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CUK कैंपस में छात्रों का हंगामा: केमिस्ट्री HOD पर यौन उत्पीड़न और बदसलूकी के आरोप, पद से हटाकर जांच शुरू

सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ कश्मीर (CUK) के नन्नार साइंस कैंपस में केमिस्ट्री विभाग के प्रमुख डॉ. चिन्नप्पन भास्कर को यूनिवर्सिटी प्रशासन ने HOD पद से सस्पेंड कर दिया है. उन पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगा है जिसके चलते कैंपस में छात्रों का विरोध प्रदर्शन भी जारी रहा है.

Written ByKhalid HussainEdited BySimran Singh
Published: Oct 03, 2026, 04:43 PM IST|Updated: Oct 03, 2026, 07:51 PM IST
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CUK कैंपस में छात्रों का हंगामा: केमिस्ट्री HOD पर यौन उत्पीड़न और बदसलूकी के आरोप, पद से हटाकर जांच शुरू

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    Khalid Hussain

    Khalid Hussain

    सैयद खालिद हुसैन जम्मू-कश्मीर के एक पुरस्कार विजेता पत्रकार हैं, जिन्हें 24 वर्षों से अधिक का अनुभव है. साल 2014 से 'ज़ी न्यूज़' में चीफ  स्पेशल कोरेस्पोंडेंट के रूप में काम कर रहे हैं.जी मीडिया से पहले हुसैन ने न्यूज़ 18 में नौ साल तक सीनियर कोरेस्पोंडेंट के रूप में काम किया. हुसैन ने अपने करियर की शुरुआत डीडी न्यूज से की थी. हुसैन ने अपनी तालीम श्रीनगर के पब्लिक स्कूल और डीएवी हाई स्कूल से हासिल की. फिर ग्रेजुएशन तक का सफ़र एस.पी हायर सेकेंडरी स्कूल और अमर सिंह कॉलेज से पूरा किया. उसके बाद मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई के लिए दिल्ली के सर अरबिंदो इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन से पूरी की. इसके अलावा हुसैन लेखक फ़िल्म/ वीडियो कैमरा का स्पेशल कोर्स एफटीआई पुणे से कर चुके हैं.  मुंबई और दिल्ली में कई साल काम करने के बाद 2004 में उन्होंने जम्मू-कश्मीर में काम करना शुरू किया. डीडी न्यूज़, डीडी कश्मीर, BAG फ़िल्म्स में फ्रीलांस काम किया. हुसैन पिछले दो दशक से भी ज्यादा समय से जम्मू-कश्मीर से जुड़े कई मुद्दों को बेहतरीन तरीके से कवर कर रहे हैं. लद्दाख से लेकर मुंबई तक हुसैन भारत के कई शहरों से रिपोर्टिंग कर चुके हैं.
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    Uproar by students on the CUK Campus: सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ कश्मीर (CUK) के नन्नार साइंस कैंपस में छात्रों द्वारा विरोध प्रदर्शन के कारण वहां का माहौल काफी गरमाया हुआ है. छात्रों ने केमिस्ट्री विभाग के प्रमुख डॉ. चिन्नप्पन भास्कर पर यौन उत्पीड़न, अभद्र टिप्पणी और एकेडमिक करियर बर्बाद करने की धमकियों के गंभीर आरोप लगे हैं. इसे लेकर छात्रों की ओर से किए जा रहे भारी विरोध प्रदर्शन के कारण यूनिवर्सिटी प्रशासन ने डॉ. चिन्नप्पन भास्कर को एचओडी के पद से हटा दिया है और एकेडमिक अफेयर्स ऑफिस से अटैच कर दिया है. साथ ही प्रशासन ने मामले की जांच के आदेश भी दिए हैं.

    दरअसल, छात्रों ने केमिस्ट्री विभाग के एचओडी पर आरोप लगाया है कि छात्रों ने कक्षाओं और लैब सेशन का पूर्ण बहिष्कार किया है. प्रदर्शनकारी छात्रों ने बताया कि डॉ. भास्कर पिछले कई महीनों से क्लास में अश्लील और अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल कर रहे थे. हाल ही में एक छात्रा के साथ अश्लील भाषा और गलत व्यवहार के बाद छात्रों का गुस्सा भड़क उठा है.

    फेल करने की धमकी और मामला दबाने का दबाव भी

     प्रदर्शनकारी छात्रों का आरोप है कि एचओडी डॉ. भास्कर द्वारा छात्रों को फेल करने की धमकी भी दी जाती थी. एक छात्रा ने जानकारी दी कि एचओडी कहते थे कि 'तुम्हारी डिग्री मेरे हाथ में है और मैं तुम्हारी जिंदगी बर्बाद कर सकता हूं.' वहीं, एक लॉ डिपार्टमेंट के छात्र ने आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदर्शन को दबाने के लिए एचओडी ने केमिस्ट्री के कुछ छात्रों को क्लासरूम में बंद भी कर दिया था, साथ ही पीड़िता पर मामले को दबाने का दबाव भी बनाया गया.

    प्रशासन की कार्रवाई और ICC जांच

    विवाद बढ़ता देख यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार प्रो. निसार अहमद मीर और अन्य वरिष्ठ अधिकारी तुरंत कैंपस पहुंचे. इसके बाद यूनिवर्सिटी प्रशासन की ओर से तुरंत कार्रवाई की गई. रजिस्ट्रार प्रो. निसार अहमद मीर ने बताया कि वाइस-चांसलर प्रो. ए. रविंदर नाथ के निर्देश पर आरोपी फैकल्टी को तत्काल प्रभाव से विभाग की सभी जिम्मेदारियों से हटा दिया है. उन्होंने आगे बताया कि यूनिवर्सिटी में पहले से ही 'इंटरनल कंप्लेंट कमिटी' (ICC) मौजूद है और इस मामले की निष्पक्ष जांच के लिए एक कमिटी भी गठित की गई है. जांच रिपोर्ट आने के बाद नियमों के तहत सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी. यूनिवर्सिटी के आधिकारिक आदेश में ये भी साफ बताया गया कि संस्थान उत्पीड़न के मामलों में 'जीरो-टॉलरेंस' नीति पर काम करते हैं.

    राजनीतिक दलों की प्रतिक्रिया

    इस घटना पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों द्वारा भी कड़ा एतराज जताया गया है. हजरतबल से नेशनल कॉन्फ्रेंस के विधायक सलमान सागर की ओर से घटना की निंदा करते हुए कहा गया कि शिक्षा के मंदिरों में बेटियों की सुरक्षा सबसे पहली प्राथमिकता होनी चाहिए. साथ ही उन्होंने आरोपी शिक्षक को तत्काल नौकरी से भी सस्पेंड करने की मांग की.

    ध्यान देने वाली बात है कि ये मामला ऐसे समय में सामने आया है जब हाल ही में किश्तवाड़ के छत्रू इलाके में एक स्कूली छात्रा के साथ उत्पीड़न और दर्दनाक घटना की खबर आई थी. लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों के बाद जम्मू-कश्मीर के शिक्षण संस्थानों में छात्राओं की सुरक्षा और कड़े कानून लागू करने की मांग तेज हो गई है.

    ये भी पढ़ें- Class 10 Board Exam 2027: पासिंग परसेंटेज में 33% का नियम बदला या वही रहेगा? CBSE ने दिया जवाब

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