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बिहार में जदयू के अंदर पिछले कई दिनों से घमासान जारी है! ललन सिंह और संजय झा के बीच टकराहट की चर्चा हो रही है. साथ ही जदयू में टूट की बातें चल रही हैं. ऐसे में 3 नवंबर मंगलवार को भागलपुर में जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने बड़ा बयान दिया. उन्होंने कहा कि पूरी जदयू नीतीश कुमार के नेतृत्व में एक है. जदयू पूरी तरह से यूनाइटेड है. कुछ लोगों को लगता है कि कन्फ्यूजन क्रिएट करके राजनीति सेट कर लें, तो उनसे आगे की हम लोग सोचते हैं. पूरी पार्टी एक है और पार्टी के सभी नेता एकजुट होकर नीतीश कुमार के नेतृत्व में काम कर रहे हैं.
दरसअल, बिहार के हर जिले में जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा के नेतृत्व में फरक्का जल संधि पर नीतीश संवाद किया जा रहा है. गंगा किनारे बसे 12 जिलों में यह संवाद आयोजित किया जा रहा है. मंगलवार को भागलपुर के टाउन हॉल में नीतीश संवाद आयोजित हुआ, जहां संजय झा के साथ-साथ जदयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा और अन्य नेता शामिल हुए. टाउन हॉल में भागलपुर जदयू ने अतिथियों का जोरदार स्वागत किया.
भागलपुर जिला के जदयू अध्यक्ष विवेकानंद गुप्ता ने संजय झा और उमेश कुशवाहा को चांदी का मुकुट पहनाकर स्वागत किया. कार्यक्रम में संजय झा ने फरक्का जल संधि के बिहार पर पड़ने वाले असर पर फोकस किया. उन्होंने इससे भागलपुर को हो रहे नुकसान के बारे में भी बताया. संजय झा ने कहा कि फरक्का बैराज के कारण गंगा नदी में भारी गाद जमा हो जाने से नदी का तल ऊंचा हो गया है, जिससे गंगा नदी के प्राकृतिक प्रवाह में रुकावट आई है. इस कारण यहां के लोगों को मानसून के दिनों में भयंकर बाढ़ का सामना करना पड़ता है.
उन्होंने जल संधि को लेकर तत्कालीन मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री पर आरोप लगाया. संजय झा ने कहा कि बिहार के साथ-साथ केंद्र की तत्कालीन सरकार में बैठे लोगों ने उस वक्त बिहार के हितों की बलि चढ़ा दी. आज यही वजह है कि हमें गंगा और इसकी सहायक नदियों का पानी फरक्का बैराज पर देना पड़ता है.
संजय झा ने कहा कि फरक्का जल संधि बिहार के हित में नहीं है, इसलिए इसका नवीनीकरण नहीं होना चाहिए और अगर कोई संधि होती भी है, तो उसमें बिहार की वर्ष 2050 तक की जल आवश्यकताओं को ध्यान में रखा जाना चाहिए.
रिपोर्ट: अश्वनी कुमार