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मेरठ जिला कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है. पति की हत्या करने वाली रविता और उसके प्रेमी अमरदीप को फांसी की सजा हुई है. दोनों ने मिलकर अमित का कत्ल किया था, फिर उसे सांप से डसवाने की साजिश रची थी. इस मामले में कोर्ट ने 547 दिन बाद दोनों को मौत की सजा का फैसला सुनाया है. शुक्रवार को सुनवाई के दौरान जब जज ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए दोनों से सवाल पूछा तो रविता सिर्फ अपने तीन मासूम बच्चों की दुहाई देते हुए फूट-फूट कर रोने लगी. इस फैसले का मृतक अमित की मां मुनेश ने स्वागत किया है. उन्होंने कहा अदालत के इस न्याय से उनकी आत्मा को शांति मिली है.
Meerut, Uttar Pradesh: The sentencing hearing in the Amit Kashyap murder case concluded in the ADJ-12 court. Accused Ravita and Amardeep appeared via video conference from jail, with Ravita telling the judge that she would accept the court’s decision. Ravita allegedly killed her husband with the help of her lover and left a snake on the bed after the murder. The verdict was expected after lunch Mother of Amit Kashyap says, "I am demanding the death penalty. If a punishment less than the death penalty is awarded, I will accept that too, and then I will pursue further legal proceedings. I will also accept whatever decision the court delivers.."
— IANS (@ians_india) October 16, 2026
फांसी की सजा का फैसला आने के बाद अमित की मां मुनेश ने कहा, 'बस मैं यही कहना चाहूंगी कि उन्हें फांसी की सजा मिल गई. इससे हमारी आत्मा को शांति मिली है और हमारे बच्चे को भी इंसाफ मिला है, हमें उम्मीद थी कि अदालत हमें न्याय देगी, अदालत ने सही फैसला सुनाया.'
अमित के तीन बच्चों को लेकर किए गए सवाल पर मां मुनेश ने कहा, 'अब मैं अमित के तीनों बच्चों को कैसे पालूंगी, क्या करूंगी, यह तो वक्त बताएगा, लेकिन मैं उन्हें पालूंगी, जैसे भी मुझसे हो सकेगा. जब उन्होंने मेरे बच्चे के बारे में नहीं सोचा, तो मैं उनके बच्चों को जरूर पालूंगी, हम अपने केस के फैसले से बहुत खुश हैं कि उन्हें फांसी की सजा मिली.'
अदालत के फैसले का अमित के भाई सोनू ने भी स्वागत किया है. उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा, 'मैं अदालत के फैसले से बहुत खुश हूं, आरोपियों ने जिस तरह का अपराध किया, उसके लिए उन्हें फांसी की सजा ही मिलनी चाहिए थी, ताकि भविष्य में ऐसा अपराध करने से पहले कोई भी सौ बार सोचे.'
सोनू ने यह भी बताया कि अगर दोषी इस फैसले को हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देते हैं, तो परिवार आगे भी कानूनी लड़ाई लड़ेगा, वे हत्यारों को फांसी की सजा दिलाने के लिए अंत तक लड़ेंगे. उन्होंने बताया कि अमित की दो बेटियां और एक बेटा है, जिनका भरण-पोषण परिवार के लोग और उनके चाचा मजदूरी करके कर रहे हैं.
शुक्रवार को अदालत में सजा सुनाने से पहले कोर्ट ने रविता और अमरदीप का पक्ष वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सुना. जज ने दोनों से पूछा कि तुम दोनों को हत्या का दोषी ठहराया गया है, क्या सजा चाहते हो?
जज के सवाल पर रविता ने कहा, 'मेरे 3 छोटे-छोटे बच्चे हैं, उनका ख्याल रखा जाए', फिर वह चुप हो गई. वहीं अमरदीप ने कहा, 'मेरे मां-बाप बूढ़े हैं, उनकी सेवा करने वाला कोई नहीं है, उनकी देखभाल में कोई कमी न रहे.' इसके बाद दोनों फूट-फूट कर रोने लगे.
मौत की सजा का फैसला आने के बाद चौधरी चरण सिंह जिला कारागार के वरिष्ठ जेल अधीक्षक डॉ. वीरेश राज शर्मा का बयान भी सामने आया है. उन्होंने बताया कि फांसी की सजा सुनाए जाने के बाद रविता और अमरदीप रो रहे हैं, उन्हें पुरानी बैरक में भेजा गया है, अब जैसे ही जजमेंट की कॉपी मिलेगी तो उन्हें सजायाफ्ता कैदियों की बैरक में शिफ्ट किया जाएगा.
Meerut, Uttar Pradesh: Meerut court has sentenced Ravita, wife of Amit Kashyap, and her lover, Amardeep, to death for his murder. ADJ-12 Judge Jaiveer Singh Nagar pronounced the verdict. The prosecution alleged that Amit was strangled and a snake was placed near his body to make the murder appear to be a case of snakebite. Both accused, who had been in jail for 17 months, appeared before the court via video conferencing. Amit’s family welcomed the verdict. District Government Counsel, Advocate Krishna Kumar Chaubey says, "The verdict sends a very strong and clear message to the people of India and to criminals across the country. The murder of one’s spouse, a sacred relationship in Indian society, is an extremely heinous crime. In Indian tradition, marriage is solemnised with the sacred fire as a witness, with the couple taking seven vows and pledging to stand by each other throughout their lives. Murdering one’s life partner under such circumstances falls into the category of the most heinous crimes..."
— IANS (@ians_india) October 16, 2026
मामला 17 अप्रैल 2025 की रात का है. जब रविता ने अमरदीप के साथ मिलकर पति अमित कश्यप का गला घोंटकर उसे मौत के घाट उतारा था. फिर सांप डसने से मौत दिखाने के लिए बिस्तर पर सांप छोड़ दिया था. हालांकि ये साजिश पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उजागर हुई थी. जब अमित के शव का पोस्टमार्टम कराया गया तो शरीर पर सांप के डसने के 10 निशान मिले थे. पांच दिन बाद आई रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि अमित की मौत सांप के काटने से नहीं, बल्कि दम घुटने से हुई थी.
अमित के शरीर पर सांप के डसने के निशान थे तो सभी को लगा कि उसकी मौत सांप के काटने से हुई है. इस मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद पुलिस ने शक के आधार पर रविता को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें उसने अमरदीप का नाम बताया. फिर दोनों से सख्ती से पूछताछ हुई तो दोनों ने जुर्म कबूल किया. जांच में यह भी सामने आया कि सांप जहरीला नहीं था और उसके दांत भी नहीं थे.
दरअसल, अमित कश्यप मेरठ के अकबरपुर सादात गांव के रहने वाले थे, जो टाइल्स-पत्थर लगाने का काम करते थे. अमरदीप उनके साथ ही काम करता था, जिसका घर आना-जाना था. इसी दौरान अमरदीप और अमित की पत्नी रविता के बीच प्रेम संबंध बने. जब अमित को इस बात का पता चला तो दोनों ने मिलकर उसकी हत्या की साजिश रची.
पुलिस जांच में सामने आया कि दोनों ने अमित को ठिकाने लगाने के लिए एक सपेरे से 1,000 रुपये में सांप खरीदा था. फिर 17 अप्रैल 2025 की रात अमित के सोने के बाद रविता ने अमरदीप को घर बुलाया. दोनों ने मिलकर अमित की हत्या की और बिस्तर पर सांप छोड़ दिया. वारदात के बाद अमरदीप वहां से चला गया और रविता दूसरे कमरे में सोने चली गई. सुबह घरवालों ने अमित को मृत पाया.
इस पूरे मामले में हत्या के 60 दिन बाद पुलिस ने चार्जशीट दाखिल की थी, एसीजेएम जयवीर सिंह नागर की कोर्ट में 551 दिन में 87 तारीखें और 12 से ज्यादा गवाहों के बयान दर्ज किए गए. फिर 7 अक्टूबर को कोर्ट ने रविता और अमरदीप को दोषी करार दे दिया और अब फांसी की सजा का फैसला आया है.