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जम्मू-कश्मीर में आतंकी नेटवर्क पर सुरक्षाबलों का प्रहार, तुर्किये की पिस्तौल और IED संग 2 संदिग्ध गिरफ्तार

जम्मू-कश्मीर में पुलिस और सेना ने संयुक्त वाहन चेकिंग अभियान के दौरान 2 संदिग्धों को गिरफ्तार किया है. इन संदिग्धों के पास से तुर्किये की पिस्तौल के साथ हथियार बरामद हुए हैं. पुलिस दोनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है.

Written By Khalid Hussain
Published: Oct 22, 2026, 10:38 AM IST | Updated: Oct 22, 2026, 02:52 PM IST
Image Credit: वाहन चेकिंग के दौरान 2 संदिग्ध गिरफ्तार. (फाइल फोटो)
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Jammu and Kashmir News: जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद और उनके मददगारों के खिलाफ सुरक्षा बलों का एक्शन जारी है. बुधवार (21 अक्टूबर) को सुरक्षा बलों ने एक बड़ी आतंकी साजिश को नाकाम किया है. बताया जाता है कि डेलिना चेकपॉइंट पर पुलिस और सेना की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया है. जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार किए गए संदिग्धों के पास से विदेशी पिस्तौल और विस्फोटक बरामद हुए हैं, आशंका जताई जा रही है कि ये किसी बड़ी आतंकी घटना को अंजाम देने में इस्तेमाल किए जाने वाले थे.

दरअसल, डेलिना के तरपोरा नर्सरी इलाके में वाहनों की चेकिंग के लिए एक मोबाइल नाका (MVCP) लगाया गया था. इस दौरान पुलिस और सेना की 52 राष्ट्रीय राइफल्स (डेलिना) की जॉइंट टीम सख्ती के साथ वाहनों की जांच कर रही थी. ठीक इसी समय टीम ने JK01U-5167 नंबर के स्कूटर को रुकने का इशारा किया. जब स्कूटर सवार दो लोगों की तलाशी ली गई, तो उनके पास से खतरनाक हथियार और विस्फोटक मिले. पुलिस ने तुरंत दोनों स्कूटर सवारों को गिरफ्तार किया.

पुलिस ने इन दो संदिग्धों को पकड़ा

पुलिस की ओर से साझा की गई जानकारी के अनुसार, जिन दो संदिग्धों की गिरफ्तारी हुई है, उनमें ताहिर अमीन मलिक और वसीम सुल्तान बेग शामिल है.  हैरान करने वाली बात है कि इन आरोपियों के पास से जो सामान बरामद हुए हैं, वह बेहद चौंकाने वाले हैं. इन हथियारों में तुर्किये में बनी एक पिस्तौल, 10 जिंदा कारतूस, 2 संदिग्ध IED और  6,500 रुपये की नकदी शामिल हैं.

कब्जे में लिए गए हथियार

फिलहाल पुलिस ने दोनों संदिग्धों को गिरफ्तार किया है और बरामद किए गए हथियारों को अपने कब्जे में ले लिया है. पुलिस संदिग्धों से पूछताछ कर रही है, जिससे उनके संभावित अन्य साथियों और उनके मंसूबों का पता लगाया जा सके. आपको जानना चाहिए कि यह गिरफ्तारी जम्मू-कश्मीर में चलाए जा रहे खुफिया अभियानों का एक हिस्सा है. सुरक्षाबल पिछले कुछ महीनों में आतंकियों और उनक मददगारों पर भारी दबाव बना चुके हैं. उत्तरी कश्मीर में हथियारों की भारी खेप भी पकड़ी जा चुकी है.

उत्तरी कश्मीर में हथियार हुए थे बरामद

उत्तरी कश्मीर में कई महत्वपूर्ण बरामदगी हुई हैं. अक्टूबर 2026 की शुरुआत में सोपोर पुलिस, राष्ट्रीय राइफल्स और CRPF की एक संयुक्त टीम ने बोमाई पुलिस स्टेशन के अंतर्गत आने वाले मुकाम चेरहार वन क्षेत्र में एक चट्टान के नीचे छिपाकर रखे गए हथियारों और विस्फोटकों के एक बड़े जखीरे का पता लगाया. बरामद हथियारों में AK-47 और AK-76 जैसी दो असॉल्ट राइफलें शामिल थीं.

इससे पहले, अगस्त 2026 में, SOG, 52 RR और CRPF ने सोपोर के मंजसीर इलाके में एक खाली पड़े घर से एक AK-47, मैगजीन, गोला-बारूद, ग्रेनेड और एक IED बरामद किया था. कुपवाड़ा में भी ऐसी ही सफलताएं मिलीं, जहां वारसुन, नीरियन नौगाम सेक्टर और पुतुसाई सोगम जैसे जंगली इलाकों में बने ठिकानों से AK-सीरीज की राइफलें, रॉकेट लॉन्चर और M-सीरीज के हथियार बरामद हुए. साथ ही, केरान सेक्टर में LoC के पास घुसपैठ की कोशिशों को भी नाकाम कर दिया गया.

दक्षिण कश्मीर में, सुरक्षा बलों ने आतंकवादियों के बचे-खुचे बुनियादी ढांचे को नष्ट करने का अभियान जारी रखा है. सेना की 9 राष्ट्रीय राइफल्स और जम्मू-कश्मीर पुलिस की संयुक्त टीमों ने कुलगाम के दमहाल हांजीपोरा के जंगलों में आतंकवादियों के दो पुराने ठिकानों को ध्वस्त कर दिया.

खाली ढांचे को किया गया था नष्ट

इसके अलावा, लैसू गुद्दर के जंगली इलाके में भी एक खाली पड़े ढांचे को नष्ट किया गया. इन जगहों का इस्तेमाल आतंकवादी या उनके मददगार (ओवर-ग्राउंड वर्कर्स) दोबारा पनाह लेने या हथियार छिपाने के लिए कर सकते थे. वाहनों की जांच, जंगलों में तलाशी अभियान और लक्षित छापेमारी जैसी ये लगातार कार्रवाइयां पुलिस, सेना और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की एक समन्वित रणनीति को दर्शाती हैं.

इसका मकसद आतंकी तंत्र को कमजोर करना, हथियारों और विस्फोटकों को इस्तेमाल से पहले ही जब्त करना, और बचे हुए आतंकी गुटों व उनके मददगारों को सुरक्षित ठिकाने न मिलने देना है.

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About the Author

सैयद खालिद हुसैन जम्मू-कश्मीर के एक पुरस्कार विजेता पत्रकार हैं, जिन्हें 24 वर्षों से अधिक का अनुभव है. साल 2014 से 'ज़ी न्यूज़' में चीफ  स्पेशल कोरेस्पोंडेंट के रूप में काम कर रहे हैं.जी मीडिया से पहले हुसैन ने न्यूज़ 18 में नौ साल तक सीनियर कोरेस्पोंडेंट के रूप में काम किया. हुसैन ने अपने करियर की शुरुआत डीडी न्यूज से की थी. हुसैन ने अपनी तालीम श्रीनगर के पब्लिक स्कूल और डीएवी हाई स्कूल से हासिल की. फिर ग्रेजुएशन तक का सफ़र एस.पी हायर सेकेंडरी स्कूल और अमर सिंह कॉलेज से पूरा किया. उसके बाद मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई के लिए दिल्ली के सर अरबिंदो इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन से पूरी की. इसके अलावा हुसैन लेखक फ़िल्म/ वीडियो कैमरा का स्पेशल कोर्स एफटीआई पुणे से कर चुके हैं.  मुंबई और दिल्ली में कई साल काम करने के बाद 2004 में उन्होंने जम्मू-कश्मीर में काम करना शुरू किया. डीडी न्यूज़, डीडी कश्मीर, BAG फ़िल्म्स में फ्रीलांस काम किया. हुसैन पिछले दो दशक से भी ज्यादा समय से जम्मू-कश्मीर से जुड़े कई मुद्दों को बेहतरीन तरीके से कवर कर रहे हैं. लद्दाख से लेकर मुंबई तक हुसैन भारत के कई शहरों से रिपोर्टिंग कर चुके हैं.
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