SOCIAL MEDIA

Newsletter

PARTNER SITES
Select language

रिजीम चेंज पर भागवत 'प्रहार', फ्रांस का नाम लेकर बोले- ना भारत में पहले हुआ है, ना अब होगा

नागपुर स्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के मुख्यालय पर विजयादशमी उत्सव का कार्यक्रम चल रहा है. यहां पर संघ प्रमुख मोहन भागवत ने शस्त्र पूजा की, जिसके बाद एक स्वयंसेवकों को उन्होंने संबोधित किया और कहा कि हम जब भी बंटें हैं, हम कमजोर हुए.

Written By abhinav tripathi
Published: Oct 20, 2026, 09:15 AM IST | Updated: Oct 20, 2026, 10:03 AM IST
Image Credit: RSS चीफ मे स्वंयसेवकों को किया संबोधित. (फोटो- एआई)
Join

मंगलवार को राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ (RSS) का विजयादशमी उत्सव और शस्त्र पूजन कार्यक्रम में नागपुर में आयोजित किया गया. आज का यह कार्यक्रम इसलिए भी खास है, क्योंकि संघ ने अपनी स्थापना के कुल 101 साल पूरे कर लिए हैं. नागपुर में RSS चीफ मोहन भागवत ने शस्त्र पूजा की, इसके बाद उन्होंने स्वयंसेवकों को संबोधित किया. आरएसएस चीफ ने अपने संबोधन के दौरान बंगाल के राज नायारण बसु का जिक्र किया. उनके जन्म के 200 साल पूरे हो रहे हैं.

दरअसल, विजयादशमी का दिन आरएसएस के लिए खास होता है. साल 1925 में विजयादशमी के दिन ही RSS की स्थापना की गई थी. इस खास दिन पर आरएसएस से जुड़े स्वयंसेवक शस्त्रों की पूजा करते हैं और देश के अलग-अलग हिस्सों में विजयादशमी उत्सव भी मनाया जाता है. नागपुर स्थित RSS मुख्यालय में मोहन भागवत ने स्वयंसेवकों के परेड को सलामी दी. वहीं, उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि जब भी हम डरे, तो दुर्बल हो गए. हमें यह डर रहा कि हम रहेंगे की नहीं. दुर्बल व्यक्ति खुद को दरवाजों में बंद कर लेता है.

क्या बोले मोहन भागवत?

RSS के विजयादशमी समारोह में RSS प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि जब हमारा देश विदेशी हमलावरों के हमलों से जूझ रहा था, जब वे यहां 'स्वधर्म' का पालन करने वालों पर आतंक फैला रहे थे, और यहां आतंक का माहौल था, तब संत रविदास ने 'स्वधर्म निष्ठा', सामाजिक सद्भाव और भक्ति का संदेश फैलाया. अपने जीवन के उदाहरण से उन्होंने उस समय के समाज को दिलासा दिया और उनका हौसला बढ़ाया, साथ ही उनकी खूबियों को बनाए रखा. 

सनातन पर क्या बोले आरएसएस चीफ

इस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि भारत में अलग-अलग पंथ, प्रांत, जातियां, भाषाएं, खानपान और रीति-रिवाज हैं. लेकिन भारत को एकजुट होकर आगे बढ़ना है. भागवत ने कहा कि देश पहले भी एक होकर आगे बढ़ा है और भविष्य में भी इसी एकता के साथ आगे बढ़ता रहेगा. आरएसएस चीफ ने कहा कि यह हमारी सनातन काल से चली आई परंपरा है. सृष्टि में विविधता है. यह बिल्कुल स्वाभाविक है. विविधता जितनी स्वाभाविक और परिवर्तनशील है, उतनी ही संपूर्ण अस्तित्व की एकता का सत्य अचल, अटल और शाश्वत है.'

'जब हम बंटे, कमजोर हुए'

RSS चीफ मोहन भागवत ने कहा कि संघ का काम, जो 100 साल से चल रहा है, वह 'स्व' को जगाता है। उसी 'स्व' के सिद्धांत के आधार पर, भारत को एक करने और उसे मजबूत बनाने की कोशिशें हो रही हैं.'स्वबोध' संविधान की प्रस्तावना में दिखता है, हम, भारत के लोग. 'हम', 'स्व' की वह भावना हमारा इमोशनल जुड़ाव है जिससे इतना अलग-अलग तरह का देश पुराने समय से हमेशा एक देश, एक समाज, एक राष्ट्र रहा है. जब हम यह भूल गए, तो हमने गिरावट देखी, हम बंट गए और कमजोर हो गए, हम इतने नीचे गिर गए कि हमें सैकड़ों साल का गुलामी का दंश झेलना पड़ा.

फ्रांस दंगों का जिक्र कर RSS चीफ ने क्या कहा?

अपने संबोधन में फ्रांस में हो रहे विरोध प्रदर्शन का जिक्र करते हुए मोहन भागवत ने कहा कि एक पश्चिम से आंधी चली है, जो हर प्रकार की भद्रता, व्यवस्था और संस्कार का विरोध करती है और उसको नष्ट करना चाहती है. उन्होंने कहा कि देखिए आज फ्रांस में क्या हो रहा है, अल्बानिया, नेपाल और बांग्लादेश में क्या हुआ. वे कहते हैं, रिजीम चेंज करने से परिस्थित बदलेगी, लेकिन ऐसा कभी नहीं हुआ, आज भी नहीं होगा. 

यह भी पढ़ें: क्यों हर साल दशहरे पर RSS करता है शस्त्र पूजा, साल में मनाता है सिर्फ 6 त्योहार? कब और कैसे शुरू हुई परंपरा

यह भी पढ़ें: DNA: रील लाइफ हीरो vs रियल लाइफ विलेन: टाइगर श्रॉफ पर क्यों हुआ हमला... मुंबई में फिर 90s वाला अंडरवर्ल्ड खौफ?

Add Zee News as a Preferred Source
TAGS:

About the Author

अभिनव त्रिपाठी जी न्यूज हिंदी में बतौर सब एडिटर कार्यरत हैं।  पत्रकारिता के क्षेत्र में 3 साल से अधिक समय का अनुभव रखते हैं। डेस्क पर रियल टाइम की देश-विदेश की खबरों को कवर करते हैं। राष्ट्रीय राजनीति और अंतरराष्ट्रीय खबरों को लिखना पसंद है। वैश्विक घटनाक्रम के किसी भी जटिल मुद्दे को आसान भाषा में समझाना अच्छी तरीके से आता है। इससे पहले जागरण डॉट कॉम के साथ सब एडिटर के तौर पर काम कर चुके हैं।  करियर की शुरुआत एक सैटेलाइट चैनल से की थी। पत्रकारिता की पढ़ाई काशी विद्यापीठ वाराणसी से की है। 
Read More

ZEENEWS TRENDING STORIES