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जम्मू-कश्मीरः कुलगाम से आतंकियों के 5 सहयोगी गिरफ्तार, हंदवाड़ा से भारी मात्रा में गोला-बारूद बरामद

जम्मू-कश्मीर में सुरक्षाबलों ने बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए कुलगाम से ख्रेवन चद्दर में 5 आतंकवादी सहयोगियों को गिरफ्तार किया है. उनके पास भारी मात्रा में हथियारों का जखीरा भी बरामद किया गया है. इसके साथ ही सुरक्षाबलों ने हंदवाड़ा इलाके में नगदाना के घने जंगलों में आतंकियों के एक पुराने ठिकाने का भंडाफोड़ किया है.

Written By Khalid Hussain Edited By K. Raj Mishra
Published: Oct 08, 2026, 07:52 AM IST | Updated: Oct 08, 2026, 08:01 AM IST
Image Credit: प्रतीकात्मक AI तस्वीर
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जम्मू-कश्मीर में सुरक्षाबलों ने बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए कुलगाम से ख्रेवन चद्दर में 5 आतंकवादी सहयोगियों को गिरफ्तार किया है. स्थानीय पुलिस, 9 राष्ट्रीय राइफल्स और CRPF की 18वीं बटालियन ने मिलकर इस ऑपरेशन को अंजाम दिया. गिरफ्तार किए गए संदिग्धों के पास से भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद किया गया है.  जिन पांच आतंकी सहयोगियों को गिरफ्तार किया गया है, उनकी पहचान गुफबल निवासी मंजूर अहमद मीर के बेटे तजामुल हुसैन मीर, ख्रेवन निवासी गुलाम हसन नाइकू के बेटे रहमत अली नाइकू, ख्रेवन निवासी पिता मुश्ताक अहमद भट के बेटे तहरीम अहमद भट, ख्रेवन चद्दर निवासी गुलाम हसन भट के बेटे मंजूर अहमद भट और कुलगाम के माल्टलहामा निवासी अब्दुल रशीद डार के बेटे किफायत अहमद डार के रूप में हुई है.

गिरफ्तार आतंकी सहयोगियों के पास से सुरक्षाबलों ने 02 पिस्तौल, 03 मैगज़ीन, 9mm के 40 राउंड गोला-बारूद और 03 ग्रेनेड बरामद किए हैं. अब पांचों संदिग्ध आतंकियों के खिलाफ कुलगाम पुलिस स्टेशन में कानून की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है. सुरक्षाबल अब उनके नेटवर्क के पूरे दायरे और सक्रिय आतंकवादी समूहों से किसी भी संबंध का पता लगाने के लिए आगे की जांच चल रही है. वहीं, दूसरी ओर हंदवाड़ा पुलिस ने भारतीय सेना की 21 राष्ट्रीय राइफल्स (21 RR) और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) की 92 बटालियन के साथ मिलकर उत्तरी कश्मीर के कुपवाड़ा जिले के हंदवाड़ा इलाके में नगदाना के घने जंगलों में आतंकियों के एक पुराने ठिकाने का भंडाफोड़ किया है. सुरक्षाबलों ने यहां से भारी मात्रा में हथियार, गोला-बारूद और अन्य आपत्तिजनक सामग्री बरामद किया है.

मौके से बरामद सामान में ये चीजें शामिल हैं:
• एक AK-47 राइफल
• तीन ग्रेनेड
• AK के 857 राउंड कारतूस
• PIKA के 192 राउंड कारतूस
• आठ AK मैगज़ीन
• एक साइलेंसर
• पिस्तौल के 83 राउंड कारतूस
• अन्य आपत्तिजनक सामग्री

इस मामले में, हंदवाड़ा पुलिस स्टेशन में कानून की संबंधित धाराओं के तहत FIR नंबर 232 दर्ज की गई है. मामले की जांच शुरू कर दी गई है और आगे की जानकारी जुटाई जा रही है, जिसमें हथियारों के जखीरे के स्रोत और सक्रिय आतंकी मॉड्यूल से किसी भी संभावित संबंध का पता लगाना शामिल है.

खुफिया जानकारी के आधार पर, संयुक्त सर्च टीम ने जंगल वाले इलाके में गहन तलाशी अभियान चलाया. तलाशी के दौरान, टीम को आतंकवादियों का एक पुराना ठिकाना मिला और उसे नष्ट कर दिया गया; इस ठिकाने का इस्तेमाल आतंकवादी हथियार जमा करने के लिए करते थे. पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी

पुलिस अधिकारियों ने कहा कि इतनी बड़ी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद मिलने से इस इलाके में सक्रिय आतंकवादियों और उनके मददगार नेटवर्क के मंसूबों को बड़ा झटका लगा है. समय पर की गई इस कार्रवाई से संभावित आतंकी गतिविधियों को रोकने और इलाके में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में मदद मिली है. सुरक्षाबलों की ओर से किए गए इन ऑपरेशनों से पता चलता है कि जम्मू-कश्मीर पुलिस और सुरक्षा बल आतंकवादी नेटवर्क को तोड़ने, ओवरग्राउंड वर्करों को बेअसर करने और पूरी घाटी में छिपे हथियारों के जखीरे को खत्म करने के लिए लगातार और तेज कोशिशें कर रहे हैं.

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About the Author

सैयद खालिद हुसैन जम्मू-कश्मीर के एक पुरस्कार विजेता पत्रकार हैं, जिन्हें 24 वर्षों से अधिक का अनुभव है. साल 2014 से 'ज़ी न्यूज़' में चीफ  स्पेशल कोरेस्पोंडेंट के रूप में काम कर रहे हैं.जी मीडिया से पहले हुसैन ने न्यूज़ 18 में नौ साल तक सीनियर कोरेस्पोंडेंट के रूप में काम किया. हुसैन ने अपने करियर की शुरुआत डीडी न्यूज से की थी. हुसैन ने अपनी तालीम श्रीनगर के पब्लिक स्कूल और डीएवी हाई स्कूल से हासिल की. फिर ग्रेजुएशन तक का सफ़र एस.पी हायर सेकेंडरी स्कूल और अमर सिंह कॉलेज से पूरा किया. उसके बाद मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई के लिए दिल्ली के सर अरबिंदो इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन से पूरी की. इसके अलावा हुसैन लेखक फ़िल्म/ वीडियो कैमरा का स्पेशल कोर्स एफटीआई पुणे से कर चुके हैं.  मुंबई और दिल्ली में कई साल काम करने के बाद 2004 में उन्होंने जम्मू-कश्मीर में काम करना शुरू किया. डीडी न्यूज़, डीडी कश्मीर, BAG फ़िल्म्स में फ्रीलांस काम किया. हुसैन पिछले दो दशक से भी ज्यादा समय से जम्मू-कश्मीर से जुड़े कई मुद्दों को बेहतरीन तरीके से कवर कर रहे हैं. लद्दाख से लेकर मुंबई तक हुसैन भारत के कई शहरों से रिपोर्टिंग कर चुके हैं.
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