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दिल्ली की सड़कों से उठी एक खबर ने इस वक्त सोशल मीडिया से लेकर सियासी गलियारों तक हलचल मचा दी. राजधानी में प्रोटेस्ट के दौरान नेहा बोरा को पुलिस हिरासत में लिए जाने के बाद माहौल काफी गरमा गया है. जाने-माने सिंगर और म्यूजिक कंपोजर विशाल ददलानी ने इस पूरे मामले को लेकर अपनी चिंता जाहिर की. उन्होंने इंटरनेट पर पोस्ट लिखकर सीधे तौर पर नेहा की सिक्योरिटी और उनकी मौजूदा लोकेशन पर सवाल उठाए. इसके बाद से ही लोग लगातार ये जानने की कोशिश करने लगे कि आखिर नेहा इस समय कहां हैं और उनके साथ क्या हुआ?
विशाल ददलानी ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर कुछ ऐसे पोस्ट सेयर किए, जिन्होंने हर किसी को हैरान कर दिया. विशाल का दावा है कि नेहा बोरा को एक प्राइवेट गाड़ी में बैठाकर किसी अनजान जगह ले जाया गया और काफी देर तक उनका कोई अता-पता नहीं था. इस बात से नाराज होकर उन्होंने सीधे देश के गृह मंत्री अमित शाह को टैग करते हुए सवाल दागा कि क्या देश की राजधानी में कानून व्यवस्था का यही स्तर रह गया है. उन्होंने विदेशी मीडिया को भी टैग किया, ताकि दुनिया देख सके कि युवाओं की आवाज उठाने वाली एक लड़की के साथ क्या बर्ताव हो रहा है.

सोशल मीडिया पर जैसे ही ये खबर फैली, वैसे ही इंटरनेट पर 'व्हेयर इज नेहा' तेजी से ट्रेंड करने लगा. इसी बीच विशाल ने एक और पोस्ट डालकर ये जानकारी दी कि कनॉट प्लेस में अभिजीत दिपके और नेहा बोरा को रोके जाने के विरोध में बहुत सारे आम लोग सड़कों पर उतर आए हैं. उन्होंने साफ शब्दों में लिखा कि शांति से अपनी बात रख रहे नौजवानों को इस तरह पकड़ना प्रशासन को भारी पड़ सकता है. सिंगर विशाल ददलानी का मानना है कि जब सरकार ऐसे सख्त कदम उठाती है, तो प्रदर्शनकारियों को जनता का और ज्यादा प्यार और समर्थन मिलने लगता है.
विशाल ददलानी ने अपनी बात आगे बढ़ाते हुए ये भी कहा कि इस तरह की हरकतों से ये छोटा सा आंदोलन अब सिर्फ दिल्ली तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसे देश और दुनिया भर में पहचान मिल सकती है. जब लोगों को लगता है कि उनकी आवाज दबाई जा रही है, तो उनका गुस्सा और ज्यादा भड़क जाता है. उनका कहना है कि कानून के दायरे में रहकर अपनी बात कहना हर नागरिक का हक है. अगर पुलिस इस तरह से लोगों को बिना बताए ले जाएगी, तो आम जनता के मन में व्यवस्था को लेकर भरोसा कम होने लगेगा. उनके तमाम पोस्ट अब तेजी से वायरल हो रहे हैं.

सामने आ रही जानकारियों के मुताबिक, 29 साल की नेहा बोरा को 16 अक्टूबर को उस वक्त रोका गया जब वे दिल्ली में 'लहरा दो तिरंगा' नाम के प्रोटेस्ट में शामिल होने जा रही थीं. पुलिस ने उन्हें मंडी हाउस के नजदीक अपनी कस्टडी में ले लिया था. छात्र संगठन आइसा (AISA) ने इस पूरे घटनाक्रम पर दावा किया कि रात के 8 बजे तक नेहा बोरा से किसी का कोई संपर्क नहीं कराया गया था. संगठन का ये भी कहना है कि पुलिस ने उनके वकीलों तक को मिलने की इजाजत नहीं दी, जिससे मामला और ज्यादा संदिग्ध लगने लगा, जिसको लेकर सोशल मीडिया पर कई बातें हो रही है.
विशाल ददलानी ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर एक वीडियो भी शेयर किया है, जिसमें पुलिस टीम नेहा बोरा को रोकती और गाड़ी में बैठाती नजर आ रही है. ये वीडियो सामने आने के बाद लोगों का गुस्सा और ज्यादा बढ़ गया है और वे लगातार जवाब मांग रहे हैं. छात्र संगठन और प्रदर्शनकारी इस बात पर अड़े हैं कि जब तक नेहा की सही सिचुएशन सामने नहीं आती, विरोध जारी रहेगा. हालांकि, इस पूरे विवाद को लेकर दिल्ली पुलिस या प्रशासन की तरफ से अभी तक कोई ऑफिशियल बयान जारी नहीं किया गया है और सभी को सिचुएशन साफ होने का इंतजार है.