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मुनीर के डिजिटल आतंक का पर्दाफाश: घाटी में तैयार कर रहा था जिहादी, CIK ने ध्वस्त किए मंसूबे

भारत से बार-बार पिटने के बाद भी आसिम मुनीर अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है. पाक सेना के समर्थन से आतंकियों ने घाटी में सोशल मीडिया के जरिए जिहादियों को खड़ा करने का खतरनाक रची थी, जिसे जम्मू-कश्मीर पुलिस की काउंटर इंटेलिजेंस कश्मीर (CIK) विंग ने इसे ध्वस्त कर दिया है.

Reported By Khalid Hussain Edited By K. Raj Mishra
Published: Nov 06, 2026, 10:49 AM IST | Updated: Nov 06, 2026, 11:28 AM IST
Image Credit: CIK ने ध्वस्त किए मुनीर के मंसूबे (AI तस्वीर)
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जम्मू-कश्मीर पुलिस की काउंटर इंटेलिजेंस कश्मीर (CIK) विंग ने आज (शुक्रवार, 6 नवंबर) की तड़के घाटी में बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए 4 इलाकों में छापेमारी की. यह कार्रवाई पाकिस्तान स्थित हैंडलर्स से जुड़े आतंकी भर्ती के एक पुराने मामले के सिलसिले में की गई है. अधिकारियों के अनुसार, CIK की टीमों ने बडगाम, श्रीनगर, अनंतनाग के बिजबेहरा और मट्टन इलाकों के अलावा पुलवामा जिले के एक गांव में सुबह छापा मारा. एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट की निगरानी में इस छापेमारी को अंजाम दिया गया. यह अभियान CIK श्रीनगर पुलिस स्टेशन में दर्ज FIR नंबर 07/2023 के तहत चलाया गया है.

मुनीर की डिजिटल आतंक वाली फैक्ट्री ध्वस्त!

जानकारी के मुताबिक, छापेमारी के दौरान सुरक्षा एजंसी ने एक ऐसे आतंकी भर्ती मॉड्यूल का खुलासा किया है, जो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करके कश्मीरी युवाओं को कट्टरपंथी बना रहा था. कश्मीर के नौजवानों को प्रतिबंधित आतंकी संगठनों में शामिल होने के लिए उकसा जा रहा था. अधिकारियों ने बताया कि उन्हें इस आतंकी नेटवर्क के इनपुट मिले थे. इसी आधार पर छापेमारी शुरू की गई. इस दौरान पता चला कि लश्कर-ए-तैयबा (LeT) और अन्य प्रतिबंधित संगठनों के हैंडलर्स की ओर से डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए कश्मीरी युवाओं को गुमराह किया जा रहा है.

ऑनलाइन कट्टरपंथ नेटवर्क की कमर तोड़ी

पाक में बैठे आतंकी कश्मीरियों को भारत के खिलाफ भड़काने और उन्हें आतंकी संगठनों में शामिल करने की साजिश रच रहे थे. ऑनलाइन कट्टरपंथ नेटवर्क के खिलाफ ही आज CIK ने बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है. इस मामले में पहले भी कई आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज करके कार्रवाई की जा चुकी है. जांच एजेंसी से जुड़े सूत्रों ने बताया कि बडगाम, कुपवाड़ा और श्रीनगर में बैठे कुछ लोग कथित तौर पर सीमा पार बैठे हैंडलर्स के संपर्क में थे. ये लोग सोशल मीडिया पर भड़काऊ व उकसाने वाली सामग्री फैला रहे थे.

श्रीनगर में भी एक घर पर पड़ा छापा

CIK से जुडे़ एक अधिकारी ने मीडिया को बताया कि डिजिटल आतंकवाद से जुड़े मामले में श्रीनगर में एक रिहायशी घर पर छापा मारा गया. अधिकारियों ने बताया कि संबंधित व्यक्ति ग्रेजुएट है. यह मामला IPC की धाराओं 153-A और 505, तथा UAPA की धाराओं 13, 18, 18-A और 39 के तहत दर्ज किया गया है. अधिकारी ने बताया कि संबंधित व्यक्ति ने 29 अप्रैल 2025 को अपनी मां को पाकिस्तान भेज दिया था और वह अभी वहीं रह रही हैं.

घाटी में अब सिर नहीं उठा पाएगा आतंकवाद

अधिकारियों ने बताया कि शुक्रवार की छापेमारी के दौरान क्या कुछ बरामद हुआ? कौन से डिजिटल उपकरण जब्त किए गए या कितने लोगों को हिरासत में लिया गया, इसकी विस्तृत जानकारी बाद में दी जाएगी. यह अभियान उस डिजिटल नेटवर्क को तोड़ने पर लगातार दिए जा रहे जोर को दर्शाता है, जिसका इस्तेमाल आतंकी समूह भर्ती के लिए करते रहे हैं. यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब स्थानीय युवाओं का आतंकी संगठनों में शामिल होना काफी कम हो गया है और इस साल अब तक ऐसा कोई मामला सामने नहीं आया है.

ये भी पढ़ें- घाटी में ध्वस्त हुआ आतंकी इकोसिस्टम: सिर्फ एक स्थानीय आतंकी सक्रिय, सीमा पार बौखलाए पाकिस्तानी आका!

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About the Author

सैयद खालिद हुसैन जम्मू-कश्मीर के एक पुरस्कार विजेता पत्रकार हैं, जिन्हें 24 वर्षों से अधिक का अनुभव है. साल 2014 से 'ज़ी न्यूज़' में चीफ  स्पेशल कोरेस्पोंडेंट के रूप में काम कर रहे हैं.जी मीडिया से पहले हुसैन ने न्यूज़ 18 में नौ साल तक सीनियर कोरेस्पोंडेंट के रूप में काम किया. हुसैन ने अपने करियर की शुरुआत डीडी न्यूज से की थी. हुसैन ने अपनी तालीम श्रीनगर के पब्लिक स्कूल और डीएवी हाई स्कूल से हासिल की. फिर ग्रेजुएशन तक का सफ़र एस.पी हायर सेकेंडरी स्कूल और अमर सिंह कॉलेज से पूरा किया. उसके बाद मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई के लिए दिल्ली के सर अरबिंदो इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन से पूरी की. इसके अलावा हुसैन लेखक फ़िल्म/ वीडियो कैमरा का स्पेशल कोर्स एफटीआई पुणे से कर चुके हैं.  मुंबई और दिल्ली में कई साल काम करने के बाद 2004 में उन्होंने जम्मू-कश्मीर में काम करना शुरू किया. डीडी न्यूज़, डीडी कश्मीर, BAG फ़िल्म्स में फ्रीलांस काम किया. हुसैन पिछले दो दशक से भी ज्यादा समय से जम्मू-कश्मीर से जुड़े कई मुद्दों को बेहतरीन तरीके से कवर कर रहे हैं. लद्दाख से लेकर मुंबई तक हुसैन भारत के कई शहरों से रिपोर्टिंग कर चुके हैं.
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