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  • /'मक्खी मारने के लिए हथौड़े का इस्तेमाल क्यों?', दिल्ली में पाबंदी पर सुनवाई को लेकर सुप्रीम कोर्ट का SG से सवाल

'मक्खी मारने के लिए हथौड़े का इस्तेमाल क्यों?', दिल्ली में पाबंदी पर सुनवाई को लेकर सुप्रीम कोर्ट का SG से सवाल

मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) के खिलाफ दिल्ली में होने वाले बड़े विरोध प्रदर्शन से पहले राजधानी की सीमाओं को सील किए जाने का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है.

Written ByRavindra Pratap Singh
Published: Oct 09, 2026, 02:08 PM IST|Updated: Oct 09, 2026, 05:23 PM IST
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'मक्खी मारने के लिए हथौड़े का इस्तेमाल क्यों?', दिल्ली में पाबंदी पर सुनवाई को लेकर सुप्रीम कोर्ट का SG से सवाल
Image Credit: CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन से पहले दिल्ली में पाबंदियों को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर

About the Author

    Ravindra Pratap Singh

    Ravindra Pratap Singh

    रवींद्र प्रताप सिंह ने साल 2015 में जागरण.कॉम से डिजिटल मीडिया में कदम रखा मौजूदा समय वो ज़ी न्यूज डिजिटल में चीफ सब एडिटर हैं. अगस्त 2025 में उन्होंने ज़ी न्यूज ज्वाइन किया है. रवींद्र देश और दुनिया की खबरों के अलावा खेलों में क्रिकेट जगत और क्राइम की खबरों पर बेहतरीन पकड़ रखते हैं. इसके पहले रवींद्र रिपब्लिक भारत में इवनिंग शिफ्ट के इंचार्ज रहे और शाम की शिफ्ट संभालते हुए होम पेज की जिम्मेदारी रवींद्र के ऊपर थी. उससे पहले रवींद्र ने जनसत्ता और न्यूज नेशन में भी शाम की शिफ्ट और होम पेज की जिम्मेदारी बखूबी निभाई. इसके पहले रवींद्र ने 5 सालों तक पी7 और लाइव इंडिया जैसे न्यूज चैनलों में काम किया था. रवींद्र आकाशवाणी में काम करने का अनुभव रखते. अवध यूनिवर्सिटी से मॉस कम्युनिकेशन से पोस्ट ग्रेजुएट रवींद्र पिछले डेढ़ दशक से सक्रिय पत्रकारिता कर रहे हैं. आप रवींद्र से जुड़ने के लिए Ravindra.Singh@India.com पर मेल कर सकते हैं या फिर फेसबुक पर संपर्क करने के लिए https://www.facebook.com/pintu.singh.397 और एक्स पर https://x.com/rs66533 रवींद्र से संपर्क किया जा सकता है. 
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    CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ INDIA ब्लॉक के प्रदर्शन से पहले सुप्रीम कोर्ट में जारी सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने सरकार का पक्ष रख रहे सॉलीसिटर जनरल तुषार मेहता से पूछा कि क्या आप प्रदर्शन में उपद्रवियों का नाम लेकर सारा ट्रांसपोर्ट एक साथ बंद कर देंगे. मक्खी के लिए हथौड़े का इस्तेमाल क्यों? CJI ने कहा कि ऐसा नहीं होना चाहिए एक मक्खी मारने के लिए हथौड़े का इस्तेमाल किया जाए. जितनी जरूरत हो, ऑथोरिटी उतनी ही सख्ती बरते, ज्यादा नहीं. वहीं इस बीच DMRC ने  INDIA ब्लॉक के प्रोटेस्ट को लेकर बड़ा फैसला लिया है और दिल्ली के 57 मेट्रो स्टेशन रात 9 बजे से बंद करने के आदेश जारी कर दिए हैं. SC ने कहा कि सरकार जो भी एहतियाती कदम उठा रही है, उसके लिए  व्यापक प्रचार करना होगा. इसके लिए अखबारों में सरकारी वेबसाइटों पर जानकारी दी जानी चाहिए ताकि लोगो को दिक्कत न हो।

    इस बीच सुप्रीम कोर्ट में चल रही सुनवाई के बीच वकील ने मेट्रो स्टेशन बंद किए जाने की जानकारी सुप्रीम कोर्ट को दी. इसके बाद CJI ने कहा कि हम मेट्रो स्टेशन बन्द होने की बात से चिंतित है. हमारी चिंता दिल्ली एनसीआर से आने वाले उन लोगों के लिए है जो हर रोज रोजगार के लिए दिल्ली आते है. चीफ जस्टिस ने कहा कि एक बार को वकील की बात समझ आती है कि वो कार से आ सकते है लेकिन जो लोग मेट्रो से आते है, उनकी दिक्कत को भी देखना होगा. 

    उपद्रवियों को रोकने के लिए दूसरे भी उपाय हैंः CJI

    CJI ने कहा  कि  एक तरफ तो आप कह रहे है कि मेट्रो ट्रेनों की फ्रीक्वेंसी  कम की जा सकती है और दूसरी तरफ आप  कह रहे हैं कि सुबह 9 बजे से अगले आदेश तक स्टेशन बंद रहेंगे. ये दोनों बातें एक साथ कैसे सही हो सकती हैं? आप उपद्रवियों को रोकने के लिए एहतियाती कदम उठा सकते है. रेलवे और मेट्रो स्टेशनों पर CCTV कैमरे लगे हैं. सरकार के पास सुरक्षा के दूसरे उपाय भी हैं. आप उनका इस्तेमाल कर सकते हैं, लेकिन आम नागरिकों को भी इन स्टेशनों तक पहुंचने और सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करने का अधिकार है. राजधानी में प्रोटेस्ट के चलते सिक्योरिटी के पक्का इंतजाम किए जा रहे हैं रेलवे स्टेशन पर भी सिक्योरिटी को बढ़ाया जा रहा है और कई सारी ट्रेनों को रद्द भी किया जा सकता है या फिर डाइवर्ट भी किया जा सकता है.

     

    कल दिल्ली आने की मजबूरी तो कैसे पहुंचेंगे? #Delhi #SupremeCourt #CJI #CJPProtest | @AnjeetLive https://t.co/Wu4HvR6cPB

    — Zee News (@ZeeNews) October 9, 2026

     

    उपद्रवियों को रोकने के क्या इंतजाम हैं?

    वहीं, रेलवे स्टेशनों पर किस तरीके के इंतजाम रहने वाले हैं और कितने पुलिसकर्मी तैनात रहने वाले हैं और प्रदर्शनकारियों की पहचान के लिए जो दूसरे राज्य से भी आने वाले हैं उनको कैसे रोका जाएगा? इस पर डीपी रेलवे बी भारत रेड्डी ने जी न्यूज से बातचीत करते हुए बताया, '10 अक्टूबर का जो प्रोटेस्ट का कॉल है, लॉ एंड ऑर्डर मेंटेन करने के लिए धारा 163 लागू है. रेलवे जूरिडिक्शन में जहां तक जीआरपी का एरिया है, वहां पर भी धारा 163 लागू है, जो शांति भंग करने जैसे कोई भी बैड एलिमेंट हुआ उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी. यात्रियों का जो डे-टू-डे  मूवमेंट है उसमें कोई फर्क नहीं आएगा. लॉ एंड ऑर्डर को बनाए रखने के लिए 334 स्पेशल डेप्लॉयमेंट पुलिस ऑफिसर का किया जाएगा capf की भी 14 कंपनी तैनात की जा रही हैं दिल्ली के साथ बड़े रेलवे स्टेशन और 38 छोटे सब रेलवे स्टेशन पर जो में वाले हैं पूरा वक्त पुलिस की तैनाती रहेगी और कानूनी कार्रवाई जरूरत पड़ेगी, की जाएगी.'

    RPF और सोशल मीडिया के जरिए लेंगे मदद

    भारत रेड्डी ने आगे बताया, 'जो लोग दूसरे राज्यों से आ रहे हैं प्रदर्शन के लिए उनको पता लगाने के लिए आरपीएफ की मदद से और बाकी सोशल मीडिया और सोर्सेस से जो इन्फॉर्मेशन आएगी आईडेंटिफाई करके लोगों को डिटेन किया जाएगा जिन पर खतरा होगा. रेलवे मिनिस्ट्री से ऑफिशियली अभी तक कुछ आया नहीं है पर न्यूज से हमें पता चल रहा है की नई दिल्ली रेलवे स्टेशन और निजामुद्दीन पर ट्रेन को रोका जाएगा या डायवर्ट किया जाएगा, तो जैसे ही हमारे पास डिटेल आएगी, तो उसके हिसाब से डेप्लॉयमेंट अपग्रेड हो जाएगा.' आज रात से 2:00 से डेप्लॉयमेंट शुरू हो जाएगा और ज्यादातर सुबह जल्दी आने वाली ट्रेन पर फोकस रहेगा.

    वहीं SG तुषार मेहता ने कहा कि मैं कोर्ट की चिंता को समझता हूं. मैं इस मुद्दे पर सरकार से सलाह-मशविरा करूंगा. सुरक्षा की स्थिति को देखते हुए प्रतिबंधों में बदलाव किया जा सकता है.

    उपद्रवी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए ऐसा कर सकते हैं?- CJI

    CJI ने कहा कि  कानून-व्यवस्था बनाए रखने वाली एजेंसियों को नियम बनाने पूरा अधिकार है. इसमें कोई संदेह नहीं है. अगर आप उपद्रवी भीड़ की आवाजाही को नियंत्रित करना चाहते हैं, तो ऐसा कर सकते हैं, लेकिन इसका यह मतलब नहीं है कि आप सब कुछ ठप कर दें और लोगों को आने-जाने के लिए कोई साधन ही न छोड़ें. CJI- मेट्रो के जरिये आने वाले में  छात्र, नौकरी करने वाले लोग और बुज़ुर्ग शामिल हैं, जो आने-जाने के लिए इस पर निर्भर है.

    वहीं इसके पहले वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने शुक्रवार को अदालत में इस मामले को उठाते हुए कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन के लिए इस तरह एकतरफा रोक नहीं लगाई जा सकती. सुनवाई के दौरान सिब्बल ने कहा कि सभी ट्रेनें रद्द हैं, मेट्रो स्टेशन बंद हैं और लोगों के लिए एक स्थान से दूसरे स्थान तक आना-जाना मुश्किल हो गया है. उन्होंने आरोप लगाया कि होटल लोगों के लिए बंद हैं, निजामुद्दीन भी बंद है और रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (आरडब्ल्यूए) से कहा जा रहा है कि लोग बाहर नहीं निकल सकते. सिब्बल ने सवाल उठाया कि देश में क्या हो रहा है. उन्होंने कहा कि यह शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन है और प्रदर्शनकारियों को इस तरह रोका नहीं जा सकता.

    CJI सूर्यकांत बोले- मुझे ऐसी स्थिति नहीं दिखाई दी

    वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने भी मामले को उठाते हुए कहा कि पूरी दिल्ली बंद कर दी गई है. वहीं, अधिवक्ता गोपाल शंकरनारायणन ने दावा किया कि 57 मेट्रो स्टेशन बंद किए गए हैं. उन्होंने कहा कि दिल्ली में 1.8 करोड़ लोग मेट्रो से यात्रा करते हैं और यह नहीं माना जा सकता कि वे सभी प्रदर्शनकारी हैं. इस पर मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत ने कहा कि जब वे सुबह अदालत पहुंचे थे, तब उन्हें ऐसी कोई स्थिति दिखाई नहीं दी थी.

    कानून के नियमों के तहत करें प्रदर्शन

    सुनवाई के दौरान जस्टिस बागची ने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने के मौलिक अधिकार पर कोई संदेह नहीं है, लेकिन इस अधिकार का इस्तेमाल उससे संबंधित कानूनों और नियमों के तहत ही किया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि प्रदर्शन के लिए अनुमति मांगनी होगी. यदि अनुमति नहीं दी जाती है या इस प्रक्रिया में आनाकानी की जाती है, तो याचिकाकर्ता अदालत का रुख कर सकते हैं.

    कोर्ट को पहले जमीनी हकीकत को समझना होगा, फिर...

    इस पर गोपाल शंकरनारायणन ने कहा कि अनुमति लेने की प्रक्रिया में समय लगेगा, जबकि प्रदर्शन शनिवार को प्रस्तावित है. उन्होंने कहा कि वे दिल्ली के नागरिक हैं और ऐसे फैसलों से प्रभावित हो रहे हैं, जो उनके अनुसार गलत हैं. जस्टिस बागची ने कहा कि अदालत को पहले प्रदर्शन से जुड़ी जमीनी स्थिति को समझना होगा. उन्होंने कहा कि यदि प्रदर्शन की अनुमति मिली है, तो वह कानूनी प्रदर्शन है. हालांकि, यदि प्रदर्शन कानून के अनुरूप नहीं है, तो भी अदालत यह नहीं कहती कि लोगों को प्रदर्शन करने का अधिकार नहीं है, लेकिन उन्हें ऐसा अपने जोखिम पर करना होगा.

    दोपहर 2 बजे होगी सुनवाई

    जस्टिस बागची ने कहा कि यदि अदालत को यह जानकारी मिल जाए कि प्रदर्शन का आयोजन कौन कर रहा है और उसमें कितने लोगों के शामिल होने की संभावना है, तो उसी के अनुसार व्यवस्था करने का निर्देश दिया जा सकता है. उन्होंने कहा कि इस जानकारी के आधार पर सरकार से भी आवश्यक कदम उठाने को कहा जा सकता है, ताकि पूरे शहर पर बड़े पैमाने पर प्रतिबंध लगाने के बजाय स्थिति के अनुरूप व्यवस्था की जाए. इस पर कपिल सिब्बल ने कहा कि वह याचिकाकर्ताओं से प्रदर्शन से संबंधित पूरी जानकारी लेकर अदालत के समक्ष पेश होंगे. उन्होंने दोपहर दो बजे तक विस्तृत जानकारी देने की बात कही. मामले में आगे की सुनवाई दोपहर दो बजे होगी.

    यह भी पढ़ेंः CJP को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति नहीं, पुलिस ने किया साफ; दिल्ली आने वाली ट्रेनें रद्द और शराब बिक्री पर भी रहेगी रोक

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