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DNA: प्रेमानंद महाराज ‘कैद’ या कोई बड़ी साजिश? जानिए 'सुरक्षा चक्र' का विश्लेषण

वृंदावन के संत प्रेमानंद महाराज के इर्द-गिर्द 'सुरक्षा चक्र' को लेकर सवाल उठ रहे हैं. क्या यह केवल सुरक्षा का सख्त प्रोटोकॉल है या इसके पीछे कोई साजिश है? देखिए DNA में इस पूरे मामले का विस्तृत और सटीक विश्लेषण.

DNA: प्रेमानंद महाराज ‘कैद’ या कोई बड़ी साजिश? जानिए 'सुरक्षा चक्र' का विश्लेषण
Image Credit: अचानक क्यों क्लीन शेव हो गया गर्वीली शरण? प्रेमानंद महाराज के शिष्य की मौत के बाद वृंदावन में सनसनी

DNA मित्रों, कल ZEE NEWS पर यूपी पुलिस ने दावा किया था कि प्रेमानंद महाराज को कैद कर लिया गया है. हैक कर लिया गया है. ये पूरा बयान..हमने आपको DNA में कल दिखाया था. इसे डिकोड किया था और आज इस दावे को आगे बढ़ाते हुए..हमारी पड़ताल, प्रेमानंद आश्रम के बिल्कुल पास पहुंच चुकी है. प्रेमानंद महाराज के उस शिष्य तक पहुंच चुकी है..जिसे लेकर बड़े-बड़े दावे हो रहे हैं. जिसका नाम प्रेमानंद महाराज के शिष्य से ज्यादा मुजरिम की तरह लिया जा रहा है. ये दावा हमारा नहीं है, लेकिन ज़ी न्यूज़ के कैमरे पर किया गया है. ये दावा उन लोगों का है..जो प्रेमानंद महाराज के या तो शिष्य हैं या उनके पड़ोसी.

ये दावा उन लोगों का है..जो कहते हैं कि वो प्रेमानंद महाराज के तथाकथित शिष्य गर्वीली शरण को अच्छी तरह जानते हैं. ये पूरी पड़ताल हम आपको दिखाएंगे..लेकिन उससे पहले आपको जानना चाहिए कि आज नया क्या है..जिस शिष्य रसिक दुलारी शरण की संदिग्ध मौत के बाद ये पूरा मामला सामने आया.. आज उनका एक नया वीडियो सामने आया है. रसिक दुलारी की मौत पर आज पुलिस का एक नया बयान सामने आया है. आपको वृंदावन के CO संदीप कुमार सिंह का ये बयान सुनना चाहिए... मित्रो आप जी न्यूज के संवाददाता परिवेश वात्स्यायन के सवाल और CO साहब के जवाब पर गौर कीजिएगा..

रसिक दुलारी की मौत 'आत्महत्या'?

रिपोर्टर ने रसिक दुलारी की मौत को लेकर सवाल पूछा.. लेकिन सीओ साहब जवाब में दो दो बार आत्महत्या कह रहे हैं.. अपने बयान में सीओ संदीप कुमार बार बार रसिक दुलारी शरण की मौत को आत्महत्या कह कर संबोधित कर रहे हैं.. एक तरफ वो कह रहे हैं कि वो जांच कर रहे हैं लेकिन दूसरी तरफ वो इसे आत्महत्या भी बता रहे हैं.. मित्रो, एक संदिग्ध मौत को आत्महत्या बताने वाले CO साहब को रसिक दुलारी का नया CCTV वीडियो देखना चाहिए. इस वीडियो में रसिक दुलारी शरण लॉबी में चलते हुए दिखाई दे रहे हैं.. लॉबी से वो सीढ़ियों की तरफ बढ़ रहे हैं.

जांच के नाम पर बह रही उल्टी गंगा

इससे पहले रसिक दुलारी का एक और वीडियो सामने आया था जिसमें रसिक दुलारी ने छत से छलांग लगाई थी.. लेकिन क्या CO साहब ने इसी वीडियो में रसिक दुलारी के कूदने के तुरंत बाद वहां आते एक व्यक्ति को नहीं देखा था.. क्या उन्होंने इस एंगल से जांच की, कि कहीं रसिक दुलारे डर से तो नहीं कूदा था.. क्या वो किसी दबाव में तो नहीं था.. मित्रो, सभी पहलुओं पर जांच किए बिना.. इस मौत को आत्महत्या बता रहे हैं.. इसे क्या माना जाए. मथुरा में जांच के नाम पर एक उलटी गंगा बह रही है.. पुलिस अपने बयान में इस संदिग्ध मौत को आत्महत्या बता रही है.. जांच की बात कह रही है.. फॉरेंसिक टीम को लगा दिया गया है.. लेकिन अभी तक FIR दर्ज नहीं हई है. रसिक दुलारी शरण की मौत के बाद प्रेमानंद महाराज के आश्रम से जुड़े कई दावे सामने आ रहे हैं.. अब हम एक ऐसे ही दावे का DNA टेस्ट करने वाले हैं, जो आस्था, विश्वास और इसके पीछे रची जा रही एक बहुत बड़ी साजिश के संदेह से जुड़ा है.

मथुरा पुलिस की दावे ने भक्तों को किया बेचैन

मित्रो, कल हमने आपको दिखाया था कि कैसे मथुरा पुलिस ने एक ऐसा दावा किया, जिसने दुनियाभर में फैले प्रेमानंद महाराज के भक्तों के बेचैन कर दिया. दावा ये था कि वृंदावन के प्रसिद्ध और श्रद्धेय संत, प्रेमानंद महाराज जी को उनके ही आश्रम में कथित तौर पर कैद करके रखा गया है. लेकिन आज हमने इस दावे से आगे की सच्चाई को जानने का प्रयास किया.. सवाल ये है कि अगर प्रेमानंद महाराज को कैद किया गया है तो कहां कैद किया गया है. अगर महाराज जी को कैद किया गया है तो किसने कैद किया है.. सवाल ये है कि क्या प्रेमानंद महाराज जी के आश्रम को कोई और कंट्रोल कर रहा है. वृंदावन में मौजूद हमारी टीम ने उस आश्रम तक भी पहुंचने की कोशिश की, जहां प्रेमानंद महाराज के होने की बात कही जा रही है... आश्रम के रास्ते को कैसे सील किया गया है आज हम आपको वो भी दिखाएंगे.. लेकिन हमारी पड़ताल में आज एक नाम कई बार सामने आया.. सबसे पहले आपको जानना चाहिए कि वो नाम कौन सा है.

परिवेश वात्स्यायन, संवाददाता, ज़ी मीडिया- पहले ये लोगों को बुलाते थे. अब लोगों ने इनको कब्जे में ले लिया है.
अग्रवाल परिवार, आश्रम के पड़ोसी- कुछ खिला-पिलाकर इनको कंट्रोल कर लिया है.
परिवेश वात्स्यायन, संवाददाता, ज़ी मीडिया- लोग कह रहे हैं कि राजस्थान से कोई आया है..
अग्रवाल परिवार, आश्रम के पड़ोसी- राजस्थान के हैं क्या वो?
गर्वीली शरण... उसी की माया है सब
परिवेश वात्स्यायन, संवाददाता, ज़ी मीडिया- नाम क्या है?
अग्रवाल परिवार, आश्रम के पड़ोसी- गर्वीली शरण

गर्वीली शरण.. ये व्यक्ति कौन है.. और क्यों प्रेमानंद महाराज के आश्रम केली कुंज के पड़ोसी, महाराज जी के शिष्य और वृंदावन के कई संत उसका नाम ले रहे हैं.. आपको आज ये विस्तार से जानना चाहिए. अगर आपने प्रेमानंद महाराज की पदयात्रा देखी है तो आपने इस व्यक्ति को जरूर देखा होगा. लंबी दाढ़ी और जटाओं वाला यही व्यक्ति है गर्वीली शरण. ये प्रेमानंद महाराज से लंबे वक्त से जुड़ा हुआ था. लेकिन महाराज जी के शिष्य रसिक दुलारी शरण की संदिग्ध मौत के बाद गर्वीली शरण की एक नई तस्वीर सामने आई है.. इस तस्वीर में गर्वीली शरण ने अपनी जटा और लंबी दाढ़ी को त्याग दिया है. और क्लीन शेव हो गया है. गर्वीली शरण ने अपना हुलिया इस तरह बदल लिया है कि कोई इसे पहचान भी नहीं पा रहा है... गर्वीली शरण पहली बार अपनी इस तस्वीर की वजह से सुर्खियों में आया.. लेकिन आज गर्वीली शरण को लेकर जो दावा किया जा रहा है.. वो काफी गंभीर है.

गर्वीली शरण के घर वाली गली में नो एंट्री का बोर्ड

वृंदावन में मौजूद हमारे संवाददाता परिवेश वात्स्यायन, केली कुंज आश्रम के ठीक सामने बने एक मकान में पहुंचे. इस मकान में अग्रवाल परिवार रहता है.ये परिवार यहां तब से रह रहा है जब केली कुंज आश्रम बना भी नहीं था.. इस परिवार ने आश्रम के बढ़ते वैभव को अपनी आंखों से देखा है. और प्रेमानंद महाराज के कैद होने के दावे पर इन्होंने क्या खुलासा किया है. गर्वीली शरण को लेकर क्या कहा है. इस गली में आज से दस दिन पहले तक बिना अनुमति कोई जा नहीं सकता था. जिस केली कुंज आश्रम के सामने से हमारे संवाददाता गुजर रहे हैं.. ये एक आम रास्ता है.. लेकिन कुछ खास लोगों ने यहां नो एंट्री का बोर्ड लगा रखा था. और हमारे संवाददाता केली कुंज आश्रम के सामने जिस घर का बेल बजा रहे हैं.. यहां तक आने के लिए खास अनुमति लेनी पड़ती थी.

लेकिन प्रेमानंद महाराज के शिष्य रसिक दुलारी शरण की संदिग्ध मौत के बाद अब परिस्थितियां बदल गई हैं.. जब हमारे संवाददाता केली कुंद के सामने रहने वाले अग्रवाल परिवार से बात करने का प्रयास किया तो उन्होंने ऑन रिकॉर्ड कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया.. लेकिन आम बातचीत में जो बातें सामने निकलकर आईं.. उसे बहुत ही गौर से सुनने की जरूरत है..

परिवेश जी- लोग कहते हैं कि बाबा जी को किसी ने कब्जे में कर रखा है. कुछ शिष्य लोग हैं. बाबा जी तो बहुत अच्छे हैं
आश्रम के पड़ोसी- अच्छे हैं. 2014-15 से संपर्क में हैं हम. जब ये प्रवचन करते थे तब हम चार पांच लोग ही बैठा करते थे.
परिवेस जी- क्या वाकई ने किसी ने कुछ कर दिया.. कौन लोग हैं. आप तो यहां रहते हैं. आप तो सब को जानते हैं
आश्रम के पड़ोसी- हम पहले आए हैं. ये बाद में आए हैं. हम 2010 से हैं. ये 2016 में आए हैं यहां. संत हैं.. लोगों ने इनको..
परिवेस जी- पहले ये लोगों को बुलाते थे. अब लोगों ने इनको कब्जे में ले लिया है?
आश्रम के पड़ोसी- कुछ खिला-पिलाकर इनको कंट्रोल कर लिया है.
परिवेस जी- मतलब जादू?
आश्रम के पड़ोसी- हां..
परिवेस जी- वशीकरण किया हुआ है
आश्रम के पड़ोसी- वशीकरण..

अग्रवाल परिवार ये मान रहा है कि प्रेमानंद महाराज को वश में कर लिया गया है.. लेकिन महाराज जी को वश में किया किसने.. इस सवाल पर बहुत ही बचते हुए अग्रवाल परिवार ने एक नाम लिया.. गर्वीली शरण
परिवेस जी- लोग कह रहे हैं कि राजस्थान से कोई आया है..
आश्रम के पड़ोसी- राजस्थान के हैं क्या वो?
गरवीली शरम... उसी की माया है सब
परिवेस जी- नाम क्या है
आश्रम के पड़ोसी- गरवीली शरण
परिवेस जी- एक गर्वीली शरण है या ग्रुप है
आश्रम के पड़ोसी- ग्रुप है
परिवेस जी- रहता कहां है गरवीली शरण
आश्रम के पड़ोसी- यहीं पीछे ही. कई जगह प्रॉपर्टी बना रखी है, एक जगह तो है नहीं. गोशाला भी बना रखी है केली कुंज के नाम से

गर्वीली शरण को लेकर अग्रवाल परिवार का दावा है कि उसने प्रेमानंद महाराज के नाम पर वृंदावन में कई प्रॉपर्टी बना रखी है. यहां तक की उनपर भी उनका घर बेचने का दबाव बनाया. आश्रम के पड़ोसी- हम तो जहनी मजबूत हैं. प्रवचन सुना. जो बात काम ही वो ग्रहम की.. ज्यादा चक्कर में नहीं पड़े वरना हमारा मकान भी इन्हीं के नाम हो जाता. ये यही करते हैं प्रॉपर्टी नाम करवा लेते हैं.. बाबा बनाकर प्रॉपर्टी नाम करवा लेते हैं. बच्चे भी ले लेते हैं. केली कुंज आश्रम के सामने रहने वाला परिवार आश्रम के अंदर प्रेमानंद महाराज के नाम पर चल रहे खेल को लेकर बड़ा खुलासा किया है... लेकिन इसके आगे उन्होंने जो दावा किया, वो वाकई चौंकाने वाला है.

आश्रम के पड़ोसी- पुलिस के ऊपर दबाव है
सब को खर्चा मिलता है. खर्चा ले जाते हैं. खाना खाते हैं.
परिवेस जी- यहां से खर्च मिल रहा है सब को.
आश्रम के पड़ोसी- चलता रहता है
पहले दिन जब ये केस हुआ है, 4-5 पुलिसवाले आए थे. 4-5 अधिकारी आए, वो सब नीचे गए. पुलिसवाले बाहर बैठे थे, अधिकारी नीचे गए. हमने ध्यान दिया जेब पर. गए थे खाली, आए थे भरी. उनको खरीद लिया . गर्वीली शरण का नाम सिर्फ अग्रवाल परिवार ही नहीं ले रहा है.. बल्कि प्रेमानंद महाराज के एक शिष्य ने भी यही आरोप लगाया है.. 2016-17 में प्रेमानंद महाराज से दीक्षा ले चुके राजकुमार शर्मा भी ये दावा कर रहे है कि गर्वीली शर्मा आश्रम की आड़ में प्रॉपर्टी का खेल खेल रहा है..

2016-17 में दीक्षा ली थी.. वृंदावन के ही रहने वाले हैं.
सुनने में आता है कि शिष्यों में दो फाड़ हो गया है तो महाराज जी छोड़कर जमुना पार चले गए हैं
कुछ है तभी तो छोड़कर चले गए वरना जंगल में क्यों जाते
बताते हैं कि गुटबाजी है. क्योंकि पुराने लोग महाराज जी के साथ हैं
नए नए लोग यहीं हैं
वैभव बढ़ने से परिवर्तन आता है
प्रॉपर्टी का सुनने में आया है कि कोई गौरव साखी है गर्वीली शर्मा उसने खादर में कॉलनी काट दी है.

कहा जाता है कि वृंदावन में गर्वीली शर्मा और उसके कृत से परिचित हर कोई था.. लेकिन उसके दबाव की वजह से कोई कुछ बोल नहीं पाता था.. लेकिन रसिक दुलारी शरण की मौत के बाद अब लोग खुलकर सामने आने लगे हैं. गर्वीली शरण पर सीधे सीधे ये आरोप लग रहे हैं, उन्होंने भक्ति का चोला ओढ़कर प्रेमानंद महाराज और केली कुंज आश्रम के नाम का इस्तेमाल किया है.. आश्रम के नाम पर प्रॉपर्टी खरीदी और बेची है.. इन बातों के सामने आने के बाद एक एक कर उनसे जुड़े कई विवाद सामने आ रहे हैं..लेकिन इन विवादों को जानने से पहले आपको गर्वीली शरण का असली परिचय जानना चाहिए.

गर्वीली शरण राजस्थान के जोधपुर के रहने वाले हैं...
इनका असली नाम गौरव सांखी है..
शुरुआत में ये एक साधक के तौर पर प्रेमानंद महाराज से जुड़े...
लेकिन कुछ सालों में वो श्री हित राधा केली कुंज ट्रस्ट का कोषाध्यक्ष बन गये..
गर्वीली शरण पर आरोप है कि उन्होंने अवैध तरीके से यमुना खादर की जमीन खरीदी और उसे महंगे दाम पर बेच दिया.

गर्वीली शरण की पत्नी लोगों से करती थी बदसलूकी

मित्रो, गर्वीली पर उस जमीन को बेचने का आरोप है जो जमीन बेची ही नहीं जा सकती.. गर्वीली शरण के साथ साथ इसी आश्रम में उनकी पत्नी भी रहती हैं..नाम है मोनिका सांखी.माना जाता है कि गर्वीली शरण के साथ साथ आश्रम में उनकी पत्नी मोनिका सांखी का भी काफी दबदबा है..और इसी से जुड़ा एक सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है..ये वीडियो गर्वीली शरण और उनकी पत्नी मोनिका सांखी द्वारा यमुना खादर में अवैध रूप से बसाई गई कॉलोनी प्रिया केली कुंज का है...वीडियो में जमीन पर बैठी महिला साधकों के साथ एक महिला बदलसूकी कर रही है. धक्का दे रही है. जो महिला बदसलूकी कर रही है..वही मोनिका सांखी है. गर्वीली शरण की पत्नी.

गर्वीली शरण हर दिन प्रेमानंद के इर्द-गिर्द दिखाई देते थे

गर्वीली शरण को हर वक्त प्रेमानंद महाराज के इर्द गिर्द देखा जाता था.. लेकिन महाराज जी के शिष्य रसिक दुलारी शरण की संदिग्ध मौत के बाद उसने अपना हुलिया बदल लिया..और कुछ दिनों से उनका कोई अता-पता नहीं है. हमने गर्वीली शरण को ढूंढने की भी कोशिश की..हम उनको लेकर किये गए दावे पर उनका पक्ष जानना चाहते थे लेकिन गर्वीली शरण और उनकी पत्नी का कोई अता पता नहीं है. गर्वीली शरण गायब है.. वहीं पुलिस, स्थानीय लोग और कई संत ये दावा कर रहे हैं कि प्रेमानंद महाराज कैद में हैं.. ऑफ रिकॉर्ड कई लोगों ने तो ये साफ साफ कहा कि गर्वीली शरण ने ही महाराज जी को कैद कर रखा है.. लिहाजा हमने प्रेमानंद महाराज की खोज शुरू की.. बताया जा रहा है कि प्रेमानंद महाराज वृंदावन के बेलवन में मौजूद हैं.. लेकिन हमारी टीम जब बेलवन पहुंची तो वहां कैसी किलेबंदी की गई थी.

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Ravindra Pratap Singh

Ravindra Pratap Singh

रवींद्र प्रताप सिंह ने साल 2015 में जागरण.कॉम से डिजिटल मीडिया में कदम रखा मौजूदा समय वो ज़ी न्यूज डिजिटल में चीफ सब एडिटर हैं. अगस्त 2025 में उन्होंने ज़ी न्यूज ज्वाइन किया है. रवींद्र देश और दुनिया की खबरों के अलावा खेलों में क्रिकेट जगत और क्राइम की खबरों पर बेहतरीन पकड़ रखते हैं. इसके पहले रवींद्र रिपब्लिक भारत में इवनिंग शिफ्ट के इंचार्ज रहे और शाम की शिफ्ट संभालते हुए होम पेज की जिम्मेदारी रवींद्र के ऊपर थी. उससे पहले रवींद्र ने जनसत्ता और न्यूज नेशन में भी शाम की शिफ्ट और होम पेज की जिम्मेदारी बखूबी निभाई. इसके पहले रवींद्र ने 5 सालों तक पी7 और लाइव इंडिया जैसे न्यूज चैनलों में काम किया था. रवींद्र आकाशवाणी में काम करने का अनुभव रखते. अवध यूनिवर्सिटी से मॉस कम्युनिकेशन से पोस्ट ग्रेजुएट रवींद्र पिछले डेढ़ दशक से सक्रिय पत्रकारिता कर रहे हैं. आप रवींद्र से जुड़ने के लिए Ravindra.Singh@India.com पर मेल कर सकते हैं या फिर फेसबुक पर संपर्क करने के लिए https://www.facebook.com/pintu.singh.397 और एक्स पर https://x.com/rs66533 रवींद्र से संपर्क किया जा सकता है. 
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