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स्टार्स होंगे अपने घर के, मेरे लिए तो कानून तोड़ने वाले हैं... IAS तुकाराम मुंढे ने सरोगेट Ads में काम करने वाले एक्टर्स पर साधा निशाना

विमल इलायची एड मामले में महाराष्ट्र FDA कमिश्नर तुकाराम मुंढे ने शाहरुख खान, अजय देवगण और टाइगर श्रॉफ पर सख्त रुख अपनाया है. मुंढे ने साफ कहा कि कानून तोड़ने पर स्टार्स को कोई छूट नहीं मिलेगी.

स्टार्स होंगे अपने घर के, मेरे लिए तो कानून तोड़ने वाले हैं... IAS तुकाराम मुंढे ने सरोगेट Ads में काम करने वाले एक्टर्स पर साधा निशाना
Image Credit: tukaram mudhe

बॉलीवुड के बड़े-बड़े स्टार्स जब टीवी पर आकर किसी ब्रांड का प्रमोशन करते हैं, तो फैंस उनकी हर बात आंख मूंदकर मान लेते हैं. लेकिन क्या हो जब वही स्टार्स कानूनी पचड़े में फंस जाएं? विमल इलायची के विज्ञापन को लेकर बॉलीवुड के तीन सबसे बड़े चेहरे - शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ इस वक्त महाराष्ट्र FDA (फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन) के निशाने पर हैं. अपने सख्त फैसलों के लिए मशहूर IAS अधिकारी और FDA कमिश्नर तुकाराम मुंढे ने NDTV को दिए एक एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में साफ कर दिया है कि उनके लिए कोई 'सुपरस्टार' नहीं है, बल्कि कानून की नजर में ये सब सिर्फ कानून तोड़ने वाले यानी 'लॉ वायलेटर्स' हैं.

"स्टारडम का खुमार नहीं चलेगा"

महाराष्ट्र FDA कमिश्नर तुकाराम मुंढे अपनी ईमानदारी और कड़क अंदाज के लिए जाने जाते हैं. हाल ही में विमल इलायची के विवादित विज्ञापन को लेकर जब उनसे सवाल पूछा गया, तो उन्होंने बिना झिझक के कहा कि आम जनता के लिए ये भले ही बड़े स्टार्स होंगे, लेकिन उनके लिए ये सिर्फ विज्ञापनदाता हैं जिन्होंने नियमों की धज्जियां उड़ाई हैं. मुंढे ने बताया कि 11 अगस्त को FDA की ग्रेटर मुंबई डिवीजन ने तीनों एक्टर्स को कारण बताओ नोटिस भेजा था. इस नोटिस में आरोप था कि विमल इलायची का ये विज्ञापन असल में प्रतिबंधित 'विमल पान मसाला' का ही सरोगेट प्रमोशन (छिपकर किया जाने वाला प्रचार) है, जो महाराष्ट्र में पूरी तरह बैन है.

दो स्टार्स ने दिया जवाब, एक पर शुरू होगी कानूनी कार्रवाई

15 दिनों की दी गई मोहलत के बाद अब इस मामले में बड़ा अपडेट सामने आया है. तुकाराम मुंढे के मुताबिक, तीन में से दो एक्टर्स के वकीलों ने नोटिस का जवाब दे दिया है, जबकि एक एक्टर की तरफ से अब तक कोई जवाब नहीं आया है. हालांकि मुंढे ने खुलकर नाम नहीं लिया, लेकिन इशारा यही है कि शाहरुख खान की टीम की तरफ से शायद अभी जवाब नहीं मिला है. जिस एक्टर ने नोटिस का जवाब नहीं दिया है, उसके खिलाफ FDA ने आधिकारिक रूप से प्रॉसिक्यूशन यानी कानूनी मुकदमा चलाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. जिन दो स्टार्स ने जवाब दिया है, उनका कहना है कि सारी जिम्मेदारी सामान बनाने वाली कंपनी की है, न कि एड करने वाले एक्टर की. इस पर FDA के अधिकारी अब सुनवाई कर रहे हैं.

नैतिक ही नहीं, कानूनी रूप से भी जिम्मेदार हैं एक्टर्स

स्टार्स के इस तर्क को तुकाराम मुंढे ने पूरी तरह से खारिज कर दिया कि उनका काम सिर्फ एक्टिंग करना है और प्रोडक्ट की जिम्मेदारी उनकी नहीं है. उन्होंने फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट 2018 के नियमों का हवाला देते हुए कहा कि कानून में साफ लिखा है कि जो भी व्यक्ति या संस्था किसी प्रोडक्ट का विज्ञापन करती है, उसकी सीधी जिम्मेदारी बनती है. विज्ञापन में आने से पहले एक्टर्स को यह जांचना जरूरी है कि वे किस चीज का प्रमोशन कर रहे हैं. मुंढे ने कड़े शब्दों में कहा कि यह सिर्फ नैतिकता की बात नहीं है, बल्कि कानूनी तौर पर भी वो इसके जिम्मेदार हैं और एक रेगुलेटर होने के नाते वे इसे बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेंगे.

दिल्ली हाईकोर्ट से भी विमल कंपनी को लगा बड़ा झटका

इसी बीच विमल इलायची की मास्टर लाइसेंस होल्डर कंपनी 'PB Agro LLP' ने दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था ताकि इन तीनों एक्टर्स को भेजे गए FDA नोटिस को खारिज कराया जा सके. लेकिन 14 सितंबर को दिल्ली हाईकोर्ट की जज स्वर्णा कांता शर्मा ने इस याचिका को खारिज कर दिया. कोर्ट ने कहा कि नोटिस मुंबई FDA ने जारी किए हैं, इसलिए दिल्ली कोर्ट के पास इस पर सुनवाई का अधिकार नहीं है. अगर कंपनी या स्टार्स को कोई चुनौती देनी है, तो उन्हें महाराष्ट्र की अदालत में ही जाना होगा. इस फैसले के बाद अब बॉलीवुड स्टार्स की मुश्किलें और ज्यादा बढ़ती दिख रही हैं.

अस्पतालों की धांधली पर भी मुंढे का बड़ा प्रहार

इंटरव्यू के दौरान तुकाराम मुंढे ने सिर्फ बॉलीवुड ही नहीं, बल्कि प्राइवेट अस्पतालों और मेडिकल माफिया की भी क्लास लगाई. उन्होंने बताया कि अस्पतालों में इस्तेमाल होने वाले सामान पर 150% से लेकर 2800% तक का भारी मुनाफा कमाया जा रहा है. उदाहरण देते हुए उन्होंने खुलासा किया कि जो IV सेट अस्पतालों को महज 11 रुपये में मिलती है, उस पर MRP 325 रुपये छापकर मरीजों से वसूला जाता है. मुंढे ने इस मामले की रिपोर्ट NPPA (नेशनल फार्मास्युटिकल प्राइजिंग अथॉरिटी) को भेज दी है ताकि इस खुली लूट को रोका जा सके और इसे एसेंशियल कमोडिटीज एक्ट के तहत लाया जा सके.

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About the Author

Alkesh Kushwaha

Alkesh Kushwaha

अल्केश कुशवाहा एक वरिष्ठ डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 14 वर्षों से अधिक का गहन अनुभव है. वर्तमान में वे जी न्यूज हिंदी में चीफ सब-एडिटर के रूप में बॉलीवुड-वायरल सेक्शन संभाल रहे हैं. अल्केश की मुख्य विशेषज्ञता बॉलीवुड, एंटरटेनमेंट, वायरल सिनेमा ट्रेंड्स और सेलिब्रिटी एक्सक्लूसिव्स में है. साल 2012 में अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत करने वाले अल्केश ने दैनिक भास्कर, हिन्दुस्तान टाइम्स, राजस्थान पत्रिका और NDTV जैसे देश के अग्रिम मीडिया संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं. अल्केश ने अपने करियर में अर्जुन रामपाल, ऋचा चड्ढा और राजपाल यादव जैसी कई दिग्गज बॉलीवुड हस्तियों के एक्सक्लूसिव इंटरव्यूज किए हैं. फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस एनालिसिस, सेलिब्रिटी गॉसिप्स और एंटरटेनमेंट ट्रेंड्स का इन-डेप्थ डेटा एनालिसिस करना उनका मजबूत पक्ष है. वे पाठकों तक बॉलीवुड जगत की हर छोटी-बड़ी खबर सटीक, निष्पक्ष और विश्लेषणात्मक तरीके से पहुंचाते हैं. आप अल्केश कुशवाहा से सीधे alkesh.kushwaha@zeemedia.com पर संपर्क कर सकते हैं.
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