गुज़रबल छत्ताबल के हारिस हमीद मल्ला, रामपोरा छत्ताबल के आकिब सलीम डार, हफ्तियार सफा कदल के इनाम अहमद ज़रगर, दानमजार सफा कदल के साहिब अहमद गनाई, जबर मोहल्ला बड़गाम के अंसार हुसैन भट, पालपोरा नूरबाग के पीर शकूर और गुज़रबल छत्ताबल के हारून पंडित के तौर पर हुई है. दो आरोपी - मलिक साहब सफा कदल के फैजान फिरदौस खंडे (उर्फ फर्जान पुज्ज) और मुजफ्फर नगर, उत्तर प्रदेश के मोहम्मद शाहवर अलीम अभी भी फरार हैं.'
एसएसपी ने आगे बताया कि जांच के दौरान अब तक बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित सामान और कीमती चीजें बरामद और जब्त की गई हैं. इनमें 2,19,425 दवा की गोलियां/कैप्सूल, 3.830 किलोग्राम कोडीन वाला लिक्विड (कंटेनर सहित), लगभग 40 ग्राम हेरोइन जैसा पदार्थ, लगभग ₹85.75 लाख नकद, 108 सोने के सिक्के, सोने के बिस्कुट और करोड़ों रुपये के अन्य सोने के गहने/सामान, दो रोलेक्स घड़ियां, एक डायर लेडीज़ बैग, लेंस के साथ एक DSLR कैमरा, एक iPhone 16 Pro Max, दो खाली मैगजीन के साथ एक .32-इंच की पिस्तौल, एक खंजर और दो गाड़ियां शामिल हैं, जिन्हें कानून के अनुसार जब्त किया गया है. इसके अलावा, कई बैंक खातों में ₹1.07 करोड़ फ्रीज किए गए हैं और पाटलीपोरा छत्ताबल में मोहम्मद वसीम जरगर का एक रिहायशी घर भी जब्त किया गया है.
SSP ने आगे कहा, 'अब तक की बरामदगी की बात करें तो इस नेटवर्क से लगभग ₹90 लाख नकद ज़ब्त किए गए हैं. इसके अलावा, आरोपियों के लॉकर से लगभग एक किलोग्राम सोना बरामद किया गया है; इसमें सोने के सिक्के, सोने के बिस्कुट, महंगी घड़ियां, गहने और अन्य कीमती सामान शामिल हैं. साथ ही, हेरोइन, एक पिस्तौल और अन्य हथियार भी बरामद किए गए हैं. बरामदगी का पैमाना यह बताता है कि डाउनटाउन श्रीनगर में बड़े पैमाने पर संगठित आपराधिक गतिविधियां चल रही थीं.'
सफाकदल पुलिस स्टेशन में NDPS एक्ट, आर्म्स एक्ट और भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत FIR नंबर 135/2026 दर्ज की गई है. पूरे नेटवर्क का पता लगाने और आगे-पीछे के कनेक्शन की पहचान करने के लिए आगे की जांच चल रही है, और और भी गिरफ्तारियाँ होने की उम्मीद है.
पुलिस सूत्रों ने साफ़ किया है कि भारी मात्रा में नशीले पदार्थों और कीमती सामान के साथ-साथ भरी हुई पिस्तौल और खंजर मिलने से देश विरोधी तत्वों (जिनमें ओवर ग्राउंड वर्कर्स या OGWs भी शामिल हैं) की संभावित भूमिका को नकारा नहीं जा सकता है. अधिकारियों का कहना है कि इस संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता कि ऐसे तत्व नशीले पदार्थों के नेटवर्क का इस्तेमाल ड्रग्स की खरीद-फरोख्त और सप्लाई के लिए कर रहे थे, जिससे भारी फंड इकट्ठा हो रहा था और हो सकता है कि उसका इस्तेमाल देश-विरोधी गतिविधियों के लिए किया गया हो.
श्रीनगर, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ तक फैले इस ऑपरेशन के दायरे और नशीले पदार्थों व हथियारों की मौजूदगी को देखते हुए जांचकर्ता इस मामले को सिर्फ़ ड्रग तस्करी का रैकेट नहीं मान रहे हैं. श्रीनगर पुलिस प्रमुख ने कहा कि आगे की जांच चल रही है और हम देश-विरोधी तत्वों के साथ उनके कनेक्शन की संभावना से इनकार नहीं कर सकते, लेकिन अभी जांच जारी है.
इसके साथ ही SSP ने कहा, 'हमारा मकसद साफ़ है, इस पूरे संगठित नेटवर्क की पहचान करना और इसे पूरी तरह से खत्म करना है. मैं यह भी साफ करना चाहता हूं कि जांच अभी पूरी नहीं हुई है. निकट भविष्य में और गिरफ्तारियां और बरामदगी होने की संभावना है.'उन्होंने कहा, 'यह श्रीनगर में देश-विरोधी तत्वों से जुड़े नशीले पदार्थों के नेटवर्क का अब तक का सबसे बड़ा मामला है, जिसका पता चला है और जोड़ा कि इन पहलुओं की बारीकी से जांच की जा रही है.'
बरामद की गई चीजों से पुलिस का यह मानना और पक्का हो गया है कि यह नेटवर्क बहुत गहराई तक फैला हुआ था और खतरनाक हो सकता था. चल रही जांच का फोकस पूरी चेन का पता लगाने, देश-विरोधी तत्वों के साथ किसी भी बचे-खुचे लिंक की पहचान करने और यह सुनिश्चित करने पर है कि इसमें शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा न जाए. पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि यह कार्रवाई पूरी सख्ती के साथ जारी रहेगी.