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रूस में लाखों की नौकरी या मौत का जाल? यूक्रेन युद्ध के बीच MEA की भारतीयों को सख्त एडवाइजरी

रूस में आकर्षक नौकरियों के नाम पर भारतीयों को यूक्रेन युद्ध में धकेले जाने की खबरों पर विदेश मंत्रालय (MEA) ने सख्त एडवाइजरी जारी की है. MEA ने नागरिकों को ऐसे एजेंटों और संदिग्ध नौकरी के ऑफर से दूर रहने की चेतावनी दी है. पढ़ें पूरी रिपोर्ट.

रूस में लाखों की नौकरी या मौत का जाल? यूक्रेन युद्ध के बीच MEA की भारतीयों को सख्त एडवाइजरी
Image Credit: रूस जाने की सोच रहे हैं? विदेश मंत्रालय ने जारी की सख्त चेतावनी, यात्रा से पहले जान लें MEA की एडवाइजरी

विदेश मंत्रालय ने रूस जाने वाले भारतीय नागरिकों के लिए नई एडवाइजरी जारी की है. मंत्रालय ने कहा है कि रूस की सशस्त्र सेनाओं में भारतीय नागरिकों की भर्ती की खबरें लगातार सामने आ रही हैं. पिछले दो वर्षों में सरकार कई बार भारतीयों को विदेश में नौकरी के नाम पर मिलने वाले फर्जी और अप्रमाणित ऑफरों से सावधान रहने की सलाह दे चुकी है. MEA ने कहा है कि कुछ लोग जानबूझकर रूसी सेना में भर्ती होने के ऑफर स्वीकार कर रहे हैं, इस उम्मीद में कि उन्हें आर्थिक लाभ मिलेगा और बाद में भारत सरकार की मदद से रूसी सेना से रिहाई मिल जाएगी. सरकार ने इस रास्ते को बेहद खतरनाक बताते हुए इससे दूर रहने की सलाह दी है.

कुछ भारतीय नागरिक रूसी पासपोर्ट हासिल करने के लिए अपनी भारतीय नागरिकता छोड़ने तक का प्रयास कर रहे हैं. मंत्रालय के मुताबिक, कुछ लोगों ने बिना भारतीय अधिकारियों से सलाह किए ऐसा कदम उठाया है और अस्थायी आर्थिक लाभ के लालच में रूसी सेना में भर्ती हुए हैं. MEA ने ऐसे लोगों को इसके गंभीर और जानलेवा परिणामों के प्रति आगाह किया है.

एजेंटों के ऑफर से रहे सावधान

विदेश मंत्रालय ने गैर-सरकारी एजेंटों से नौकरी के ऑफर लेने में भी सावधानी बरतने को कहा है. मंत्रालय के अनुसार, कुछ गैर-सार्वजनिक संस्थाएं और स्वैच्छिक समूह विदेशी नागरिकों की रूसी सशस्त्र सेनाओं में भर्ती कर रहे हैं. भारतीयों को सलाह दी गई है कि वे केवल ऐसे एजेंटों के ऑफर पर भरोसा करें जो MEA में रजिस्टर्ड हों. भारत सरकार ने कहा है कि वह रूस के साथ लगातार संपर्क में है, ताकि रूसी सशस्त्र सेनाओं में मौजूद सभी भारतीय नागरिकों की सुरक्षा, कल्याण और जल्द रिहाई सुनिश्चित की जा सके.

किसी भी अनजान शख्स के झांसे में न आएं भारतीय युवाः MEA

हमें लगातार ऐसी खबरें मिल रही हैं कि भारतीय नागरिकों को रूसी सेना में भर्ती किया जा रहा है. पिछले दो सालों में सरकार ने कई बार इस कदम से जुड़े खतरों और जोखिमों के बारे में बताया है. साथ ही, भारतीय नागरिकों को समय-समय पर सलाह दी गई है कि वे विदेश में नौकरी के मौकों को लेकर सावधान रहें और किसी भी अनजान व्यक्ति के नौकरी के ऑफर के झांसे में न आएं. हमारे सामने ऐसे कई मामले भी आए हैं जिनमें लोग खुद रूसी सेना में शामिल होने के ऑफर ढूंढते हैं. वे ऐसा इसलिए करते हैं क्योंकि उन्हें लगता है कि उन्हें इससे जुड़े पैसे और अन्य फायदे मिलेंगे और बाद में वे भारतीय सरकार से संपर्क करके वहां से निकल सकेंगे. हम फिर से कहना चाहते हैं कि यह एक खतरनाक रास्ता है और सरकार इसकी कड़ी मनाही करती है

जानलेवा हो सकती है ऐसी स्थितिः MEA

ऐसे कई मामले सामने आए हैं जिनमें लोगों ने अपनी भारतीय नागरिकता स्वेच्छा से छोड़ने, रूसी पासपोर्ट लेने और फिर रूसी सशस्त्र बलों में भर्ती होने के लिए भारतीय अधिकारियों से संपर्क किया है. कुछ लोगों ने तो भारतीय अधिकारियों से सलाह लिए बिना ही, थोड़े समय के लिए मिलने वाले पैसों के लालच में ऐसा कर भी लिया है. सलाह दी जाती है कि लोग ऐसे कदमों की गंभीरता पर विचार करें और समझें कि वे खुद को कितनी जानलेवा स्थितियों में डाल रहे हैं. सरकार भारतीय नागरिकों को ऐसे कदम उठाने से बचने की सलाह देती है.

एजेंटों के नौकरी ऑफर की जांच जरूरी

सरकार को यह भी जानकारी मिली है कि गैर-सरकारी संस्थाएं और कुछ स्वैच्छिक समूह विदेशी नागरिकों को रूसी सशस्त्र बलों में भर्ती करा रहे हैं. भारत सरकार ने भारतीय नागरिकों से ऐसे एजेंटों से मिले नौकरी के ऑफर स्वीकार करने से पहले पूरी जांच करने को कहा है. खास तौर पर यह देखना जरूरी है कि संबंधित एजेंट विदेश मंत्रालय में पंजीकृत है या नहीं. सरकार ने कहा है कि अस्थायी आर्थिक फायदे के लिए उठाया गया ऐसा कदम गंभीर खतरे में डाल सकता है. भारतीय नागरिकों से ऐसे फैसले नहीं लेने की अपील की गई है.

हमारे ध्यान में यह भी आया है कि विदेशी नागरिकों को रूसी सशस्त्र बलों में सेवा देने के लिए गैर-सरकारी संस्थाओं, जिनमें स्वयंसेवी समूह भी शामिल हैं, द्वारा भर्ती किया जा रहा है. भारतीय नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे ऐसे एजेंटों से नौकरी के प्रस्ताव स्वीकार करने से पहले पूरी सावधानी बरतें जो विदेश मंत्रालय के साथ रजिस्टर्ड नहीं हैं. भारत सरकार रूसी सशस्त्र बलों में शामिल सभी भारतीय नागरिकों की सुरक्षा, भलाई और उन्हें जल्द से जल्द वहां से वापस लाने के लिए रूसी पक्ष के साथ लगातार संपर्क में है. 
 

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About the Author

Ravindra Pratap Singh

Ravindra Pratap Singh

रवींद्र प्रताप सिंह ने साल 2015 में जागरण.कॉम से डिजिटल मीडिया में कदम रखा मौजूदा समय वो ज़ी न्यूज डिजिटल में चीफ सब एडिटर हैं. अगस्त 2025 में उन्होंने ज़ी न्यूज ज्वाइन किया है. रवींद्र देश और दुनिया की खबरों के अलावा खेलों में क्रिकेट जगत और क्राइम की खबरों पर बेहतरीन पकड़ रखते हैं. इसके पहले रवींद्र रिपब्लिक भारत में इवनिंग शिफ्ट के इंचार्ज रहे और शाम की शिफ्ट संभालते हुए होम पेज की जिम्मेदारी रवींद्र के ऊपर थी. उससे पहले रवींद्र ने जनसत्ता और न्यूज नेशन में भी शाम की शिफ्ट और होम पेज की जिम्मेदारी बखूबी निभाई. इसके पहले रवींद्र ने 5 सालों तक पी7 और लाइव इंडिया जैसे न्यूज चैनलों में काम किया था. रवींद्र आकाशवाणी में काम करने का अनुभव रखते. अवध यूनिवर्सिटी से मॉस कम्युनिकेशन से पोस्ट ग्रेजुएट रवींद्र पिछले डेढ़ दशक से सक्रिय पत्रकारिता कर रहे हैं. आप रवींद्र से जुड़ने के लिए Ravindra.Singh@India.com पर मेल कर सकते हैं या फिर फेसबुक पर संपर्क करने के लिए https://www.facebook.com/pintu.singh.397 और एक्स पर https://x.com/rs66533 रवींद्र से संपर्क किया जा सकता है. 
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