)
बॉलीवुड म्यूजिक कंपोजर पलाश मुच्छल और एक्टर-प्रोड्यूसर विद्न्यान माने के बीच लंबे समय से चल रहे कानूनी विवाद में अब एक नया मोड़ आ गया है. बॉम्बे हाई कोर्ट की तरफ से अपने खिलाफ दायर मानहानि का केस खारिज होने के बाद विद्न्यान माने ने राहत की सांस ली है. इस फैसले से गदगद माने ने अब पलाश मुच्छल के खिलाफ आर या पार की लड़ाई का मन बना लिया है और जल्द ही उनके खिलाफ क्रिमिनल केस दर्ज कराने की प्लानिंग कर रहे हैं.
इंडियन क्रिकेटर स्मृति मंधाना के बचपन के दोस्त होने का दावा करने वाले विद्न्यान माने ने हाई कोर्ट के फैसले की तारीफ की है. HT से बातचीत, करते हुए माने ने कहा 'कोई भी कानून से ऊपर नहीं है, और न्यायिक प्रक्रियाओं का पालन करना सभी के लिए ज़रूरी है.' माने का मानना है कि अदालत का ये फैसला उन लोगों के लिए एक बड़ा सबक है, जो कानून का गलत इस्तेमाल करने की कोशिश करते हैं.
केस खारिज होने के बाद माने अब चुप बैठने के मूड में बिल्कुल नहीं हैं. वो पलाश के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की प्लानिंग कर रहे हैं. इस दौरान उन्होंने कहा, ' उसने जो भी मनगढ़ंत और झूठी कहानियां सुनाई हैं, उन्हें मैं अब लोगों के सामने लाना चाहता हूं और ये बताना चाहता हूं कि लोगों को कैसे गुमराह किया जा रहा है. मैं ये भी चाहता हूं कि उसके परिवार वालों को सच पता चले, ताकि वो भी उसके बर्ताव और कहे जा रहे झूठ की असलियत समझ पाएं और उसके कामों के पीछे की सच्चाई देख सके. बहुत जल्द, मैं इस मामले में जरूरी और सही कानूनी और क्रिमिनल कार्रवाई शुरू करूंगा, पूरी तरह से कानूनी तरीकों से.'

इस पूरे विवाद की शुरुआत जनवरी 2026 में हुई थी, जब पलाश मुच्छल और क्रिकेटर स्मृति मंधाना की शादी रद्द होने की खबरें सामने आई थीं. माने ने पलाश पर अपनी फिल्म 'नाजरिया' में निवेश के नाम पर 40 लाख की धोखाधड़ी का आरोप लगाया था. विवाद के दौरान HT, से बातचीत के समय माने ने कहा था, 'मैं शादी के जश्न 23 नवंबर, 2025 में था, जब वो कथित तौर पर क्रिकेटर को चीट करते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया. भयानक सीन था, उसे वहां मौजूद लोगों ने खूब पीटा था. मुझे लगा था कि वो शादी करके सांगली में बस जाएगा , लेकिन ये मेरे लिए पूरी तरह से उल्टा पड़ गया.' उन्होंने आगे इस पर बयान देते हुए कहा, 'मैंने अपनी चैट और फोन पर हुई बातचीत सहित सभी सबूत संभाल कर रखे हैं, जिन्हें मैं पुलिस और मीडिया के साथ शेयर करने को तैयार हूं.'
पलाश मुच्छल ने शुरू से ही इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया था. कंपोजर का कहना था कि ये सभी दावे बेबुनियाद और पूरी तरह से झुठे हैं. अपनी इमेज को पहुंचे नुकसान के खिलाफ पलाश ने कोर्ट का रुख किया था और माने पर 10 करोड़ की मानहानि का दावा ठोका था. लेकिन अब हाई कोर्ट से माने को मिली राहत के बाद ये कानूनी जंग और भी ज्यादा पेचीदा हो गई है.