आमिर, ऋतिक रोशन, आर माधवन... बड़े-बड़े स्टार्स ने इस फ्लॉप फिल्म के लिए दिया था ऑडिशन, कई स्क्रिनप्ले के बाद फाइनल हुए शाहरुख खान
हिंदी सिनेमा में कई ऐसी फिल्में बनाई गईं, जिसकी कहानी और किरदार ने सीधे लोगों के दिलों में खास जगह बना ली. ऐसी ही फिल्म है 'स्वेदस', जो साल 2004 में रिलीज हुई. इस फिल्म में शाहरुख खान का किरदार आज भी लोगों के दिलों में बसता है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि शाहरुख से पहले मोहन भार्गव के किरदार के लिए किन-किन कलाकारों को ऑडिशन प्रोसेस से गुजरना पड़ा था. आईए बताते हैं.
साल 2004 में आशुतोष गोवारिकर की फिल्म 'स्वदेस' सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी, जिसे आज हिंदी सिनेमा की कल्ट क्लासिक फिल्म में गिना जाता है.
इस फिल्म की खास बात इसकी कहानी और किरदार थे, जो सालों बाद भी लोगों के दिल में खास जगह रखते हैं. फिल्म में मोहन भार्गव के किरदार को शाहरुख खान ने जिस कमाल और सादगी के साथ निभाया, वो उनके करियर की यादगार भूमिकाओं में एक बन गई. लेकिन कम ही लोगों को पता है कि इस किरदार के लिए शाहरुख खान पहली पसंद नहीं थे. फिल्म की राइटर टीम का हिस्सा और एक्टर अमीन हाजी ने हाल ही में एक पॉडकास्ट में बातचीत में खुलासा किया कि मोहन भार्गव की भूमिका के लिए आमिर खान को शुरुआत में चुना गया था.
उन्होंने आगे बताया कि सिर्फ आमिर खान ही नहीं, बल्कि इसके लिए ऋतिक रोशन और आर. माधवन का भी ऑडिशन लिया गया था. अमीन हाजी, जिन्हें आशुतोष गोवारिकर की 'लगान' में बाघा का किरदार निभाने के लिए जाना जाता है, बाद में स्वदेस की लेखन टीम का भी हिस्सा बने. उन्होंने बताया कि फिल्म 'लगान' के बाद गोवारिकर की टीम की अगली प्लानिंग आमिर खान के साथ फिल्म बनाने की थी.
क्यों आमिर ने छोड़ी थी स्वेदस?
अमीन हाजी ने इस बातचीत में आगे बताया कि उस समय इस कहानी के लिए आमिर खान ही पहली पसंद थे, जिसे बाद में शाहरुख खान द्वारा निभाया गया. हाजी के मुताबिक, आमिर को कहानी का ओरिजनल आइडिया बेहद पसंद आया था, लेकिन स्क्रिप्ट के कुछ पार्ट्स को लेकर वो पूरी तरह खुश नहीं थे. इसलिए वो कहानी के कुछ पहलुओं पर और काम करना चाहते थे. इसके साथ ही एक बड़ी समस्या उनका बिजी शेड्यूल था. अमीन ने बताया कि आमिर एक समय में एक ही फिल्म करने के लिए जाने जाते थे और उस दौर में उनके पास इस प्रोजेक्ट के लिए जरूरी समय नहीं था.
ऋतिक रोशन और माधवन ने दिया शानदार ऑडिशन
जब इस फिल्म के लिए आमिर खान के साथ बात नहीं बनी, तो फिल्म के लिए दूसरे ऑप्शन पर भी बात की गई. अमीन हाजी ने आगे बताया कि ऋतिक रोशन को भी 'स्वदेस' की स्क्रिप्ट नरेट की गई थी. वहीं आर. माधवन ने मोहन भार्गव के किरदार के लिए एक प्रोपर ऑडिशन दिया था. हाजी ने माधवन के ऑडिशन की जमकर तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने शानदार परफॉर्मेंस दी और वो एक बेहतरीन एक्टर हैं. यानी जिस भूमिका को आज शाहरुख खान के नाम से पहचाना जाता है, उसके लिए उस समय बॉलीवुड के कई बड़े सितारों पर निर्माताओं और निर्देशक की नजर थी. हालांकि, कहानी को आखिरकार वो कलाकार मिला, जिसने इस किरदार को अपनी पहचान का हिस्सा बना दिया.
एक स्पेशल स्क्रीनिंग ने बदल दी 'स्वदेस' की कास्टिंग
शाहरुख खान के फिल्म से जुड़ने की कहानी भी किसी फिल्मी ट्विस्ट से कम नहीं है. अमीन हाजी ने बताया कि शाहरुख खान 'लगान' देखना चाहते थे और उनके लिए फिल्म सिटी स्थित एडलैब्स में एक स्पेशल स्क्रीनिंग रखी गई थी. खास बात ये थी कि अमीन हाजी उसी दौरान शाहरुख के बगल में बैठे थे. फिल्म खत्म होने के बाद शाहरुख ने कथित तौर पर कहा कि उन्हें आशुतोष गोवारिकर की अगली फिल्म का हिस्सा बनना चाहिए. उन्होंने अपने पिता के स्वतंत्रता सेनानी होने का जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें 'देश' जैसी फिल्म करनी चाहिए और मोहन भार्गव का किरदार निभाना चाहिए. इसके बाद शाहरुख ने खुद आशुतोष गोवारिकर को फोन किया और उनकी अगली फिल्म में काम करने की इच्छा जाहिर की.
ऑडिशन के बाद शाहरुख बने 'मोहन भार्गव'
शाहरुख के इस इच्छा जाहिर करने के बाद 'स्वदेस' को लेकर बातचीत आगे बढ़ी. अमीन हाजी ने बताया कि कई मीटिंग्स और ऑडिशन के बाद शाहरुख खान को मोहन भार्गव की भूमिका के लिए चुना गया. उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम को किस्मत का खेल बताया. एक तरफ शाहरुख 'स्वदेस' के हीरो बने, वहीं अमीन हाजी स्क्रिप्ट राइटिंग टीम का हिस्सा बन गए और शार्लोट भी कहानी लिखने में उनके साथ जुड़ीं. इस तरह आमिर खान से शुरू हुई फिल्म की कास्टिंग की जर्नी ऋतिक रोशन और आर. माधवन जैसे कलाकारों तक पहुंची और अंत में शाहरुख खान पर जाकर ठहरी.
'स्वदेस' बनी शाहरुख के करियर की खास फिल्म
आशुतोष गोवारिकर निर्देशित 'स्वदेस' साल 2004 में सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी. फिल्म में शाहरुख खान के साथ गायत्री जोशी ने गीता का किरदार निभाया था. किशोरी बल्लाल, दया शंकर पांडे, राजेश विवेक और लेख टंडन जैसे कलाकारों ने भी अहम भूमिकाएं निभाईं. विदेश में काम कर रहे एक इंडियन साइंटेस्ट के अपने देश और गांव से दोबारा जुड़ने की कहानी ने फिल्म को अलग पहचान दी. समय के साथ 'स्वदेस' को शाहरुख खान की सबसे शानदार फिल्मों में शुमार किया जाने लगा.