अब 4 नहीं 6 साल: अग्निवीरों को मिला बड़ा तोहफा, मोदी सरकार ने दो साल बढ़ाई सर्विस
केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार अग्निवीर योजना में बड़ा बदलाव किया है. अब अग्निवीरों की चार साल की सेवा अवधि बढ़ाकर छह साल हो गई है. यानी अग्निवीरों को दो साल का अतिरिक्त एक्सटेंशन मिलेगा.
केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने अग्निवीर योजना में बड़ा बदलाव किया है. अग्निवीरों की चार साल की सेवा अवधि बढ़ाकर छह साल की गई है.यानी अग्निवीरों को दो साल का अतिरिक्त एक्सटेंशन मिलेगा. CDS जनरल एन.एस. राजा सुब्रमणि ने इन बड़े बदलावों की जानकारी दी है. उन्होंने कहा, मेरिट के हिसाब से पहले 25 फीसदी को आर्म्स फोर्सेज में लिया जाता था. अब जो 75 फीसदी बचे हैं, उनको दो साल का और समय दिया जाएगा. इसके बाद उनको आर्म्स फोर्सेज में नियमित सैनिक बनने का ऑफर दिया जाएगा. यह उनकी इच्छा और आर्मी के क्राइटेरिया पर निर्भर रहेगा.
आर्म्ड फोर्सेज में शामिल होने का मिलेगा मौका
उन्होंने कहा,'आज का दिन भारतीय रक्षा बलों और हमारे 'अग्निवीरों' के लिए बहुत अहम है. कैबिनेट ने सभी अग्निवीरों के लिए भारतीय रक्षा बलों में शामिल होने का रास्ता खोल दिया है.'अग्निपथ' योजना 14 जून 2022 को शुरू की गई थी. उस समय यह बताया गया था कि अग्निवीरों के प्रदर्शन का लगातार मूल्यांकन किया जाएगा और समय-समय पर इस योजना की समीक्षा भी की जाएगी.'
सीडीएस ने आगे कहा, 'अग्निवीरों का पहला बैच अब अपना चार साल का कार्यकाल पूरा करने के करीब है. इन चार वर्षों में किए गए प्रदर्शन मूल्यांकन के आधार पर, हमें उनके काम को लेकर बहुत सकारात्मक फीडबैक मिला है. जैसा कि आप जानते हैं, योग्यता के आधार पर 25% अग्निवीरों को नियमित सेना में शामिल किया जाना है. पहले, 75% अग्निवीरों के लिए यह प्रावधान था कि वे अनुशासित और प्रेरित युवाओं के रूप में वापस समाज में लौटेंगे. हालांकि, अपडेट की गई योजना के तहत, बाकी 75% अग्निवीरों को अब दो साल की अतिरिक्त सेवा अवधि का अवसर दिया जाएगा. इस दो साल की अवधि के पूरा होने पर, जो भी इच्छुक होंगे, उन्हें एक निश्चित चयन प्रक्रिया के आधार पर सशस्त्र बलों में शामिल कर लिया जाएगा. इस योजना के ये चार मुख्य पहलू हैं.'
मौजूदा 'अग्निवीर' योजना क्या है?
अग्निपथ योजना, भारतीय थल सेना, नौसेना और वायु सेना के लिए भारत सरकार की ओर से शुरू किया गया एक अल्पकालिक सैन्य भर्ती मॉडल है. इसके तहत लोगों को चार साल के तय कॉन्ट्रैक्ट पर 'अग्निवीर' के रूप में भर्ती किया जाता है. इस अवधि के पूरा होने पर, प्रदर्शन और योग्यता के आधार पर हर बैच के 25% तक अग्निवीरों को नियमित सैन्य कैडर में स्थायी रूप से शामिल कर लिया जाता है, जबकि बाकी 75% लोग वापस आम नागरिक जीवन में लौट आते हैं. उम्मीदवारों की उम्र 17.5 से 21 वर्ष के बीच होनी चाहिए और उनके पास सैन्य ट्रेड के अनुसार 10वीं या 12वीं कक्षा की योग्यता होनी चाहिए.
सर्विस से बाहर होने पर मिलते हैं 11.71 लाख रुपये
आर्थिक रूप से, अग्निवीरों को पहले साल में ₹30,000 का मासिक पैकेज मिलता है, जो चौथे साल तक बढ़कर ₹40,000 हो जाता है. उनकी सेवा के दौरान, उनके वेतन का 30% हिस्सा काट लिया जाता है और सरकार भी उतना ही योगदान देकर एक विशेष फंड (कॉर्पस) में जमा करती है.
चार साल पूरे होने पर, सर्विस से बाहर होने वाले 75% अग्निवीरों को लगभग ₹11.71 लाख का 'सेवा निधि' पैकेज मिलता है, जो पूरी तरह से टैक्स-फ्री होता है. इसके साथ ही, उन्हें 'अग्निवीर कौशल प्रमाण पत्र' (स्किल सर्टिफिकेट) भी दिया जाता है, जो नागरिक जीवन में रोजगार पाने में उनकी मदद करता है. इसके अलावा, सेवा के दौरान उन्हें ₹48 लाख का जीवन बीमा कवर भी मिलता है (जिसके लिए उन्हें कोई प्रीमियम नहीं देना पड़ता). हालांकि, सर्विस से बाहर होने पर वे पारंपरिक सैन्य पेंशन या ग्रेच्युटी के हकदार नहीं होते हैं.
इस महीने नेवी के पहले बैच की सर्विस होगी खत्म
2022 में अग्निपथ योजना के तहत भर्ती किए गए अग्निवीरों का पहला बैच अपने चार साल के कार्यकाल के फाइनल राउंड तक पहुंच रहा है. भारतीय नेवी का पहला बैच 21 नवंबर को अपनी सर्विस पूरी करेगा, इसके बाद भारतीय वायु सेना का बैच 21 दिसंबर को और भारतीय सेना का बैच 31 दिसंबर को अपनी सर्विस पूरी करेगा.
इस प्रस्ताव का मकसद उन 75% अग्निवीरों में से कुछ को सेना में बनाए रखना है, जिन्हें चार साल पूरे होने पर रिटायर किया जाना है.