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अंतिम संस्कार में अदला-बदली: अमेरिका से दौड़ी चली आई बेटी, पिता का चेहरा भी न देख सकी

सवाल ये है कि आखिर 92 वर्षीय हरसुखलाल ठाकर का शव दूसरे परिवार को कैसे सौंप दिया गया? शव की पहचान की प्रक्रिया में चूक कहां हुई और इसके लिए जिम्मेदार कौन है?

Written By Shwetank Ratnamber
Published: Oct 01, 2026, 11:10 AM IST | Updated: Oct 01, 2026, 11:19 AM IST
Image Credit: (ANI)
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राजकोट से एक बेहद गंभीर और चौंकाने वाला मामला सामने आया है. सिविल अस्पताल के कोल्ड स्टोरेज में शवों की अदला-बदली के कारण एक परिवार अपने ही परिजन का अंतिम दर्शन तक नहीं कर सका और उससे पहले ही उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया. 92 साल के हरसुखलाल का 28 सितंबर को निधन हो गया था. उनकी बेटी अमेरिका से आने वाली थीं, इसलिए अंतिम संस्कार के लिए उनके आने का इंतजार करने के लिए परिवार ने शव को सिविल अस्पताल के कोल्ड स्टोरेज में रखवाया था. 30 सितंबर को जब ठाकर परिवार अपने परिजन का शव लेने सिविल अस्पताल पहुंचा, तब उन्हें पता चला कि हरसुखलाल ठाकर के शव का अंतिम संस्कार पहले ही किया जा चुका है.

लापरवाही का जिम्मेदार कौन?

परिवार के मुताबिक, 29 सितंबर को मुंबई से आए एक अन्य परिवार को हरसुखलाल ठाकर का शव सौंप दिया गया. इसके बाद रामनाथपरा श्मशान घाट में उनके अंतिम संस्कार की प्रक्रिया भी पूरी कर दी गई. सबसे गंभीर बात यह है कि ठाकर परिवार को इसकी कोई जानकारी नहीं थी.

जब परिवार कोल्ड स्टोरेज पहुंचा तो जिस शव को उनके परिजन का बताया गया, वह उनका था ही नहीं. परिवार के पहुंचने से पहले ही उनके परिजन का शव किसी दूसरे परिवार को सौंप दिया गया और उस परिवार ने उसका अंतिम संस्कार भी कर दिया.

'आखिरी बार पिता का चेहरा न देख पाने का दुख'

मृतक हरसुखलाल ठाकर की बेटी भी अमेरिका से अपने पिता के अंतिम दर्शन के लिए राजकोट पहुंची थीं. लेकिन पिता के अंतिम दर्शन करने से पहले ही उनके अंतिम संस्कार की जानकारी सामने आई. इस पूरे मामले को लेकर ठाकर परिवार ने जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है.

मृतक के पुत्र उमेशचंद्र ठाकर ने बताया कि बहन के इंतजार में उन्होंने शव को अस्पताल में रखवाया था. उनका परिवार अब ये खबर सुनने के बाद निराश है.

अस्पताल प्रशासन की सफाई

वहीं, पूरे मामले पर राजकोट सिविल अस्पताल के अधीक्षक कमलसिंह डोडिया ने इसे बेहद गंभीर और दुखद घटना बताया है. उन्होंने कहा कि आखिर किस कारण से शवों की अदला-बदली हुई, इसकी जांच के लिए एक जांच कमेटी गठित की गई है.

अधीक्षक के मुताबिक, भविष्य में इस तरह की घटना दोबारा न हो, इसके लिए अस्पताल में SOP यानी मानक संचालन प्रक्रिया भी तैयार की जाएगी. इसके साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि शवों की अदला-बदली के मामले में किसी तरह की आपराधिक लापरवाही हुई है या नहीं.

सिविल अस्पताल के अधीक्षक कमल डोडिया ने यह भी कहा कि असामान्य परिस्थितियों में शवों की अदला-बदली हुई है और पूरे मामले की जांच की जा रही है. जांच कमेटी की रिपोर्ट के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर साफ हो सकेगी.

 

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About the Author

श्वेतांक रत्नाम्बर वरिष्ठ पत्रकार हैं, जिन्हें टीवी और डिजिटल न्यूज़ मीडिया में 22 वर्षों से ज्यादा का व्यापक अनुभव है. वर्तमान में वे Zee News (Hindi) की डिजिटल टीम में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय (देश-दुनिया) खबरों की डेस्क पर कार्यरत हैं. समसामयिक मुद्दों, वैश्विक राजनीति और कूटनीति पर गहरी समझ रखने वाले श्वेतांक जटिल अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों और राजनीतिक समीकरणों का सटीक विश्लेषण करने के विशेषज्ञ हैं.Zee News डिजिटल से पहले उन्होंने ज़ी मीडिया नेटवर्क के ग्लोबल न्यूज़ चैनल 'WION' के साथ काम किया है. इस दौरान उन्होंने 'Gravitas', 'The West Asia Post' और 'One Africa' जैसे कई प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय प्राइम-टाइम शोज़ के हिंदी प्रोडक्शन और इंटरप्रिटेशन में अहम भूमिका निभाई. 2004 से शुरू हुए अपने पत्रकारिता करियर में श्वेतांक ने रिपोर्टिंग और एंकरिंग के साथ-साथ चार लोकसभा और कई राज्यों के विधानसभा चुनावों की व्यापक ग्राउंड कवरेज की है.जामिया मिल्लिया इस्लामिया (JMI), नई दिल्ली से जर्नलिज्म में पीजी डिप्लोमा के बाद मास कम्युनिकेशन और पॉलिटिकल साइंस में मास्टर्स डिग्री हासिल करने वाले श्वेतांक लंबे समय से 'प्रेस क्लब ऑफ इंडिया' (PCI) के सम्मानित सदस्य हैं.आप श्वेतांक रत्नाम्बर से सीधे shwetank.ratnamber@india.com पर ईमेल के जरिए संपर्क कर सकते हैं. इसके अलावा आप उनसे एक्स (ट्विटर), मेटा (फेसबुक) और लिंक्डइन पर भी कनेक्ट कर सकते हैं.' 
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