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कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के सदस्य सौरव दास और आशुतोष रांका को 5 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है. जंतर-मंतर पर ट्रेसपासिंग और बॉन्ड तोड़ने के आरोप में विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट ने बुधवार को यह आदेश दिया.
तीनों नेताओं को बुधवार सुबह करीब 8 बजे दिल्ली के मंदिर मार्ग स्थित मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया, जिसके बाद उनको न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया. शिंदे, दास और रांका को मंगलवार सुबह पुलिस बैरिकेड्स पार करने, जंतर-मंतर में घुसने और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए नारे लगाने के बाद हिरासत में लिया गया था.
इससे पहले, उन्हें 50,000 रुपये का बॉन्ड भरने और एक साल तक शांति भंग करने वाले किसी भी मामले में शामिल न होने का वादा करने के बाद रिहा कर दिया गया था. इस बार, उन पर बिना इजाजत घुसने और बॉन्ड की शर्तों का उल्लंघन करने के आरोप हैं. उन्हें बार-बार नियम तोड़ने वालों के तौर पर देखा जा रहा है.
CJP Legal Head Ratna Singh tweets, "BREAKING: Delhi Police arrests Saurav Das, Ashutosh Ranka, and Ajinkya Shinde at Parliament Street Police Station in today’s Jantar Mantar case. Trespass, bond violation, obstruction of public official’s duty, etc. They’ll be produced before the SCM Court in the morning. A possibility of Judicial Custody (JC) in the Tihar Jail is possible. They were not allowed to meet their lawyers till late at night. They were brought to Parliament Street PS at 3 AM in a private van. Despite these illegal actions, their spirits are high."
— IANS (@ians_india) October 13, 2026
X पर एक पोस्ट में, CJP की कानूनी टीम की प्रमुख रत्ना सिंह ने कहा, 'दिल्ली पुलिस ने बुधवार को के जंतर-मंतर मामले में सौरव दास, आशुतोष रांका और अजिंक्य शिंदे को पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन में गिरफ्तार किया. उन पर बिना इजाजत घुसने, बॉन्ड तोड़ने, सरकारी अधिकारी के काम में रुकावट डालने आदि के आरोप हैं.'
सिंह ने यह भी कहा कि तीनों को देर रात तक अपने वकीलों से मिलने नहीं दिया गया और उन्हें सुबह 3 बजे एक प्राइवेट वैन में पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन लाया गया.
उन्होंने आगे कहा, 'उन्हें सुबह SCM कोर्ट के सामने पेश किया जाएगा. तिहाड़ जेल में न्यायिक हिरासत (JC) की संभावना है. उन्हें देर रात तक अपने वकीलों से मिलने नहीं दिया गया. उन्हें सुबह 3 बजे एक प्राइवेट वैन में पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस थाने लाया गया. इन गैर-कानूनी कामों के बावजूद, उनके हौसले बुलंद हैं.' रंका और दास ने शनिवार को राजधानी में एक पहले के विरोध प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए जाने के बाद एक साल के शांति बॉन्ड पर भी हस्ताक्षर किए थे.
ये गिरफ्तारियां ऐसे समय में हुई हैं, जब दिल्ली में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं. CJP और अन्य समूह वोटर लिस्ट के 'स्पेशल इंटेंसिव रिविजन' (SIR) में गड़बड़ियों को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं.
11 अक्टूबर को, दिल्ली पुलिस कमिश्नर अनुराग कुमार ने एक आदेश जारी कर रामलीला मैदान, बुराड़ी ग्राउंड और CBD ग्राउंड को विरोध प्रदर्शन और रैलियों के लिए तय जगहें घोषित किया था. इस आदेश में जंतर-मंतर को भी विरोध-प्रदर्शन के लिए मंजूरी प्राप्त जगहों की सूची से हटा दिया गया.
CJP ने इस फैसले का विरोध करते हुए कहा कि राष्ट्रीय राजधानी के मुख्य इलाके से विरोध-प्रदर्शनों को दूर करने से सार्वजनिक प्रदर्शनों की विजिबिलिटी और उनका असर कम हो जाएगा.
दूसरी ओर, दिल्ली पुलिस की इंटेलिजेंस फ्यूजन एंड स्ट्रैटेजिक ऑपरेशंस (आईएफएसओ) यूनिट ने सोशल मीडिया पर फर्जी खबरें फैलाने और देश में माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने वाले हैंडल के खिलाफ 4 से ज्यादा एफआईआर दर्ज की हैं. सूत्रों के मुताबिक, सीमा पार से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के जरिए भारत विरोधी भावनाओं को बढ़ावा दिया जा रहा था. कई पाकिस्तानी सोशल मीडिया अकाउंट्स के एक्टिव होकर भ्रामक जानकारी फैलाने और लोगों के बीच भ्रम फैलाने की बात सामने आई है.
सूत्रों के मुताबिक, 10 अक्टूबर को कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के विरोध प्रदर्शन के दौरान कई पाकिस्तानी सोशल मीडिया हैंडल से ऐसी खबरें फैलाई गईं, जिनमें दावा किया गया था कि प्रदर्शन के दौरान कई लोगों की मौत हो गई है. बताया गया कि इन पोस्ट के जरिए मौजूदा स्थिति के बीच गलत सूचनाएं फैलाने और लोगों में दहशत पैदा करने की कोशिश की गई.