PDP नेता अब्दुल कबीर ने आतंकी बुरहान वानी को बताया 'शहीद', पुलिस ने लिया एक्शन
पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) के एक नेता द्वारा हिजबुल मुजाहिदीन के मारे गए आतंकी बुरहान वानी को ‘शहीद’ कहे जाने के बाद राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है. बीजेपी ने इस मुद्दे पर पीडीपी को घेर लिया है. तो वहीं, पुलिस ने भी पीडीपी नेता से पूछताछ शुरू कर दी है.
पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) के वरिष्ठ नेता अब्दुल कबीर ने आतंकी बुरहान वानी को शहीद बताकर नया सियासी विवाद खड़ा कर दिया है. अब्दुल कबीर पर आरोप है कि उन्होंने किश्तवाड़ा में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए आतंकी बुरहान वानी को शहीद कहा है. इतना ही नहीं उन्होंने अपने भाषण में दावा किया कि साल 2016 में बुरहान वानी के मारे जाने के बाद बीजेपी नेताओं ने उसके घर जाकर मुआवजा पहुंचाया था. उनके इस दावे ने विवाद को और बढ़ा दिया है. उधर दूसरी ओर, पुलिस उनके इस बयान की जांच शुरू कर दी है.
स्थानीय पुलिस ने पीडीपी नेता को किश्तवाड़ा पुलिस स्टेशन में बुलाकर उनके बयान के संबंध में पूछताछ की. जानकारी के मुताबिक, पुलिस ने उनसे इस बयान स्पष्ट करने को कहा है. पुलिस ने पूछा कि आखिर उन्होंने किस संदर्भ में बुरहान वानी को 'शहीद' बताया और उनके इस बयान का आधार क्या है? पुलिस की पूछताछ में अब्दुल कबीर ने कहा कि बुरहान वानी को शहीद कहना या ना कहना, हमारी अपनी आजादी है. उन्होंने कहा कि भारत देश में सभी को अपने विचार रखने की पूरी आजादी है. उन्हें भी अपनी व्यक्तिगत राय रखने के लोकतांत्रिक अधिकार मिले हुए हैं.
विवाद बढ़ने पर दी सफाई
हालांकि, इस मामले पर विवाद बढ़ने और कानूनी शिकंजा कसता देख पीडीपी नेता ने सफाई देते हुए कहा कि किसे शहीद माना जाए और किसे नहीं, यह तय करना निजी विचार का विषय है. उन्होंने कहा कि हम एक लोकतांत्रिक देश में रहते हैं. किसी को शहीद कहना या न कहना हमारी आजादी का हिस्सा है. मैंने जो भी कहा, वह मेरी व्यक्तिगत राय है और लोकतंत्र में सभी को अपनी बात रखने का पूरा अधिकार है. उन्होंने कहा कि उनके बयान को बेवजह का तूल दिया जा रहा है.
बीजेपी ने पीडीपी को घेरा
वहीं, बीजेपी ने पीडीपी नेता पर निशाना साधते हुए कहा कि बुरहान वानी एक खूंखार आतंकवादी था, जिसने घाटी के कई युवाओं को गुमराह किया. पीडीपी नेता द्वारा उसे ‘शहीद’ कहना और फिर इसे ‘व्यक्तिगत स्वतंत्रता’ का नाम देकर बचाना पूरी तरह से अस्वीकार्य है. बीजेपी नेताओं ने अब्दुल कबीर के दावे को भी सिरे खारिज कर दिया. उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी का कोई भी नेता बुरहान वानी के घर नहीं गया है.
कौन था बुरहान वानी?
बता दें कि बुरहान वानी दक्षिण कश्मीर के त्राल इलाके का रहने वाला था और उसके पिता मुजफ्फर अहमद वानी एक सरकारी स्कूल के हेडमास्टर थे. हालांकि, बुरहान वानी हिजबुल मुजाहिदीन का कुख्यात कमांडर था, जो 8 जुलाई 2016 को सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में मारा गया था. उस पर सुरक्षाकर्मियों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की हत्या जैसे कई गंभीर आरोप थे और उस पर 10 लाख रुपए का इनाम घोषित था.
इनपुट- आईएएनएस
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