बॉलीवुड के दिग्गज कलाकार नाना पाटेकर के अचानक चले जाने से पूरी फिल्म इंडस्ट्री और उनके लाखों फैंस के बीच गम का माहौल है. गुरुवार सुबह गोवा में दिल का दौरा पड़ने से उनका निधन हो गया, जिसके बाद उसी दिन पुणे में राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया. इस बीच उनके जाने से फिल्म 'वेलकम' में उनके को-एक्टर रहे और करीबी दोस्त अनिल कपूर बुरी तरह टूट गए हैं. अनिल कपूर ने सोशल मीडिया पर अपने ऑन-स्क्रीन भाई और असल जिंदगी के सबसे करीबी दोस्त को एक बेहद इमोशनल मैसेज लिखकर श्रद्धांजलि दी है.
गुरुवार शाम को अनिल कपूर ने इंस्टाग्राम पर नाना पाटेकर के साथ अपनी एक पुरानी तस्वीर शेयर करते हुए दिल छू लेने वाला मैसेज लिखा. अनिल कपूर ने उन्हें प्यार से 'नान्या' कहते हुए अपनी दुख को बयां किया. दोस्त सतीश कौशिक के जाने के गम को याद करते हुए अनिल ने लिखा, 'मेरा दोस्त मुझे छोड़कर चला गया... पहले सतीश और अब मेरा नान्या.'
अनिल कपूर ने इस भावुक पोस्ट में आगे लिखा, 'नान्या, तू इतनी अचानक और इतनी जल्दी चला गया... दुनिया का सबसे बड़ा कलाकार हमें छोड़कर हमेशा-हमेशा के लिए चला गया.' उन्होंने कहा कि जिंदगी में, सेट पर, फोन पर और बड़े पर्दे पर उन्हें नाना की कमी हमेशा खलती रहेगी.' अनिल कपूर और नाना पाटेकर का रिश्ता सालों पुराना है. दोनों ने पहली बार साल 1989 में विधु विनोद चोपड़ा की फिल्म 'परिंदा' में एक साथ काम किया था, जिसके लिए नाना को उनका पहला नेशनल फिल्म अवॉर्ड मिला था.
इसके बाद, दोनों ने डायरेक्टर अनीस बजमी की सुपरहिट कॉमेडी फिल्म 'वेलकम' में काम किया, जो साल 2007 में रिलीज हुई थी. उसके बाद इसी फिल्म के सीक्वल 'वेलकम बैक' में काम किया. पर्दे पर 'उदय भाई' और 'मजनू भाई' की जोड़ी और उनकी शानदार कॉमिक टाइमिंग ने हर उम्र की ऑडियंस का दिल जीत लिया था.

नाना पाटेकर के अंतिम पलों की बात करें, तो उन्हें गोवा में अचानक दिल का दौरा पड़ा था. इसके तुरंत बाद उन्हें इलाज के लिए मणिपाल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों की एक स्पेशल टीम ने करीब 45 मिनट तक उन्हें दोबारा जिंदा करने और बचाने की हर संभव कोशिश की. हालांकि, तमाम कोशिशों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका. हॉस्पिटल के सीनियर डॉक्टरों ने मीडिया से इस दुखद खबर की आधिकारिक पुष्टि की, जिसके बाद पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई.
दिग्गज कलाकार नाना पाटेकर का अंतिम संस्कार गुरुवार देर रात पुणे के खड़कवासला के पास स्थित उनके डोंजे गांव वाले फार्महाउस में किया गया, जिसे वो प्यार से 'नानाची वाडी' कहते थे. महाराष्ट्र सरकार द्वारा उन्हें पूर्ण राजकीय सम्मान दिया गया. अंतिम संस्कार के दौरान देश के कई बड़े राजनीतिक नेता, बॉलीवुड की बड़ी हस्तियां और हजारों की संख्या में आए फैंस मौजूद रहे. नम आंखों के साथ सभी ने हिंदी सिनेमा के इस महान फनकार को अपनी अंतिम श्रद्धांजलि दी.