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देश भर में एसआईआर और वोटर लिस्ट में संशोधन को लेकर हो रहे विपक्ष के बवाल के बीच चुनाव आयोग ने बड़ी अपडेट दी है. शुक्रवार को चुनाव आयोग की ओर से जारी एक आदेश में बताया गया कि जिस राज्य में एसआईआर हो गया है, वहां पर स्पेशल ड्राइव चलाया जाएगा. इस दौरान फर्स्ट टाइम वोटर या एसआईआर के दौरान छूटे गए नामों को जोड़ा जाएगा.
दरअसल, चुनाव आयोग की ओर से देश के 20 राज्यों और केंद्रशासित राज्यों में स्पेशल ड्राइव चलाने का निर्देश दिया गया है. ये ड्राइव केवल उन राज्यों में चलेगा, जहां पर एसआईआर की प्रक्रिया पूरी हो गई है. इसका उद्देश्य उन वोटर्स को लिस्ट में जोड़ा जाना है, जो एसआईआर के दौरान किसी कारणवश छूट गए थे या बाद में वोट देने के योग्य हुए.
चुनाव आयोग के नए आदेश से पता चलता है कि EC का उद्देश्य उन लोगों पर है, जो पहली बार मतदान करने जा रहे हैं. रिपोर्ट्स से पता चलता है कि चुनाव आयोग ने 29 सितंबर 2026 को सभी राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को पत्र लिखकर ये निर्देश दिया था. वहीं, गुरुवार (1 अक्टूबर) को सभी राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों के साथ हुई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में भी ये बात दोहराई.
Special drive in States/UTs after completion of Special Intensive Revision (SIR)
Commission has instructed to undertake a special drive for enrolment of left-out and first time/young electors.
Read in detail 👇 pic.twitter.com/s80LByssWx— Election Commission of India (@ECISVEEP) October 2, 2026
बताया जाता है कि चुनाव आयोग की ओर से मुख्य निर्वाचन अधिकारियों, जिला निर्वाचन अधिकारियों और निर्वाचक पंजीकरण अधिकारियों से कहा गया कि वो वोटर लिस्ट को लगातार अपडेट करने की प्रक्रिया के तहत योग्य लोगों के नाम जोड़ने में मदद करें.
चुनाव आयोग के अनुसार, देश के जिस राज्य में भी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन का काम पूरा हो गया है, वहां पर मतदाता सूची में फिर से नाम जुड़वाने के लिए लोग सामान्य फॉर्म 6 का इस्तेमाल कर पाएंगे. इसके लिए एसआईआर के दौरान लगाए गए अतिरिक्त घोषणापत्र की जरूरत नहीं होगी. निर्वाचन आयोग की ओर से 29 सितंबर को इस संबंध में आदेश जारी किया गया है. एसआईआर की अवधि समाप्त हो जाने के बाद वोटर रजिस्ट्रेशन, 1960 के तहत निर्धारित सामान्य फॉर्म का इस्तेमाल किया जा सकेगा.