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दिल्ली की एक कोर्ट से समन भेजे जाने के बाद एक्ट्रेस नोरा फतेही की कानूनी टीम ने एक बयान जारी कर कहा है कि वह सुकेश चंद्रशेखर मामले में आरोपी नहीं हैं. कई रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि एक्ट्रेस को एक आरोपी के तौर पर बुलाया गया है. अब उनकी टीम ने साफ किया है कि सुकेश चंद्रशेखर जबरन वसूली मामले में नोरा को एक गवाह के तौर पर बुलाया गया था.
टीम ने कोर्ट में नोरा के मौजूद न होने के बारे में भी बात की. नोरा की टीम ने बताया कि सुकेश चंद्रशेखर से जुड़े EOW मामले की आज दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में सुनवाई थी, जिसमें नोरा फतेही को गवाह के तौर पर पेश होने के लिए बुलाया गया था.
टीम के मुताबिक, इस मामले में कोर्ट ने नोरा फतेही को केवल गवाह के रूप में तलब किया है. नोरा की लीगल टीम का कहना है कि एक्ट्रेस जांच एवं न्यायिक प्रक्रिया में एक गवाह के रूप में सपोर्ट कर रही हैं. बता दें कि यह बयान 2 नवंबर को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में हुई सुनवाई के बाद आया. जब आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) से जुड़े मामले में नोरा को गवाही देने के लिए कोर्ट में पेश होना था. हालांकि, उनके वकीलों ने कोर्ट को बताया कि उन्हें समन बहुत कम समय पहले मिला था और पहले से तय प्रोफेशनल कमिटमेंट के चलते वे पेश नहीं हो सकीं.
वहीं, इस मामले में नोरा की ओर से व्यक्तिगत पेशी से छूट के लिए आवेदन दाखिल किया गया. कोर्ट ने आवेदन पर सुनवाई के बाद मामले को 6 नवंबर तक के लिए टाल दिया और नोरा को पेश होने के लिए नया समन जारी किया. नोरा की लीगल टीम ने मीडिया से कहा, 'सुकेश चंद्रशेखर से जुड़ा ईओडब्ल्यू का मामला आज दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में सुनवाई के लिए आया था. इस मामले में नोरा फतेही को गवाह के तौर पर समन भेजा गया था. उनके वकील कोर्ट में पेश हुए और बताया कि नोरा को बहुत कम समय पहले समन मिला था. पहले से तय प्रोफेशनल कमिटमेंट के कारण वे अदालत में उपस्थित नहीं हो सकीं.''
बयान में आगे कहा गया, 'व्यक्तिगत पेशी से छूट के लिए आवेदन दाखिल किया गया, जिसके बाद कोर्ट ने मामले की सुनवाई 6 नवंबर 2026 तक टाल दी और नोरा को पेश होने के लिए नया समन जारी किया. यह साफ किया जाता है कि नोरा फतेही न तो इस मामले में आरोपी हैं और न ही उन पर किसी अपराध में शामिल होने का आरोप है. उन्हें केवल गवाह के तौर पर अदालत की कार्यवाही में मदद करने के लिए बुलाया गया है.'
दरअसल, यह मामला कथित ठग सुकेश चंद्रशेखर से जुड़ा है. आरोप है कि सुकेश ने दिल्ली की रोहिणी जेल में बंद रहने के दौरान करीब 200 करोड़ रुपए की वसूली का रैकेट चलाया था. बताया जाता है कि उसने खुद को वरिष्ठ सरकारी अधिकारी बताकर लोगों से ठगी की थी.
इस मामले की जांच दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने की थी. जांच के बाद पुलिस ने महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण कानून (मकोका) के तहत चार्जशीट दाखिल की थी. इस मामले में जांच के दौरान नोरा फतेही से भी पूछताछ की गई थी. उनसे सुकेश चंद्रशेखर और उनकी पत्नी लीना मारिया पॉलोस के साथ कथित संपर्कों को लेकर सवाल किए गए थे. इसके अलावा, मजिस्ट्रेट के सामने दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 164 के तहत उनका बयान भी दर्ज किया गया था. बाद में पुलिस ने सप्लीमेंट्री चार्जशीट में नोरा को अभियोजन पक्ष के गवाह के तौर पर शामिल किया था.
(आईएएनएस इनपुट के साथ)