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पंजाब के लुधियाना में एक पूर्व सरपंच की हत्या से हड़कंप मच गया है. लुधियाना में बाइक सवार हमलावरों ने पूर्व सरपंच नवतेज सिंह की कार पर ताबड़तोड़ गोलियां चलाईं, जिससे उनकी मौत हो गई. पंजाब में स्थानीय नेताओं पर हाल ही में हुए हमलों के सिलसिले में हुई सबसे ताजा वारदात है. लोकल पुलिस मुकदमा दर्ज करके इस हत्याकांड के मकसद की पड़ताल में जुटी है.
मृतक की पहचान 60 वर्षीय नवतेज सिंह उर्फ नीतू के तौर पर हुई. पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक नीतू लाडोवाल पुलिस स्टेशन के तहत आने वाले मानेवाल गांव के पूर्व सरपंच थे. हमलावरों ने इस वारदात को उस वक्त अंजाम दिया जब वो अपने गांव से कृष्णा नगर स्थित अपने घर लौट रहे थे.
लुधियाना पुलिस के मुताबिक, नीतू अपनी टोयोटा इनोवा से जा रहे थे. बीच रास्ते में बाइक सवार दो हमलावर जो पहले से वहीं पर उनका इंतजार कर रहे थे. जैसे ही नीतू की इनोवा लाडोवाल बाईपास के पास बने पुल के पास पहुंची दोनों ने अचानक गाड़ी को रोका और ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी. माना जा रहा है कि इस हमले में पूर्व सरपंच को संभलने का मौका तक नहीं मिला. हमलावरों ने फरार होने से पहले उनकी कार पर तबतक गोलियां चलाईं, जब तक खत्म नहीं हो गईं.
नीतू सिंह को कई गोलियां लगीं और हमले में उनकी मौत हो गई. हमलावरों की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है. वहीं हत्या का मकसद भी अभी तक पता नहीं चल पाया है.
आपको बताते चलें ये हत्या पंजाब के तरनतारन जिले में शिरोमणि अकाली दल की एक महिला सरपंच के पति नवदीप सिंह की गग्गो बुहा गांव में गोली मारकर हत्या किए जाने के कुछ दिनों बाद हुई है. हालांकि उस मामले में पुलिस को आपसी रंजिश का शक था. इस मामले में अभी पुलिस ने खुलकर कुछ जानकारी नहीं दी है.
अगले साल 2027 में पंजाब में विधानसभा चुनाव होने हैं. इसलिए जनप्रतिनिधियों की हत्याओं के ऐसे मामलों ने सबका ध्यान अपनी ओर खींचा है. इस तरह की कई वारदातों के बाद लुधियाना मर्डर के इस मामले में इस एंगल से भी इनकार नहीं किया जा सकता है, क्योंकि यह ताजा घटना पंजाब में स्थानीय नेताओं पर लगातार हो रहे हमलों के बीच हुई है.
इसी साल फरवरी के महीने में, तरनतारन के सरपंच हरबिंदर संधू की शादी समारोह के दौरान हत्या ने लोकल नेताओं को निशाना बनाने वाली बढ़ती घटनाओं और गैंगवार की ओर ध्यान खींचा था.
पंजाब में बिगड़ती कानून-व्यवस्था और बढ़ते क्राइम ग्राफ को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कई वरिष्ठ नेताओं ने आम आदमी पार्टी (AAP) की भगवंत मान सरकार को घेरा है।