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50 की उम्र में भी लगती हैं 25 की: अपने दौर से 10 साल आगे थीं मल्लिका शेरावत, जिस बोल्डनेस के लिए हुईं ट्रोल; आज वही बना ‘बॉलीवुड ट्रेंड’

हरियाणा के छोटे से गांव से निकलकर बॉलीवुड और हॉलीवुड तक का सफर तय करने वाली मल्लिका शेरावत आज 50 साल की हो गईं. 2000 के दशक में बोल्डनेस, बेबाक बयानों और इंटरनेशनल अपीयरेंस से तहलका मचाने वाली मल्लिका क्या अपने दौर से आगे थीं? चलिए जानते हैं उनकी जिंदगी के बारे में.

Written By Vandana Saini
Published: Oct 24, 2026, 06:14 AM IST | Updated: Oct 24, 2026, 07:40 AM IST
Image Credit: आज अपना 50वां जन्मदिन मना रहीं मल्लिका शेरावत
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24 अक्टूबर, 1976 को हरियाणा के हिसार जिले के मोथ गांव में जन्मीं रीमा लांबा ने आगे चलकर मल्लिका शेरावत के नाम से फेमस हुईं. आज वे अपना 50वां जन्मदिन मना रही हैं. उन्होंने मॉडलिंग और एड्स से अपने करियर की शुरुआत की और 2002 में फिल्म ‘जीना सिर्फ मेरे लिए’ से बॉलीवुड में कदम रखा. हालांकि, उन्हें असली पहचान 2003 में आई ‘ख्वाहिश’ और 2004 में आई ‘मर्डर’ फिल्म से मिली. उस दौर में जब बॉलीवुड में बोल्ड किरदार निभाने से कई एक्ट्रेसेस बचती थीं, मल्लिका ने जोखिम उठाया और अपनी अलग पहचान बनाई.

अपने दो दशक से ज्यादा लंबे करियर में उन्होंने हिंदी, तमिल, चीनी और हॉलीवुड प्रोजेक्ट्स में काम किया. आज जब मल्लिका अपना 50वां जन्मदिन मना रही हैं, तो हिंदी सिनेमा के पन्नों में उनके योगदान और उनके सफर को पीछे मुड़कर न देखना शायद उनके साथ नाइंसाफी होगी. उनकी कहानी एक ऐसी महिला की दास्तान है, जिसने हर उस सीमा को लांघा, जिसके दायरे और सिमाएं समाज ने तय कर रखी थी. आज के सोशल मीडिया, ओटीटी और खुलकर बात करने वाले दौर में मल्लिका के पूरे सफर को दोबारा समझना बहुत जरूरी हो गया है.

क्या अपने समय से 10 साल आगे चल रही थीं मल्लिका?

आज के सोशल मीडिया के दौक में हर सेलिब्रिटी के लिए लगातार सुर्खियों में रहना, बोल्ड अंदाज दिखाना और इंटरनेशनल रेड कारपेट पर नजर आना आम बात हो चुकी है. जब इंस्टाग्राम और एक्स जैसे प्लेटफॉर्म बने भी नहीं थे, तब मल्लिका शेरावत कान्स फिल्म फेस्टिवल से लेकर बड़े इंटरनेशनल मंचों पर जमकर सुर्खियां बटोर रही थीं. वो दौर ऐसा था जब बाकी सितारे सिर्फ भारतीय सिनेमा तक ही सीमित रहना पसंद करते थे.

हॉलीवुड के बड़े कलाकारों के साथ तस्वीरें खिंचवाना और बेबाक इंटरव्यू देना उस समय बहुत बड़ी बात मानी जाती थी. मल्लिका शेरावत ने 2000 के दौर में ही वो पर्सनल ब्रांडिंग कर ली थी, जिसे आज की पीआर एजेंसियां स्टारडम का नया फार्मूला बताती हैं. वे जानती थीं कि खुद को भीड़ से अलग कैसे दिखाना है और ग्लोबल लेवल पर अपनी पहचान कैसे बनानी है.

सच तो ये है कि उस समय मीडिया और लोगों ने मल्लिका की मॉर्डन सोच को समझा ही नहीं, उल्टे उन्हें बस एक तमाशा बना दिया. अगर उन्होंने वही बातें आज के सोशल मीडिया वाले दौर में की होतीं, तो लोग उनकी खूब वाहवाही करते और उन्हें ‘ग्लोबल आइकन’ कहते. मल्लिका अपने समय से बहुत आगे निकल चुकी थीं और इसी बात का भारी नुकसान उन्हें अपने पूरे करियर में उठाना पड़ा.

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अगर 2020 के OTT के दौर में लॉन्च होतीं मल्लिका...

कल्पना कीजिए कि अगर मल्लिका शेरावत अपने करियर की शुरुआत आज के दौर में करतीं, तो बॉलीवुड का रवैया उनके लिए कैसा होता? तो शायद उन्हें वो सब नहीं झेलना पड़ता, जो तब झेलना पड़ा. आज ओटीटी का जमाना है, जहां बोल्ड और बेबाक किरदारों को सिर्फ सनसनी नहीं, बल्कि ‘दमदार फीमेल आर्टिस्ट’ मानकर सराहा जाता है. लोग भी अब काफी बदल चुके हैं और पर्दे पर किरदारों की आजादी पसंद करते हैं.

ऐसे में बॉलीवुड उन पर सवाल उठाने के बजाय उन्हें हाथों-हाथ लेकर ‘स्टार’ बना देता. जब मल्लिका ने फिल्मों में कदम रखा था, तब हीरोइनों के लिए लक्ष्मण रेखाएं खींची हुई थीं. अगर कोई एक्ट्रेस पर्दे पर खुलकर अपनी बात रखती या अपनी पसंद दिखाती, तो लोग उसे पुरानी सोच के तराजू में तौलने लगते थे. उस वक्त किसी भी हीरोइन का अपनी शर्तों पर चलना और अपनी ‘बोल्ड’ इमेज के साथ टिके रहना सच में बहुत भारी जोखिम था.

अगर मल्लिका शेरावत आज के दौर में फिल्मों में कदम रखतीं, तो लोग उन पर ‘बोल्ड हीरोइन’ का ठप्पा नहीं लगाते. आज की ऑडियंस और क्रिटिक्स उन्हें हिंदी सिनेमा की सबसे हिम्मतवाली और नए एक्सपेरिमेंट करने वाली टॉप एक्ट्रेस की लिस्ट में शामिल करते. उन्होंने पर्दे पर जो बेबाकी और दम दिखाया, उसके लिए उन्हें वो असली इज्जत और पहचान जरूर मिलती, जिसकी वो हमेशा से हकदार थीं.

जिसके लिए होती थीं ट्रोल, आज वही बना ‘बॉलीवुड ट्रेंड’

मल्लिका शेरावत को अपने पूरे करियर में सबसे ज्यादा आलोचना इस बात के लिए झेलनी पड़ी कि वो बहुत ज्यादा बोल्ड और बेबाक हैं. उन्होंने कभी किसी बात को छुपाकर नहीं कहा और न ही किसी ट्रेडिशनल इमेज में बंधने की कोशिश की. इस वजह से उन्हें उस दौर में काफी कड़वे शब्दों और तीखे तंज का शिकार होना पड़ा था.

कमाल की बात तो ये है कि आज उसी बेबाकी को महिला सशक्तिकरण और मॉडर्न वुमन का सबसे बड़ा प्रतीक माना जाता है. आज की हर बड़ी एक्ट्रेस पर्दे पर अपने किरदारों की सेक्शुएलिटी और पर्सनल प्रेजेंस को बिना झिझक दिखाती है, जिसे कल तक बुरा माना गया, आज वही बॉलीवुड में सक्सेस का सबसे बड़ा ट्रेंड बनकर गया है.

कई मायनों में देखा जाए तो मल्लिका शेरावत ने अकेले ही उस कांटे भरे रास्ते पर चलकर रास्ता साफ किया था, जिस पर आज की नई पीढ़ी बहुत आसानी से चल रही है. फिल्म इंडस्ट्री के इतिहास में उन्हें एक ऐसी ट्रेंडसेटर के रूप में याद किया जाएगा, जिसने आने वाली पीढ़ियों के लिए बंद दरवाजे तोड़ दिए थे.

‘मर्डर’ से पहले और बाद का बदला हुआ सिनेमा

साल 2004 में आई फिल्म ‘मर्डर’ सिर्फ बॉक्स ऑफिस पर नोट छापने वाली फिल्म नहीं थी, बल्कि उसने हिंदी फिल्मों में फीमल किरदारों की परिभाषा को हमेशा के लिए बदल डाला. इससे पहले तक हिंदी सिनेमा की हीरोइनों को या तो पूरी तरह घरेलू और शर्मीली दिखाया जाता था या फिर विलेन के तौर पर पेश किया जाता था.

मल्लिका के निभाए किरदार सिमरन ने इस ढर्रे को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया. उन्होंने एक ऐसी शादीशुदा महिला का किरदार निभाया, जो अपनी फिजिकल और इमोशनल जरूरतों को लेकर बिल्कुल भी गिल्ट महसूस नहीं करती थी. फिल्म की जबरदस्त सक्सेस ने ये साबित कर दिया कि ऑडियंस भी ऐसे किरदारों को देखने के लिए पूरी तरह तैयार थे.

इस फिल्म के रिलीज होते ही हिंदी फिल्मों में हीरोइनों को बोल्ड, रियल और थोड़े अलग तरग के रोल मिलने शुरू हो गए. आज अगर पर्दे पर फीमेल के ‘ग्रे शेड्स’ वाले किरदार आसानी से अपनाए जा रहे हैं, तो इस पूरे बदलाव की पहली और सबसे पक्की कड़ी मल्लिका शेरावत ही थीं. उन्होंने ही इस नए चलन की राह खोली.



क्या खुद की बनाई इमेज ही बन गई उनकी सबसे बड़ी दुश्मन?

मल्लिका की सबसे बड़ी खासियत ही आगे चलकर उनके करियर के लिए एक बहुत बड़ी दीवार बन गई. उनकी पहली कुछ फिल्मों ने उनकी ऐसी ग्लैमरस और बोल्ड इमेज गढ़ी कि फिल्म इंडस्ट्री और ऑडियंस ने उन्हें सिर्फ उसी एक फ्रेम में देखना शुरू कर दिया. इसके बाद उनकी एक्टिंग की बारीकियों पर किसी का ध्यान नहीं गया.

जबकि सच ये है कि मल्लिका ने ‘प्यार के साइड इफेक्ट्स’ जैसी बेहतरीन रोमांटिक कॉमेडी और जैकी चैन के साथ इंटरनेशनल फिल्म ‘द मिथ’ में भी अपना हुनर दिखा चुकी थीं. इसके अलावा उन्होंने तमिल और अमेरिकी प्रोजेक्ट्स में भी काम किया, लेकिन इन शानदार अचीवमेंट्स पर उनकी बोल्ड इमेज का साया हमेशा भारी पड़ा.

बॉलीवुड के फिल्म प्रोड्यूसर्स  और डायरेक्टर्स ने उन्हें सिर्फ टिकट काउंटर पर भीड़ खींचने वाले टूल के तौर पर इस्तेमाल किया और उन्हें अलग-अलग तरह के अच्छे किरदार देने से बचते रहे. उनकी पब्लिक इमेज इतनी हावी हो गई कि एक अच्छी एक्ट्रेस के तौर पर उनकी पहचान को बहुत पीछे धकेल दिया गया, जो बेहद दुख की बात है. 

क्या मल्लिका भारत की पहली वायरल फीमेल स्टार थीं?

आज के समय में सोशल मीडिया पर किसी का भी वायरल हो जाना बहुत मामूली बात मानी जाती है, लेकिन 2000 के दशक की शुरुआत में जब इंटरनेट बहुत लिमिटेड लोगों के पास था, तब मल्लिका का लगातार सुर्खियों में रहना एक असाधारण बात थी. उस समय इंटरनेट कैफे और शुरुआती ब्लॉग्स पर मल्लिका शेरावत का ही नाम चलता था.

उस दौर में इंटरनेट के फोरम, पुरानी वेबसाइट्स और नए-नए आए टीवी न्यूज चैनल्स पर दिन-रात बस मल्लिका शेरावत का ही बोलबाला रहता था. उनका कोई भी नॉर्मल सा फोटोशूट हो या मुंह से निकली छोटी सी बात, देखते ही देखते वो नेशनल डिबेट बन जाती थी. आलम तो ये था कि चाहकर भी कोई उनको इग्नोर नहीं कर पाता था, हर कोई बस उनके बारे में ही बातें करता रहता था.

भारत में वायरल होने का दौर अगर किसी एक चेहरे से शुरू हुआ, तो वो कोई और नहीं, बल्कि मल्लिका शेरावत ही थीं. उस वक्त न तो कोई सोशल मीडिया था और न ही कोई पीआर टीम, फिर भी हर तरफ सिर्फ उन्हीं की चर्चा और बातें होती थीं. उन्होंने अपने दम पर ऐसा क्रेज बनाया कि सब देखते रह गए. सच कहें तो बिना किसी इंटरनेट के भी वो अपने जमाने का सबसे बड़ा धमाका थीं.

#MeToo मूवमेंट के बाद समझ आई मल्लिका की बातें

मल्लिका शेरावत ने अपने करियर में कई बार ये दर्द बयां किया कि बॉलीवुड में हीरोइनों के साथ कैसा बर्ताव होता है. उन्होंने अपने इंटरव्यू में कहा था कि अगर कोई एक्ट्रेस स्क्रीन पर बोल्ड सीन दे दे, तो लोग असल जिंदगी में भी उसे आसान मान लेते हैं. उनकी नजर में ऐसी लड़की की कोई इज्जत नहीं रह जाती और सब उसे गलत समझने की भूल कर बैठते हैं.

उस वक्त फिल्म इंडस्ट्री और मीडिया ने उनकी बातों को सीरियसली लेने के बजाय खूब मिर्च-मसाला लगाकर टाल दिया था. सबको यही लगा कि वो केवल लाइमलाइट बटोरने के लिए ड्रामा कर रही हैं. मगर जब सालों बाद दुनिया भर में #MeToo मूवमेंट की आंधी चली, तब जाकर लोगों की आंखें खुलीं और उन्हें समझ आया कि वे हर बात बिल्कुल सच कह रही थीं.

आज जब मल्लिका के पुराने इंटरव्यू देखो, तो साफ समझ आता है कि वो अकेले ही पूरे सिस्टम और समाज के दोगलेपन से टक्कर ले रही थीं. मर्दों की बनाई उस सोच और दोहरे चेहरे की पोल उन्होंने सालों पहले ही खोल दी थी, जिस पर आज की दुनिया खुलकर बात कर रही है. उस दौर में लोगों ने उनको भले नहीं समझा, पर सच तो यही है कि वो अपने समय से बहुत आगे थीं.

क्या मल्लिका बॉलीवुड की सबसे ज्यादा गलत समझी गई हीरोइन हैं?

मल्लिका शेरावत के 50 साल के सफर को देखें, तो समझ आता है कि लोगों ने उन्हें कभी ठीक से जाना ही नहीं. सबने बस पर्दे पर दिखने वाली उनकी बोल्ड इमेज को सच मान लिया. लोग असल इंसान को भूलकर हमेशा उन्हें फालतू के विवादों में ही घसीटते रहे. उनकी असली पहचान इस दिखावे के पीछे कहीं दबकर रह गई.

हरियाणा के एक गांव और पुरानी सोच वाले परिवार को पीछे छोड़कर मुंबई आना कोई हंसी-खेल नहीं था. बिना किसी सहारे के अपनी शर्तों पर काम किया, नाम कमाया और फिर हॉलीवुड के रेड कारपेट तक जा पहुंचीं. ये सिर्फ चमक-दमक भरी दुनिया की बात नहीं है, बल्कि उस पक्के इरादे की सच्ची कहानी है, जिसने समाज की बंदिशों को तोड़कर अपने सपनों को सच कर दिखाया.

मल्लिका शेरावत को फिल्म इंडस्ट्री में शायद कभी ठीक से समझा ही नहीं गया. लोगों ने उनकी एक्टिंग और टैलेंट देखने के बजाय बस उनके बोल्ड फैसलों पर उंगली उठाई. 50 की उम्र पार करने के बाद भी वे अपने दौर की सबसे मजबूत पहचान बनी हुई हैं, जिसने बॉलीवुड की सोच को बदलने पर मजबूर कर दिया था. उनका ये बिंदास और बेबाक सफर हमेशा याद रखा जाएगा.

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About the Author

वंदना सैनी जी न्यूज में सब ए़डिटर हैं और पिछले 11 साल से डिजिटल मीडिया में काम कर रही हैं. कुछ समय तक उन्होंने नेशनल, इंटरनेशनल और पॉलिटिकल बीट पर काम किया. इसके बाद 2018 में उन्होंने इंडिया न्यूज में एंटरटेनमेंट बीट पर काम करना शुरू किया और पिछले 8 साल से लगातार में एंटरटेनमेंट बीट पर काम कर रही हैं. इस दौरान उन्होंने स्मार्ट हिंदुस्तान, पत्रिका और न्यूज 24 जैसे संस्थान के साथ काम किया और पिछले 2 साल से जी न्यूज के साथ काम कर रही हैं. उन्होंने दिल्ली से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन करने के बाद IGNOU से हिंदी में मास्टर्स किया. उन्हें पत्रकारिता के साथ कहानियां लिखने का भी शौक है. आप Vandana.saini@India.com पर सीधे ईमेल कर इनसे जुड़ सकते हैं. 
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