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साउथ सुपरस्टार रजनीकांत की मोस्ट अवेटेड फिल्म 'जेलर 2' आज दुनिया भर में रिलीज हो गई है, लेकिन दर्शकों के एक बड़े हिस्से के लिए अपने पसंदीदा स्टार को पर्दे पर देखना मुश्किल हो सकता है. दरअसल, उत्तर-भारत में मल्टीप्लेक्स चेन PVR INOX और सिनेपोलिस ने दक्षिण भारतीय राज्यों के बाहर अपने सिनेमाघरों में इस फिल्म को रिलीज न करने का फैसला किया है. इन चेन ने बताया कि वे नेल्सन दिलीपकुमार की बहुप्रतीक्षित एक्शन थ्रिलर के हिंदी डब वर्जन को रिलीज नहीं करेंगी. इसका मतलब यह है कि रजनीकांत के फैंस 'जेलर 2' को केवल सिंगल स्क्रीन सिनेमाघरों या कुछ चुनिंदा मल्टीप्लेक्स में ही देख पाएंगे.
कलानिधि मारन के बैनर 'सन पिक्चर्स' के तले रजनीकांत की इस फिल्म का सीक्वल बनाया गया है. वहीं, बैनर ने एक OTT प्लेटफॉर्म के साथ पाहे ही समझौता किया कर लिया है. इस समझौते के तहत आज 15 अक्टूबर को सिनेमाघरों में रिलीज होने के चार हफ्तों के भीतर ही यह फिल्म सभी भाषाओं में OTT पर आ जाएगी.

हालांकि, फिल्म निर्माताओं और सिनेमाघर मालिकों (एग्जीबिटर्स) के बीच हुए समझौते को याद करें तो हिंदी मार्केट में किसी भी फिल्म के सिनेमाघरों में रिलीज होने और OTT पर आने के बीच कम से कम आठ हफ्तों का अंतर होना चाहिए. इसी वजह से PVR-INOX और सिनेपोलिस ने 'जेलर 2' के हिंदी वर्जन को रिलीज नहीं करने का फैसला किया है.
आज जब यह फिल्म दुनिया भर में रिलीज हुई है, तो OTT स्ट्रीमिंग राइट्स के समझौते की वजह से इसे एक और झटका लगा है. एग्जीबिशन सेक्टर के एक सूत्र ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया, 'दक्षिण भारतीय राज्यों के बाहर PVR-INOX और सिनेपोलिस में 'जेलर 2' न तो तमिल में और न ही हिंदी में दिखाई जाएगी.' उन्होंने आगे कहा, 'ये सिनेमाघर मालिक हर फिल्म निर्माता से यही मांग करते हैं कि फिल्म के OTT पर जाने से पहले कम से कम आठ हफ्तों का गैप हो. लेकिन निर्माता इस बात पर सहमत नहीं हुए और वे फिर भी फिल्म को रिलीज कर रहे हैं.'
हालांकि, तमिल फिल्मों के लिए थियेटर और OTT रिलीज के बीच पर्टिकुलर टाइम पीरियड केवल चार हफ्ते का है. फिर भी PVR INOX और सिनेपोलिस ने उत्तर भारत में 'जेलर 2' को रिलीज न करने का फैसला किया है. इसमें फिल्म के मूल तमिल वर्जन के साथ-साथ तेलुगु, कन्नड़ और मलयालम डब वर्जन भी शामिल हैं. एक सूत्र ने बताया, 'ऐसा लगता है कि एग्जीबिटर्स चाहते हैं कि फिल्म को हिंदी और तमिल दोनों भाषाओं में ठीक से चलने के लिए आठ हफ्ते का समय मिले. उनके हिसाब से चार हफ्ते का समय बहुत कम है.'

'जेलर 2' के मेकर्स ने इसका हिंदी डब वर्जन 'रजनी द जेलर' के नाम से रिलीज किया है. हालांकि, बुकमायशो के मुताबिक, यह वर्जन मुंबई और दिल्ली जैसे बड़े भारतीय शहरों में केवल कुछ छोटे मल्टीप्लेक्स चेन और इक्का-दुक्का सिंगल स्क्रीन सिनेमाघरों में ही दिखाया जा रहा है. इसके अलावा PVR INOX और सिनेपोलिस को छोड़कर अन्य सिनेमाघरों में दिखाई जा रही तमिल फिल्मों में इंग्लिश सबटाइटल्स न होने पर भी कई दर्शकों ने आपत्ति जताई है.
इस तरह हिंदी में रिलीज होने के बावजूद 'जेलर 2' का पूरे भारत में जो प्रभाव दिखना चाहिए था. वह मुख्य रूप से दक्षिण भारतीय भाषाओं तक ही सीमित रह गया है. जहां PVR INOX और सिनेपोलिस ने पूरे दक्षिण भारत में इस फिल्म को तमिल, तेलुगु, मलयालम और कन्नड़ भाषाओं में रिलीज करने पर सहमति जताई है. वहीं, उस पूरे क्षेत्र में इसका हिंदी वर्जन कहीं भी नहीं दिखाया जा रहा है.

उत्तर भारत के बाजार में आई रुकावट के बावजूद 'जेलर 2' ने 17,615 शो में 19.60 लाख टिकट बेचकर 41.48 करोड़ रुपये (ब्लॉक की गई सीटों सहित) की शानदार एडवांस बुकिंग हासिल कर ली है. इसमें तमिल वर्जन का हिस्सा सबसे ज्यादा (79%) यानी 32.63 करोड़ रुपये है. इसके बाद तेलुगु (17%) का 6.94 करोड़ रुपये और हिंदी (4%) का 1.74 करोड़ रुपये है.
यह माना जा सकता है कि अगर 'जेलर 2' उत्तर भारत में PVR INOX और सिनेपोलिस में रिलीज होती, तो ये आंकड़े और भी ज़्यादा हो सकते थे. खासकर हिंदी वर्जन के मामले में इस फिल्म में पूरे भारत के कलाकार शामिल हैं. इसमें विद्या बालन और मिथुन चक्रवर्ती जैसे बॉलीवुड के जाने-माने चेहरे हैं. इसक साथ ही ऋतिक रोशन का एक कैमियो भी है. एसजे सूर्या और राम्या कृष्णन जैसे कलाकारों से सजी 'जेलर 2', रजनीकांत और निर्देशक नेल्सन दिलीपकुमार की 2023 की ब्लॉकबस्टर फिल्म का सीक्वल है. पहले भाग ने दुनिया भर के बॉक्स ऑफिस पर 607 करोड़ रुपये की कमाई की थी. इसमें भारत का 408.50 करोड़ रुपये का ग्रॉस कलेक्शन और 384.55 करोड़ रुपये का नेट कलेक्शन शामिल था; जिसमें तमिलनाडु से 189.35 करोड़ रुपये और उत्तर भारत से केवल 16.75 करोड़ रुपये की कमाई हुई थी.