बॉलीवुड एक्टर आमिर खान के भांजे इमरान खान के मामले में OCI कार्ड की काफी चर्चा हो रही है. OCI कार्ड क्या है? किसे और कैसे मिलता है? OCI कार्डधारकों को क्या अधिकार मिलते हैं और इमरान खान को देश छोड़ने का नोटिस क्यों मिला? इन दिनों लोगों के दिमाग में यही सवाल गूंज रहे हैं. बता दें कि भारत सरकार ने साल 2006 में OCI कार्ड बनाने की योजना शुरू की थी. भारत सरकार की कुछ शर्तों को पूरा करने वाले भारतीय मूल के विदेशी नागरिकों को यह कार्ड दिया जाता है, जिससे वे भारत में रह सकते हैं, घूम-फिर सकते हैं और नौकरी-रोजगार कर सकते हैं. हालांकि, उन्हें भारत की नागरिकता नहीं मिलती है. अमेरिकी नागरिकता रखने वाले एक्टर इमरान खान भी OCI कार्डधारक की हैसियत से पिछले कई वर्षों से भारत में रह रहे थे. विदेशी नागरिक होने के बावजूद वे CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ हुए प्रदर्शन में शामिल हुए थे, इस कारण से अब उन्हें भारत छोड़ने का आदेश मिल गया है.
OCI कार्डधारकों को क्या सुविधाएं मिलती हैं?
OCI कार्ड भारतीय मूल के विदेशी नागरिकों को ही मिलता है, लेकिन इसका मतलब यह भी नहीं यह कार्ड दोहरी नागरिकता का प्रमाणपत्र है. OCI कार्डधारक खुद को भारतीय होने का दावा बिल्कुल नहीं कर सकता. हालांकि, OCI कार्डधारकों को अन्य विदेशी नागरिकों की तुलना में भारत में रहने, नौकरी-रोजगार करने और घूमने-फिरने की आजादी से संबंधित कई अधिकार मिल जाते हैं.
आजीवन वीजा- आजीवन वीजा को गोल्डन वीजा भी कहते हैं. OCI कार्डधारकों को भारत का आजीवन वीजा मिल जाता है. इसका मतलब है कि वह विदेशी नागरिक पूरा जीवन देश में रह सकता है, घूम-फिर सकता है और नौकरी-रोजगार कर सकता है. वहीं, सामान्य वीजा की एक अवधि होती है, जिसके पूरा होने पर विदेशी नागरिक को देश छोड़ना पड़ता है.
FRRO में पंजीकरण से छूट- सामान्यतः 180 दिनों से अधिक समय के लिए भारत आने वाले विदेशी नागरिकों को FRRO में पंजीकरण कराना अनिवार्य होता है. लेकिन OCI कार्डधारकों को इससे छूट मिली हुई है, मतलब उन्हें FRRO में अपनी यात्रा का विवरण देने की जरूरत नहीं होती. आजीवन वीजा प्राप्त होने के कारण उन्हें वीजा की अवधि बढ़ाने के लिए भी FRRO के चक्कर काटने की जरूरत नहीं पड़ती है. अन्य विदेशी नागरिकों के लिए अब यह काम ऑनलाइन भी हो जाता है.
संवैधानिक सुरक्षा- OCI कार्डधारकों को भारतीयों की तरह अनुच्छेद 14 (समानता का अधिकार) और अनुच्छेद 21 (जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता का अधिकार) के तहत संवैधानिक सुरक्षा मिलती है. हालांकि, उनके पास भारतीय चुनाव प्रक्रिया में शामिल होने का अधिकार नहीं होता. वे ना तो वोट डाल सकते हैं और ना ही चुनाव लड़ सकते हैं. भारतीय संविधान के अनुच्छेद 326 के अनुसार, यह अधिकार सिर्फ 18 साल और उससे ज्यादा उम्र के भारतीय नागरिकों को मिला हुआ है. OCI कार्डधारकों के पास भारतीय मामलों में हस्तक्षेप, विरोध-प्रदर्शन करने का अधिकार भी नहीं होता. इमरान खान ने इसी का उल्लंघन किया है.

OCI कार्डधारकों को क्या किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
OCI कार्डधारक खुद को भारतीय नागरिक समझने की भूल नहीं करनी चाहिए. उन्हें भारत में रहने की इजाजत होती है, लेकिन भारत के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करने का अधिकार नहीं होता. OCI कार्डधारकों को भारत में किसी संवैधानिक पद (मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति या जज) पर नियुक्ति नहीं मिल सकती. वे भारत में स्थायी सरकारी नौकरी नहीं कर सकते. इसके अलावा वे भारत में आवासीय और व्यवसायिक जमीन छोड़कर ना तो कृषि योग्य भूमि खरीद सकते हैं और ना ही बागान या फार्महाउस के मालिक बन सकते हैं. रिसर्च वर्क, पत्रकारिता और मिशनरी कार्यों को करने से पहले FRRO से इजाजत जरूर लेनी चाहिए.