बॉलीवुड एक्टर नाना पाटेकर की मौत से हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में मातम छा गया है. 8 अक्तूबर 2026 को उनके फार्महाउस में अंतिम संस्कार किया जाएगा. एक्टर के इस तरह जाने से परिवार समेत फैंस गहरे सदमे में हैं. नाना पाटेकर हिंदी सिनेमा में अपनी शानदार एक्टिंग के लिए जाने जाते थे. उन्होंने अपने करियर में कई हिट फिल्मों में काम किया था, उनकी पर्सनल लाइफ में कई उतार-चढ़ाव थे. बेटे की मौत से टूट गए थे नाना पाटेकर
नाना पाटेकर ने एक इंटरव्यू में बताया है कि जब उनके ढाई साल के बेटे का निधन हुआ था, तो वह अंदर से टूट गए थे. बेटे की मौत के बाद वह सिगरेट पीने लगे थे. लल्लनटॉप को दिए इंटरव्यू में एक्टर ने बताया था कि मेरा बड़ा बेटा पैदाइश से ही बीमार था. बेटे की एक आंख में दिक्कत थी जिसके बारे में पता नहीं था. जब मैं बेटे को देखता था मेरे दिमाग में यही आता था कि लोग क्या सोचेंगे, कि मेरा बेटा कैसा दिखता है. मैं कितना भयानक आदमी हूं.
मेरी पहली चिंता यह थी लोग मेरे बारे में क्या सोचेंगे, उसके बारे में नहीं. उसका नाम दुर्वासा था. उसने हमारे साथ ढाई साल बिताए, क्या कर सकते हैं कुछ चीजें लाइफ में हो ही जाती हैं. मेरे बेटे की मौत ने मुझे बहुत कुछ सिखाया. उस समय मेरा नेचर हमेशा सिर ऊंचा रखने वाला रहा था. मैं रोता नहीं हूं. मैं बस फिल्म में रोता हूं और वो मैं पैसों के लिए करता हूं.
नाना ने इंटरव्यू में शेयर किया था कि उनके बेटे की मौत के बाद उन्होंने स्मोकिंग करना शुरू किया था. वह नहाते समय भी सिगरेट पीते थे. एक्टर ने बताया वह उस समय दिन में लगभग 60 सिगरेट पीते थे. बदबू की वजह से कोई भी मेरी कार में नहीं बैठता था. मैंने कभी भी ज्यादा शराब नहीं पी, लेकिन बहुत ज्यादा स्मोकिंग की है. 56 साल की उम्र तक वह सिगरेट पीते थे.
एक्टर ने बताया कि 56 साल की उम्र तक 60 सिगरेट पीता था, लेकिन फिर मैंने उन्हें फेंक दिया और स्मोकिंग छोड़ दी. मेरी बहन ने अपने बेटे को खो दिया था, मैं खांस रहा था उसने बोला अभी क्या-क्या देखना बाकी है. इस बात को सुनने के बाद मैंने सिगरेट पीना बंद कर दिया था.