App

अब मनमर्जी से विदेश नहीं जा सकेंगे हरियाणा के अफसर! सरकार ने बदले नियम

हरियाणा में अधिकारियों के विदेश दौरों पर सरकार ने पहरा लगा दिया है. विदेश यात्रा की मंजूरी से पहले मुख्य सचिव कार्यालय अब प्रस्तावों की जांच करेगा. अब कोई भी विभाग विदेश यात्रा का प्रस्ताव सीधे मुख्यमंत्री के पास नहीं भेज सकेगा.

अब मनमर्जी से विदेश नहीं जा सकेंगे हरियाणा के अफसर! सरकार ने बदले नियम
Image Credit: AI Image

हरियाणा सरकार ने प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों के विदेश दौरों को लेकर सख्ती की है. इनके नियमों में बदलाव किया गया है. प्रदेश सरकार ने साफ तौर कहा है कि अब कोई भी विभाग या अधिकारी मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) को विदेश दौरे की फाइल मंजूरी के लिए नहीं भेजेगा.

क्यों हुआ है नियमों में बदलाव? 

हरियाणा सरकार को ये जानकारी मिली थी कि अलग-अलग विभागों और बोर्ड निगमों के अधिकारी विदेश दौरों और विदेशी प्रतिनिधिमंडलों में शामिल होने के प्रस्ताव सीधे मुख्यमंत्री के पास मंजूरी के लिए भेजते थे. इसके तहत नियमों के पालन, प्रशासनिक जांच और सरकारी बजट से जुड़े पहलुओं की सही तरीके से जांच नहीं हो पा रही थी.  इसी को देखते हुए सरकार ने नियमों में बदलाव किया है.

कहां होगी पहले जांच?

कार्मिक विभाग ने विदेश सहयोग विभाग के आयुक्त और सचिव को भी निर्देश दिए हैं. उन्होंने कहा कि विदेश यात्रा से जुड़े सभी प्रस्ताव मुख्यमंत्री के पास भेजने से पहले मुख्य सचिव कार्यालय से जांच कराना जरूरी होगा. अब किसी भी विभाग का विदेश दौरे से जुड़ा प्रस्ताव डायरेक्ट सीएम तक नहीं पहुंचेगा. अब इसकी जांच पहले मुख्य सचिव कार्यालय करेगा. इसके बाद ही मंजूरी के लिए आगे भेजा जाएगा.  

क्या होगी नई प्रक्रिया

अब सारे प्रस्तावों की शुरुआती जांच और गहन जांच मुख्य सचिव कार्यालय द्वारा की जाएगी. दौरे के आवश्यकता और बजट प्रावधानों का पूरा ब्योरा जांचा जाएगा. सीएम के पास फाइल लास्ट में जाएगी. पहले  मुख्य सचिव कार्यालय से प्रशासनिक हरी झंडी मिलेगी. ऑल इंडिया सर्विसेज (AIS) के अफसर, राज्य के ग्रुप A, B, C, D कर्मचारी और बोर्ड/निगमों और वैधानिक निकायों के अधिकारियों पर ये फैसला लागू होगा. उनके आधिकारिक विदेश यात्राएं, अध्ययन दौरे, ट्रेनिंग प्रोग्राम, अंतरराष्ट्रीय बैठकें, कॉन्फ्रेंस और सेमिनार इस कैटेगरी में रहेंगे.

क्या है उद्देश्य?

नियम में बदलाव करने के पीछे सरकार का उद्देश्य ये सुनिश्चित करना है कि सरकारी काम के नाम पर होने वाले विदेशी दौरों में जरूरत और खर्च दोनों का सही आकलन हो सके. इसके तहत अधिकारियों को विदेश जाने का कारण बताना होगा. साथ ही से साफ करना होगा कि यात्रा से विभाग को क्या फायदा मिलेगा. नई व्यवस्था से सरकारी खर्च पर निगरानी बढ़ेगी और विदेश यात्रा से जुड़े फैसलों में पारदर्शिता लाने में मदद मिलेगी.

(चंडीगढ़ से विजय राणा की रिपोर्ट)

Add Zee News as a Preferred Source

About the Author

Akanchha Singh

Akanchha Singh

जी-न्यूज में ट्रेनी सब एडिटर. वर्तमान में दिल्ली-एनसीआर हरियाणा डिजिटल टीम में दिल्ली-एनसीआर-हरियाणा की राजनीति, हाइपर लोकल, क्राइम की खबरों पर नजर. यूटिलीटी की खबरों में दिलचस्पी है. 2023 में संस्थान से जुड़े. माखन लाल चतुर्वेदी भोपाल से पत्रकारिता में डिग्री हासिल की.
Read More