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मुंबई में मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ एक विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लेने के बाद बॉलीवुड एक्टर इमरान खान से 28 अक्टूबर तक भारत छोड़ने के लिए कहा गया है. इमरान एक अमेरिकी नागरिक हैं, जिनके पास 'ओवरसीज सिटीजन ऑफ इंडिया' (OCI) कार्ड है. इससे पहले एक्टर ने कई इंटरव्यू में अपनी नागरिकता की स्थिति के बारे में बात की थी. इसमें भारतीय पासपोर्ट पाने की उनकी कोशिशें और देश में वोट न डाल पाने को लेकर उनकी निराशा भी शामिल है.
उन्होंने 2011 में दिए एक इंटरव्यू में कहा था, 'मैं भारतीय पासपोर्ट पाने की कोशिश कर रहा हूं. आधिकारिक प्रक्रिया चल रही है. मुझे उम्मीद है कि यह जल्द ही मिल जाएगा, क्योंकि कुछ बड़ी चीजें होने वाली हैं.' साल 2013 में भारत में वोट न दे पाने पर उन्होंने अपनी निराशा भी जताई थी. उन्होंने कहा कि वे लोगों को वोट देने के लिए प्रेरित करके अपना योगदान देने की कोशिश करते हैं.
10 अक्टूबर को मुंबई के अगस्त क्रांति मैदान में हुए एक विरोध प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए गए लोगों में इमरान भी शामिल थे. इस प्रदर्शन में ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की गई थी. मौके पर मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा, 'मेरी कोई मांग नहीं है. मैं यहां एक नागरिक के तौर पर हूं, एक ऐसे व्यक्ति के तौर पर जो इसी शहर में रहता है. मैं यहां यह देखने आया हूं कि लोगों की आवाजाही की आजादी पर रोक क्यों लगाई जा रही है? लोगों की आवाज़ को क्यों दबाया जा रहा है? बस इसीलिए मैं यहां हूं.'
बीजेपी नेता किरीट सोमैया की शिकायत के बाद फॉरेनर्स रीजनल रजिस्ट्रेशन ऑफिस (FRRO) ने इमरान को एक नोटिस जारी कर 28 अक्टूबर तक भारत छोड़ने का निर्देश दिया. नोटिस में आरोप लगाया गया है कि उन्होंने विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लेकर विदेशी नागरिकों पर लागू होने वाले नियमों का उल्लंघन किया है.
बता दें कि इमरान का जन्म अमेरिका में हुआ था. उनकी मां नुजहत खान बॉलीवुड एक्टर आमिर खान की बहन हैं और उनके पिता अनिल पाल हैं. जब इमरान का जन्म हुआ, तब उनके माता-पिता दोनों अमेरिका में पढ़ाई कर रहे थे. जब इमरान लगभग दो साल के थे. तब उनके माता-पिता अलग हो गए. तीन साल की उम्र में इमरान अपनी माँ के साथ मुंबई आ गए, जहां वे पले-बढ़े. जनवरी 2009 में 'द टाइम्स ऑफ इंडिया' को दिए एक इंटरव्यू में इमरान ने अपने अमेरिकी नागरिक होने और 26/11 के मुंबई आतंकी हमलों के बाद वोट देने के महत्व के बारे में बात की.
उन्होंने बताया, 'बहुत कम लोग जानते हैं कि मैं एक अमेरिकी नागरिक हूं. मैंने चार साल पहले बराक ओबामा के लिए वोट भी दिया था.' भारत में लोगों द्वारा अपने वोटिंग अधिकारों का उपयोग करने की आवश्यकता पर बात करते हुए उन्होंने आगे कहा, 'मेरा मानना है कि केवल वोट देकर ही हम भ्रष्ट राजनेताओं को बाहर कर सकते हैं और उन युवा नेताओं को मौका दे सकते हैं जो बदलाव लाना चाहते हैं. 26/11 के हमलों के बाद कुछ लोगों ने सुझाव दिया था कि हमें टैक्स देना बंद कर देना चाहिए, लेकिन इससे कोई मदद नहीं मिलेगी.'
'इंडिया टुडे' को दिए 2011 के एक इंटरव्यू में इमरान ने भारतीय नागरिकता लेने की अपनी योजना के बारे में बात की. उन्होंने बताया कि आधिकारिक प्रक्रिया चल रही है और उम्मीद जताई कि जल्द ही उन्हें भारतीय पासपोर्ट मिल जाएगा. उन्होंने कहा, 'मैं भारतीय पासपोर्ट पाने की कोशिश कर रहा हूं. आधिकारिक प्रक्रिया चल रही है. मुझे उम्मीद है कि जल्द ही मुझे यह मिल जाएगा, क्योंकि कुछ बड़ी चीजें होने वाली हैं.'
इसी इंटरव्यू में इमरान ने भारतीय चुनावों में वोट न दे पाने के बावजूद देश के लिए कुछ करने की अपनी इच्छा के बारे में बात की. उन्होंने कहा था, 'मुझे लगता है कि अपने देश की सेवा करना मेरा कर्तव्य है. मैं यहां वोट नहीं दे सकता क्योंकि मैं यहां का नागरिक नहीं हूं, लेकिन मैं मतदान के महत्व के बारे में जागरूकता फैलाकर चुनावों में हिस्सा ज़रूर लेता हूं, क्योंकि मुझे लगता है कि मैं भी इस देश का ही एक हिस्सा हूं.'
2013 में 'हिंदुस्तान टाइम्स' को दिए एक इंटरव्यू में इमरान खान ने भारत में वोट न दे पाने को लेकर अपनी निराशा जताई. उन्होंने बताया कि अमेरिकी नागरिक होने के कारण वह भारत में वोट नहीं डाल सकते. उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया में अपना योगदान देने के लिए, वह दूसरों को चुनाव में हिस्सा लेने के लिए प्रोत्साहित करते हैं.
उन्होंने कहा था, 'यह बहुत अजीब बात है. व्यक्तिगत तौर पर यह और भी निराशाजनक है क्योंकि अमेरिकी नागरिक होने के नाते मैं यहां वोट नहीं डाल सकता. इसलिए मैं दूसरे तरीकों से इसकी भरपाई करने की कोशिश करता हूं. अगर मैं 20 लोगों को भी वोट देने के लिए प्रेरित कर पाता हूं, तो मुझे लगता है कि मैंने अपना योगदान दिया है.'
इमरान की नागरिकता का मुद्दा तब भी सामने आया था, जब उन्होंने 2011 में महाराष्ट्र सरकार के उस फैसले को चुनौती दी थी, जिसमें शराब पीने की कानूनी उम्र 21 से बढ़ाकर 25 साल कर दी गई थी. उस समय की रिपोर्टों में बताया गया था कि जनहित याचिका (PIL) के संदर्भ में उनकी अमेरिकी नागरिकता का जिक्र आया था. अप्रैल 2014 में 'इंडिया टुडे' को दिए एक इंटरव्यू में इमरान ने बताया कि उन्होंने कानूनी प्रक्रियाओं की उलझनों से बचने के लिए अपने भारतीय नागरिक जीजा के साथ मिलकर यह जनहित याचिका दायर की थी.
उन्होंने कहा था, 'जब मैंने यह जनहित याचिका दायर की, तो मैं चाहता था कि इसमें कोई कमी न रहे. मैं नहीं चाहता था कि किसी छोटी-मोटी गलती की वजह से अधिकारी इसे खारिज कर दें. इसलिए सावधानी बरतते हुए मैंने अपने जीजा के साथ मिलकर यह याचिका दायर की, जो एक भारतीय नागरिक हैं. हालांकि, मुझे पता है कि मेरी नागरिकता चाहे जो भी हो, मुझे जनहित याचिका दायर करने का अधिकार है.'
इमरान एक OCI कार्डधारक हैं. यह स्टेटस भारतीय मूल के उन योग्य लोगों को मिलता है, जिनके पास विदेशी नागरिकता है. हालांकि, OCI स्टेटस होने से भारतीय नागरिकता नहीं मिल जाती.