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Noida में AQI 600... दिल्ली-NCR में प्रदूषण बढ़ते ही सख्ती, जानें GRAP-2 से GRAP-4 तक क्या हैं नियम और कितनी बदलेंगी पाबंदियां?

दिल्ली-NCR में प्रदूषण बढ़ने के बीच GRAP-2 लागू है, लेकिन फिर भी AQI 600, 700 तक पहुंच रहा है. इस स्थिति जल्द ही GRAP 3 या GRAP 4 लागू हो सकता है. ऐसे में जानें कि GRAP-1 से GRAP-4 तक की पाबंदियां, किन वाहनों को दिल्ली में चलने की अनुमति है और किन पर रोक रहेगी.

Noida में AQI 600... दिल्ली-NCR में प्रदूषण बढ़ते ही सख्ती, जानें GRAP-2 से GRAP-4 तक क्या हैं नियम और कितनी बदलेंगी पाबंदियां?
Image Credit: AI IMAGE

दिल्ली-एनसीआर के कई इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है. बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने 2 नवंबर को दिल्ली-एनसीआर में तत्काल प्रभाव से ग्रैप के चरण-II को लागू कर दिया. वहीं बुधवार को नोएडा का AQI 600 से ज्यादा दर्ज किया गया है और दिल्ली के मुंडका में AQI  722 दर्ज किया गया है. वहीं अलीपुर में 619 तक पहुंच गया है. इसके अलावा पंजाबी बाग में 490, झिलमिल औद्योगिक क्षेत्र में 479 और जहांगीरपुरी में 462 AQI दर्ज किया गया, जो सबसे गंभीर और सबसे खराब श्रेणी में आता है.

CAQM ने नागरिकों से अपील की कि वे ग्रैप के चरण-I और चरण-II के नागरिक चार्टर में बताए गए निर्देशों का पालन करें. ग्रैप के चरण-II के तहत एजेंसियों को कई सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं. ऐसे में जानतें है कि इसमें कौन-कौन सी पाबंदियां होती हैं?

ग्रैप यानी 'ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान' दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में वायु प्रदूषण से निपटने के लिए एक आपातकालीन कार्य योजना है. आसान भाषा में कहें तो यह प्रदूषण के स्तर के आधार पर लागू होने वाले कड़े नियमों का एक सेट है. हवा जितनी खराब होगी, पाबंदियां उतनी ही सख्त होती जाएंगी. इसे पहली बार 2017 में पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा अधिसूचित किया गया था.

कौन रखता है AQI पर नजर?
वर्तमान में GRAP को लागू करने की जिम्मेदारी CAQM की है. CAQM भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) और भारतीय उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान (आईआईटीएम) के पूर्वानुमानों और वायु गुणवत्ता के आंकड़ों की लगातार निगरानी करता है. जब एक्यूआई एक निश्चित स्तर को पार कर जाता है या मौसम विभाग पूर्वानुमान जताता है कि अगले कुछ दिनों में हवा बेहद खराब होने वाली है, तो सीएक्यूएम ग्रैप के संबंधित चरण को लागू करने का आदेश दे देता है.

GRAP-I कब होता है लागू?
पहला चरण 'खराब' हवा के लिए जाना जाता है. इसमें AQI 201 से 300 के बीच होता है. जब हवा खराब होने लगती है तो यह चरण लागू होता है. इसमें निर्माण और विध्वंस स्थलों पर धूल नियंत्रण के सख्त नियम लागू होते हैं. खुले में कचरा जलाने पर पूरी तरह से रोक होती है. सड़कों पर पानी का छिड़काव शुरू हो जाता है और 10-15 साल पुराने वाहनों पर सख्ती बढ़ा दी जाती है. सरकार लोगों से पब्लिक ट्रांसपोर्ट इस्तेमाल करने की अपील करती है.

GRAP-II की पाबंदियां
दूसरा चरण 'बहुत खराब' हवा के लिए जाना जाता है. इसमें AQI 301 से 400 के बीच होता है. इस चरण में डीजल जनरेटर के इस्तेमाल पर रोक लग जाती है, हालांकि आवश्यक सेवाओं को छूट दी जाती है. लोग निजी वाहनों का कम इस्तेमाल करें, इसके लिए पार्किंग शुल्क बढ़ा दिया जाता है. सीएनजी और इलेक्ट्रिक बसों और मेट्रो के फेरे बढ़ा दिए जाते हैं. तंदूर और कोयले वाले होटलों और ढाबों पर रोक लग जाती है.

GRAP-III लागू होने पर स्कूल बंद
तीसरा चरण 'गंभीर' हवा के लिए जाना जाता है. इसमें AQI 401 से 450 के बीच होता है. यह स्थिति बेहद खतरनाक होती है. राष्ट्रीय सुरक्षा और जरूरी प्रोजेक्ट्स को छोड़कर सभी तरह के निर्माण और तोड़फोड़ के कामों पर पूरी तरह बैन लग जाता है. दिल्ली-एनसीआर में बीएस-III पेट्रोल और बीएस-IV डीजल वाले चार पहिया वाहनों के चलने पर प्रतिबंध लग जाता है. इसमें प्राइमरी स्कूलों को बंद करने का फैसला भी लिया जाता है.

GRAP-IV में स्कूल-कॉलेज बंद, ऑनलाइन क्लासेज
चौथा चरण 'बेहद गंभीर या आपातकाल' की स्थिति के लिए जाना जाता है. इसमें AQI 450 से ऊपर चला जाता है. यह सबसे चरम स्थिति है. दिल्ली में आवश्यक सामग्री ले जाने वाले ट्रकों को छोड़कर अन्य सभी ट्रकों की एंट्री बैन हो जाती है. स्कूल-कॉलेज बंद कर दिए जाते हैं और ऑनलाइन क्लासेज चलती हैं. सरकारी और निजी दफ्तरों में 50 प्रतिशत कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम करने का आदेश दिया जा सकता है. इसमें सरकार ऑड-ईवन जैसी योजनाएं भी लागू कर सकती है.

वाहनों की एंट्री पर रोक, लेकिन इन गाड़ियों को अनुमति 
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने ग्रैप चरण-II के तहत वाहन प्रतिबंधों का पालन करने और जिम्मेदारी से वाहन चलाने की अपील की है. दिल्ली में ग्रैप चरण-दो के तहत वाहनों को लेकर ट्रैफिक पुलिस ने नियम जारी किए हैं. इन नियमों में साफ किया गया है कि किन वाहनों को चलने की अनुमति होगी और किन वाहनों पर रोक रहेगी.

अनुमति वाले वाहनों में दिल्ली में रजिस्टर्ड पेट्रोल-डीजल कारें शामिल हैं, जो BS-IV और उससे ऊपर की हैं और जिनके पास वैध PUC है, उन्हीं वाहनों को चलने की अनुमति है. इसके अलावा ईवी या सीएनजी वाहन भी चल सकते हैं. इंट्रा-स्टेट और इंटर-सिटी बसों में इलेक्ट्रिक, सीएनजी और बीएस-VI डीजल वाली बसें चल सकती हैं. कमर्शियल वाहनों में एलसीवी, एमसीवी और एचसीवी, जो बीएस-VI, सीएनजी या इलेक्ट्रिक हैं और जिनके पास वैध पीयूसी है, उन्हें अनुमति दी गई है. इमरजेंसी सेवाओं के वाहनों में एंबुलेंस, फायर और पुलिस वाहन शामिल हैं.

वहीं प्रतिबंधित वाहनों में दिल्ली में रजिस्टर्ड पेट्रोल-डीजल कारें जो BS-III और उससे नीचे की हैं, उन पर रोक लगाई गई है. दिल्ली के बाहर की पेट्रोल-डीजल कारें जो BS-IV और उससे नीचे की हैं, उन पर भी रोक है. BS-IV डीजल और उससे पुरानी इंट्रा-सिटी और इंटर-सिटी बसों पर भी रोक है. BS-IV और उससे पुराने कमर्शियल वाहनों पर भी रोक लगाई गई है. भारी ट्रक जो दिल्ली के लिए नहीं हैं, वे पेरिफेरल एक्सप्रेसवे से डायवर्ट हो सकते हैं. इसके साथ ही कोई भी वाहन जिसके पास वैध पीयूसी नहीं है, उस पर भी रोक रहेगी.

एडवाइजरी में कहा गया है कि अपने वाहन को अच्छी तरह से मेंटेन रखें. वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUC) साथ रखें. अनावश्यक आइडलिंग और अत्यधिक वाहन उपयोग से बचें. कचरा या अन्य सामग्री जलाकर प्रदूषण फैलाने से बचें. जहां संभव हो पब्लिक ट्रांसपोर्ट/कारपूल को प्राथमिकता दें.

यात्रा शुरू करने से पहले दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की ट्रैफिक एडवाइजरी में नियोजित डायवर्जन और ट्रैफिक अपडेट की जांच करें.

(Input: आईएएनएस)

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About the Author

Renu Akarniya

Renu Akarniya

रेनू अकर्णिया, वर्तमान में Zee News में सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं और दिल्ली-एनसीआर और हरियाणा की लेटेस्ट, ट्रेंडिंग कंटेंट, यूटिलिटी जुड़ी खबरों पर काम कर रहे हैं. रेनू पिछले 3 सालों से डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं. पत्रकारिता में ग्रेजुएशन करने के बाद उन्होंने 2022 में Zee News से करियर की शुरुआत की.  लोकल चैनल समाचार प्लस में इंटर्न से शुरुआत की और कारवां बढ़ता हुआ जी न्यूज पहुंचा.
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