Maharashtra News: महाराष्ट्र के वाशिम जिले से एक बड़ी खबर सामने आई है. यहां पर मालेगांव शहर में टीपू सुल्तान चौक के पास दु्र्गा प्रतिमा विसर्जन जूलुस के दौरान गुलाल उड़ाने को लेकर दो पक्षों में विवाद हो गया. देखते ही देखते मामला काफी बढ़ गया और जुलूस पर पथराव देखने को मिला. पुलिस के अनुसार, ये विवाद गुलाल उड़ाने को लेकर शुरू हुआ और फिर दोनों पक्षों के बीच काफी देर तक कहासुनी हुई और फिर पथराव हुआ.
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सुरक्षाकर्मी तुरंत पहुंचे और भीड़ को शांत कराया. स्थिति को सामान्य करने के लिए पुलिस के साथ एसआरपीएफ और आरएएफ (RAF) के जवानों को तैनात किया गया है. हंगामे के दौरान उपद्रवियों ने आसपास मौजूद गाड़ियों में तोड़फोड़ करने की कोशिश भी की.
शुरुआती जानकारी के अनुसार, घटना टीपू सुल्तान चौक के करीब की है, जहां पर विसर्जन जुलूस के दौरान गुलाल उड़ाने को लेकर विवाद हुआ. इसके बाद ये मामला बढ़ता गया फिर नौबत पत्थरबाजी तक पहुंच गई. घटना के बाद आक्रोशित कुछ लोगों ने आसपास खड़ी गाड़ियों में तोड़फोड़ करने की कोशिश भी की. सामने आए वीडियो में देखा जा सकता है कि मौके पर भारी पुलिस बस तैनात है और कुछ क्षतिग्रस्त वाहन खड़े हैं.
#WATCH | Maharashtra | An incident of stone-pelting was reported during a Durga immersion procession near Tipu Sultan Chowk in Washim, as per an official. Police, along with SRPF and RAF personnel, have been deployed on the spot. Further details are awaited. https://t.co/08gUuoSpWe
— ANI (@ANI) October 21, 2026
बताया गया कि घटना की जानकारी होते ही हिंदुत्वादी संगठन के कार्यकर्ता नाराज हो गए और स्थानीय पुलिस स्टेशन के सामने बैठकर धरना दिया. प्रदर्शन कर रहे लोगों ने पथराव के खिलाफ कार्रवाई और उनकी गिरफ्तारी की मांग रखी. पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए विसर्जन जुलूस को रोका. घटना के बाद स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है भारी संख्या में सुरक्षा के जवान तैनात हैं.
स्थिति को बिगड़ता देख भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा. वाशिम के उप-विभागीय पुलिस अधिकारी रामकृष्ण पवार ने कहा कि घटना के दौरान दोनों पक्षों की ओर से पत्थरबाजी हुई. पुलिस ने त्वरित एक्शन लेते हुए स्थिति को नियंत्रित किया. सावधानी बरतते हुए इलाके में कर्फ्यू लगाया गया है.
पुलिस अधिकारी ने कहा कि घटना में किसी मकान में तोड़फोड़ या नुकसान की जानकारी नहीं है. मामले में एफआईआर दर्ज कर जांच करने की प्रक्रिया शुरू है. स्थिति शांतिपूर्ण बनाए रखने के लिए पुलिस के साथ राज्य आरक्षित पुलिस बल (SRPF) और RAF के जवानों को तैनात किया गया है.
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