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हिंदी सिनेमा की सबसे बड़ी और पसंद की जाने वाली सस्पेंस-थ्रिलर फ्रैंचाइजी ‘दृश्यम’ का तीसरा पार्ट ‘दृश्यम 3: द कन्क्लूजन’ इन दिनों सिनेमाघरों में तहलका मचा रही है. विजय सलगांवकर और उनके परिवार को बचाने की इस आखिरी जंग को ऑडियंस का पूरा साथ और भरपूर प्यार मिल रहा है. फिल्म के स्क्रीनराइटर आमिल कियान खान ने हाल ही में फिल्म की कहानी और इसके हैरान कर देने वाले क्लाइमेक्स को लेकर एक बेहद दिलचस्प खुलासा किया है. उन्होंने बताया कि इस फिल्म की एंडिंग को 100 बाद बदला गया था.
द फ्री प्रेस जर्नल से खास बातचीत के दौरान राइटर आमिल कियान खान ने बताया कि फिल्म का स्क्रीनप्ले तैयार करना उनके लिए किसी बहुत ऊंचे पहाड़ पर चढ़ने जैसा था. उन्होंने कहा कि ‘दृश्यम’' एक ऐसी फ्रैंचाइजी है, जिससे लोग सालों से दिल से जुड़े हुए हैं. ऐसे में दो सुपरहिट फिल्मों की विरासत का भारी दबाव पूरी टीम के कंधों पर था. सबसे बड़ा सवाल यही था कि आखिर तीसरी बार ऑडियंस को ऐसा क्या दिखाया जाए कि वे हैरान रह जाएं. इस फिल्म के क्लाइमेक्स के लिए 100 अलग-अलग ड्राफ्ट तैयार किए गए थे.

फिल्म की सबसे खास बात ये है कि इस बार इसको ओरिजनल मलयालम फिल्म ‘दृश्यम 3’ की रीमेक के तौर पर नहीं बनाया गया. पहली दोनों फिल्मों में वही कहानी नजर आती है, जो मलयालम फिल्म में कहानी दिखाई गई थी, लेकिन तीसरी फिल्म को हिंदी में बिल्कुल नए सिरे से लिखा गया है. आमिल के मुताबिक सबसे बड़ा चैलेंज ओरिजिनल कहानी लिखना था ताकि ऑडियंस को कुछ नया मिले और फ्रैंचाइजी की पुरानी पहचान भी ना खोए. इसमें थ्रिल, इमोशन, ड्रामा और परिवार के प्यार का बैंलेस बनाना बेहद मुश्किल काम था.
फिल्म के क्लाइमेक्स को परफेक्ट बनाने के लिए राइटर आमिल कियान खान को दिन-रात एक करने पड़े. इस प्रोसेस की मजेदार बातें शेयर करते हुए आमिल ने बताया कि उनके कंप्यूटर में फाइलों के अंदर कई फोल्डर बन गए थे. उन फाइलों के नाम ‘फाइनल’, ‘फाइनल 2’ और यहां तक कि ‘फाइनल प्लीज गॉड’ तक रखे गए थे. उन्होंने हंसते हुए बताया कि वे ड्राफ्ट की गिनती भूल चुके हैं, लेकिन आराम से 100 से ज्यादा बार एंडिंग लिखी गई, तब जाकर सही इस फिल्म का सबसे अलग और धमाकेदार क्लाइमेक्स फाइनल हुआ.

आमिल ने बताया कि इस फिल्म के क्लाइमेक्स को लेकर लोगों में ऐसी बेताबी थी कि उनके रिश्तेदार और दोस्त क्लाइमेक्स जानने के लिए उन्हें रिश्वत देने को तैयार हो थे. आमिल ने अभिषेक पाठक और परवेज शेख के साथ मिलकर इस फिल्म का स्क्रीनप्ले तैयार किया था. उन्होंने बताया कि वे इंस्पेक्टर गायतोंडे की तरह मेकर्स के लिए पूरी तरह वफादार रहे और क्लाइमेक्स की किसी को भनक तक नहीं लगने दी. सेट पर भी क्रू को पूरी कहानी नहीं मालूम थी, हर टीम को सिर्फ उतना ही हिस्सा बताया गया जितना शूट के लिए जरूरी था.
‘दृश्यम 3’ में विजय सलगांवकर और गोवा पुलिस के बीच खिंची पुरानी कानूनी लड़ाई अपने अंजाम तक पहुंचती है. इस बार भी पुलिस पूरा जोर लगा देती है ये साबित करने के लिए एक्स-IGP मीरा देशमुख के बेटे की लाश विजय ने ही ठिकाने लगाई थी. पूरी कहानी में सस्पेंस इतना कसा हुआ है कि देखने वाले की नजर पर्दे से नहीं हटती. जब-जब पुलिस कोई नया जाल बुनती है, विजय अपने परिवार की ढाल बनकर बेहद होशियारी से उसे तोड़ देता है, जो साबित करता है कि अपनों के लिए एक आम आदमी किस हद तक जा सकता है.
अभिषेक पाठक के डायेक्शन में बनी इस फिल्म ने टिकट खिड़की पर कमाई के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं. फिल्म ने शुरुआती तीन दिनों में ही भारत में 197.50 करोड़ रुपये का नेट कलेक्शन कर लिया है, जो आज 200 करोड़ भी हो जाएगा, जबकि दुनिया भर में 303 करोड़ रुपये का धमाकेदार आंकड़ा पार कर चुकी है. फिल्म में अजय देवगन के साथ श्रिया सरन, तब्बू, इशिता दत्ता, मृणाल जाधव, जयदीप अहलावत, रजत कपूर और प्रकाश राज जैसे कई और दिग्गज कलाकारों ने अपने शानदार अभिनय से जान फूंक दी है.