CJP का 'हल्लाबोल': प्रोटेस्ट से पहले प्रदर्शनकारी की पिटाई! वायरल वीडियो में ऐसा क्या दिखा कि हरकत में आई दिल्ली पुलिस?
सीजेपी के 10 अक्टूबर के प्रोटेस्ट को भले ही पुलिस-प्रशासन ने अपनी मंजूरी न दी हो, लेकिन प्रदर्शनकारियों की आड़ में जंतर-मंतर के आस-पास कुछ असामाजिक और अवांक्षित तत्व भीड़ के बीच में घूम रहे थे, जिनसे वहां मौजूद लोगों समेत पुलिस और प्रशासन को भी खतरा हो सकता था.
जहां भी धरना-प्रदर्शन होते हैं, असमाजिक तत्व एक्टिव हो जाते हैं. ऐसे लोग भीड़ का फायदा उठाकर चोरी, मारपीट, झगड़ा-झंझट और छेड़छाड़ जैसे कांड करके गायब हो जाते हैं. सीजेपी के पहले प्रोटेस्ट में भी ऐसा हुआ था. 10 अक्टूबर को सीजेपी के दूसरे प्रोटेस्ट को भले ही पुलिस की इजाजत न मिली हो लेकिन ऐसे कुछ उचक्कों ने प्रोटेस्ट साइट के आस-पास पहुंचकर माहौल खराब करने की कोशिश की. प्रदर्शन के नाम पर शनिवार को हुए भयानक हुड़दंग और पुलिस पर हुई पत्थरबाजी के बीच दिल्ली की पुलिस कल के वायरल वीडियोज की पड़ताल कर रही है.
पुलिस ने लिया संज्ञान
सौ बात की एक बात ये है कि सोशल मीडिया पर एक प्रदर्शनकारी के साथ मारपीट का वीडियो सामने आने के बाद दिल्ली पुलिस हरकत में आते हुए एक्शन लिया है. इस केस में पुलिस ने वीडियो में कथित तौर पर मारपीट करते दिख रहे चारों लोगों की पहचान करने के साथ उन्हें ट्रेस करने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई तेज कर दी है.
पुलिस मुस्तैद
वायरल वीडियो में चार लोग कथित तौर पर एक पुरुष प्रदर्शनकारी के साथ मारपीट करते दिखाई दे रहे हैं. दिल्ली पुलिस ने पोस्ट शेयर करके इस जानकारी को साझा किया है. पुलिस ने यह भी बताया है कि कमला मार्केट थाने ने तत्काल कार्रवाई करते हुए कानूनी प्रक्रिया तेज कर दी है.
दिल्ली पुलिस ने ये भी कहा है कि वह हिंसा की घटनाओं के खिलाफ उचित कार्रवाई करने और इस तरह की शिकायतों पर तुरंत कदम उठाने के लिए प्रतिबद्ध है.
पहले प्रोटेस्ट में क्या कुछ हुआ था?
सीजेपी वाले जब तत्कालीन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा कराने जंतर-मंतर आए थे, तब जुलाई 2026 में भीड़ के प्रबंधन को लेकर पुलिस और CJP आयोजकों के बीच बहसबाजी हुई थी. तब पुलिस ने कहा था कि भीड़ का फायदा उठाकर असामाजिक तत्व माहौल खराब कर सकते थे.
दिल्ली पुलिस के एफआरएस डेटा के मुताबिक, प्रदर्शन और उसके आसपास के इलाकों में स्कैनिंग के दौरान ढाई हजार से ज्यादा ऐसे चेहरे डिटेक्ट किए गए थे जिनका आपराधिक रिकॉर्ड था.
हालांकि 10 अक्टूबर के जिस वीडियो की पड़ताल पुलिस कर रही है, उन चार आरोपियों के बारे में अभी ये जानकारी नहीं साझा हुई है कि उनका बैकग्राउंड क्या है और उन्होंने किसी शख्स को क्यों पीटा यानी ऐसा करने के पीछे उनकी क्या मंशा थी.