ठंड की आहट के साथ ही दक्षिण एशिया में हवा की क्वालिटी खराब होने लगी है. भारत और पाकिस्तान से लेकर इंडोनेशिया तक प्रदूषण काफी ज्यादा बढ़ गया है, आने वाले दिनों में यह समस्या और भी खतरनाक हो सकती है.
GRAP-I के बीच दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने प्रदूषण नियंत्रण के लिए अंतर-राज्यीय समन्वय बैठक हुई. इसमें नियम तोड़ने वाली बसों को बॉर्डर पर रोकने, बाहरी वाहनों की जांच और प्रवेश प्रतिबंधों के पालन पर जोर दिया गया.
दिल्ली सरकार की शीतकालीन प्रदूषण कार्ययोजना रोकथाम से ज्यादा पाबंदियों पर निर्भर नजर आती है. ग्रैप का मकसद आपात स्थितियों से निपटना था, न कि स्थायी समाधान बनना था.
दशहरे के बाद दिल्ली का AQI 65 पॉइंट बढ़ गया. वहीं राजधघानी के कुछ इलाकों में प्रदूषण का स्तर 300 के पार दर्ज हुआ. बढ़ते प्रदूषण के बीच दिल्ली में GRAP-1 लागू कर दिया गया है.
सर्दियों की आहट के साथ दिल्ली-NCR की हवा में प्रदूषण बढ़ने लगा है. वायु गुणवत्ता बिगड़ने के खतरे को देखते हुए क्षेत्र में ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान GRAP का पहला चरण लागू किया गया है.
दिल्ली-NCR में औद्योगिक प्रदूषण पर निगरानी बढ़ाने के लिए 31 अक्टूबर तक उद्योगों में PTZ कैमरे लगाने और CPCB-SPCB/DPCC को लाइव फीड देने के निर्देश दिए गए हैं.
हर साल नवंबर से फरवरी के बीच ठंडी हवा, कम हवा की रफ्तार और कई दूसरे कारणों से राजधानी की हवा ज्यादा खराब होने लगती है. इसी को देखते हुए दिल्ली सरकार ने इस बार पहले से कई सख्त कदमों का ऐलान किया है. इनमें बाहर रजिस्टर्ड गैर-BS-VI वाहनों की एंट्री पर रोक, बिना वैध PUCC ईंधन नहीं मिलने और पुराने कमर्शियल वाहनों पर सख्ती जैसे नियम शामिल हैं. आइए इन्हें समझ लेते हैं.
दिल्ली सरकार ने सर्दियों में बढ़ने वाले वायु प्रदूषण से निपटने के लिए विंटर एक्शन प्लान जारी किया है. 1 नवंबर 2026 से पार्किंग शुल्क दोगुना होगा. दफ्तरों के समय में बदलाव किया जाएगा. सरकारी और निजी कार्यालयों में 50 फीसदी कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम देने की सलाह होगी. धूल वाले निर्माण और तोड़फोड़ के काम पर भी सीमाएं होंगी.