App

44 साल बाद भारत की गोल्डन जीत की साक्षी बनी शाहाबाद की नवनीत कौर, अब सीधे ओलंपिक का टिकट

नवनीत कौर भारतीय महिला हॉकी टीम की उस ऐतिहासिक जीत का हिस्सा बनीं, जब टीम ने एशियन गेम्स के फाइनल में चीन को हराकर 44 साल बाद स्वर्ण पदक जीता. इस जीत के साथ भारतीय टीम ने अगले ओलंपिक के लिए सीधे प्रवेश भी हासिल किया.

44 साल बाद भारत की गोल्डन जीत की साक्षी बनी शाहाबाद की नवनीत कौर, अब सीधे ओलंपिक का टिकट

जापान में चल रहे एशियन गेम्स में भारतीय महिला हॉकी टीम ने चीन को फाइनल में हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया. इस ऐतिहासिक जीत की साक्षी हरियाणा स्थित कुरुक्षेत्र के शाहाबाद की बेटी नवनीत कौर भी बनीं. भारतीय महिला हॉकी टीम ने 44 साल बाद एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीता है. टीम की इस उपलब्धि से नवनीत कौर और उनके परिवार की खुशी का ठिकाना नहीं रहा.

फाइनल में निभाई अहम भूमिका

फाइनल मुकाबले में नवनीत कौर ने टीम को लीड करने की जिम्मेदारी निभाई. उन्होंने पेनल्टी कॉर्नर को शानदार तरीके से रोककर टीम के लिए अहम भूमिका निभाई. पूरे मुकाबले के दौरान वह आत्मविश्वास के साथ खेलती नजर आईं और टीम के साथ मजबूती से डटी रहीं.

एशियन गेम्स में नवनीत कौर का प्रदर्शन भी शानदार रहा. उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में 10 गोल दागकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया. फाइनल में टीम की जीत के बाद नवनीत ने इसे अपने लिए बेहद ऐतिहासिक पल बताया.

नवनीत ने कहा कि भारतीय महिला हॉकी टीम ने फाइनल में पूरे आत्मविश्वास के साथ खेला और सभी खिलाड़ियों ने अपना 100 प्रतिशत दिया. उन्होंने कहा कि यह ऐसा ऐतिहासिक पल है, जिसे वह कभी नहीं भूल पाएंगी. उनके मुताबिक चीन की फॉरवर्ड लाइन अपेक्षाकृत कमजोर रही, जिसका भारतीय टीम को फायदा मिला और टीम ने मुकाबले को अपने पक्ष में किया.

सीधे ओलंपिक का टिकट

एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीतने के साथ भारतीय महिला हॉकी टीम ने अगले ओलंपिक के लिए सीधे प्रवेश हासिल किया है. नवनीत कौर ने इसे भी टीम के लिए बड़ी उपलब्धि बताया. उनके मुताबिक एशियन गेम्स का स्वर्ण पदक और उसके साथ सीधे ओलंपिक का टिकट मिलना इस जीत को और खास बनाता है.

पिता से वीडियो कॉल पर बात

फाइनल में जीत के बाद नवनीत कौर ने अपने पिता बूटा सिंह से वीडियो कॉल पर बात कर अपनी खुशी साझा की. बेटी की ऐतिहासिक उपलब्धि पर पिता भी बेहद खुश नजर आए.

मैच से पहले नवनीत के पिता बूटा सिंह, मां बलविंदर कौर और भाई युवराज सिंह गुरुद्वारे में पहुंचे थे. परिवार ने भारतीय टीम की जीत के लिए अरदास की थी. परिजनों ने बताया कि उन्होंने मैच का एक-एक सेकंड देखा और मुकाबले के अंत तक उनकी सांसें अटकी रहीं. मैच के दौरान कई बार परिवार की आंखों में खुशी और भावुकता के आंसू भी आ गए.

शाहाबाद की इकलौती खिलाड़ी

नवनीत कौर ने कहा कि पूरे एशियन गेम्स में शाहाबाद और जिला कुरुक्षेत्र से भारतीय महिला हॉकी टीम में वह अकेली खिलाड़ी थीं. ऐसे में देश के लिए स्वर्ण पदक जीतने वाली टीम का हिस्सा बनना उनके लिए गर्व और भावुकता से भरा पल है.

उन्होंने कहा कि यह ऐसा ऐतिहासिक पल है, जिसे वह जिंदगीभर नहीं भूलेंगी. बेटी की इस उपलब्धि से शाहाबाद और कुरुक्षेत्र में भी खुशी का माहौल है.
दर्शन कैत की रिपोर्ट

Add Zee News as a Preferred Source

About the Author

Gaurav Pandey

Gaurav Pandey

Gaurav is a multimedia journalist writing across a wide range of subjects, including politics, sports, cinema, explainers, opinion and Delhi Haryana civic issues. With analysis, he regularly covers social issues and public policy through in-depth. With around nine years of experience, he has worked with India Today, Hindustan Times, and Network18, producing stories with a strong focus on facts and ground reality. He studied journalism at IIMC Delhi.
Read More