App

​कभी कर्ज लेकर खरीदा धनुष-बाण, अब Asian Games में जीता गोल्ड; हरियाणा की तीरंदाज कीर्ति शर्मा का भव्य स्वागत

Asian Games 2026 में आर्चरी का गोल्ड जीतने वाली जींद की कीर्ति शर्मा के गांव लौटने पर ढोल-नगाड़ों और फूल-मालाओं से भव्य स्वागत हुआ, जहां उन्होंने अगला लक्ष्य ओलंपिक में तिरंगा फहराना बताया.

​कभी कर्ज लेकर खरीदा धनुष-बाण, अब Asian Games में जीता गोल्ड; हरियाणा की तीरंदाज कीर्ति शर्मा का भव्य स्वागत
Image Credit: BSF INDIA & Z MEDIA

Haryana News: एशियन गेम्स 2026 में तीरंदाजी (आर्चरी) स्पर्धा में भारत को स्वर्ण पदक दिलाकर देश का मान बढ़ाने वाली जींद जिले के सफीदों उपमंडल के गांव रिटोली की 'गोल्डन गर्ल' कीर्ति शर्मा का सोमवार को अपने पैतृक गांव पहुंचने पर ऐतिहासिक स्वागत किया गया. गांव की सीमाओं में प्रवेश करते ही ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों और परिजनों ने ढोल-नगाड़ों, आतिशबाजी और ढोल की थाप पर फूल-मालाएं पहनाकर अपनी बेटी का नागरिक अभिनंदन किया. इस दौरान महिलाओं ने पारंपरिक हरियाणवी लोकगीत गाकर नृत्य किया और देसी घी के चूरमे से बेटी का मुंह मीठा करवाया.

इससे पूर्व गत रात्रि दिल्ली अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हरियाणा के खेल एवं युवा मामले मंत्री गौरव गौतम ने प्रदेश के तमाम पदक विजेता खिलाड़ियों की अगवानी की थी. आज जैसे ही कीर्ति अपने गांव पहुंचीं, परिजनों और ग्रामीणों की आंखें खुशी से छलक उठीं. गांव में प्रवेश करते ही कीर्ति ने सबसे पहले अपने स्वर्णिम मेडल को अपने दादा रामजुआरी और दादी के चरणों में समर्पित कर उनका आशीर्वाद लिया.
​
स्वर्णिम तीरंदाज कीर्ति शर्मा ने अपने संघर्ष के दिनों को साझा किया. उन्होंने बताया कि करीब सात वर्ष पूर्व स्कूल स्तर पर उन्होंने पहली बार धनुष-बाण संभाला था. देखते ही देखते तीरंदाजी उनके जीवन का अटूट हिस्सा बन गई. कीर्ति ने कहा, आर्चरी अब केवल मेरा खेल नहीं, बल्कि मेरी सांसों में बस चुकी है. परिवार ने जिस प्रकार तंगहाली के बावजूद मेरा साथ दिया, यह मेडल उन्हीं के त्याग का परिणाम है. अब मेरा अगला और अंतिम लक्ष्य ओलंपिक में तिरंगा फहराना है.

कीर्ति ने प्रदेश सरकार और समाज से अपील करते हुए कहा कि ग्रामीण अंचलों में बेटियों को आगे बढ़ने के समान अवसर और खेल सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं ताकि वे देश का नाम विश्व पटल पर रोशन कर सकें.

​कीर्ति के पिता विजय कुमार, जिनके पास महज 3 एकड़ कृषि भूमि है, उन्होंने भावुक होते हुए बताया कि आर्थिक तंगी और संसाधनों के अभाव के बावजूद उन्होंने बेटी के हौसले को टूटने नहीं दिया. शुरुआती दिनों में जब महंगी खेल किट खरीदना नामुमकिन था, तब स्थानीय स्तर पर सहयोग और कर्ज लेकर उपकरण जुटाए गए. पिता ने कहा, बेटी बचपन में गलियों में खुद कमान बनाकर निशाना साधती थी. आज उसकी मेहनत और ईश्वर की कृपा से हमारी सारी परेशानियां दूर हो गईं. पूरी रात खुशी के मारे नींद नहीं आई.

​वहीं माता गुड्डी देवी ने अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा, कीर्ति हमारी बेटी नहीं, बेटा है. उसने हमारे पूरे गांव और देश का मस्तक ऊंचा किया है.
​
दिग्गजों ने दी बधाई, खिलाड़ियों को मिला प्रोत्साहन
​कीर्ति के स्वागत समारोह में सार्वजनिक उपक्रम ब्यूरो हरियाणा के अध्यक्ष मोहन लाल बड़ौली तथा सफीदों के विधायक रामकुमार गौतम विशेष रूप से पहुंचे.​ मोहन लाल बड़ौली ने पूरे परिवार व कोच ऊधम सिंह को बधाई देते हुए कहा कि एशियन गेम्स में भारत द्वारा जीते गए कुल 85 पदकों में से अकेले हरियाणा के खिलाड़ियों ने 37 पदक हासिल कर यह साबित कर दिया है कि हरियाणा खेलों की नर्सरी है. राज्य सरकार की खेल नीतियां खिलाड़ियों को विश्व स्तर पर स्थापित करने में मील का पत्थर साबित हो रही हैं.​विधायक रामकुमार गौतम ने कहा कि सफीदों और जींद की बेटियों ने अपनी प्रतिभा के बल पर पूरे देश का दिल जीत लिया है.

(जींद से गुलशन चावला की रिपोर्ट)

Add Zee News as a Preferred Source

About the Author

Renu Akarniya

Renu Akarniya

रेनू अकर्णिया, वर्तमान में Zee News में सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं और दिल्ली-एनसीआर और हरियाणा की लेटेस्ट, ट्रेंडिंग कंटेंट, यूटिलिटी जुड़ी खबरों पर काम कर रहे हैं. रेनू पिछले 3 सालों से डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं. पत्रकारिता में ग्रेजुएशन करने के बाद उन्होंने 2022 में Zee News से करियर की शुरुआत की.  लोकल चैनल समाचार प्लस में इंटर्न से शुरुआत की और कारवां बढ़ता हुआ जी न्यूज पहुंचा.
Read More