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राजधानी दिल्ली में भी मौसम में बदलाव शुरू हो गया है. सर्दियां दस्तक देने वाली हैं. प्रदूषण की रस्साकशी भी शुरू हो जाएगी. इसी बीच दिल्ली सरकार ने तीन महीने पहले ही विंटर एक्शन प्लान जारी कर दिया है. दिल्ली में सर्दियों के दौरान बढ़ने वाले वायु प्रदूषण से निपटने के लिए ये प्लान बनाया गया है. इसके तहत 1 नवंबर 2026 से कई बड़े कदम लागू किए जाएंगे. इनमें अधिकृत पार्किंग स्थलों पर शुल्क दोगुना करना, निर्माण और तोड़फोड़ के काम पर चरणबद्ध रोक, सरकारी और निजी दफ्तरों में 50 फीसदी कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम देने की सलाह और अलग-अलग समय पर कार्यालय चलाने जैसे फैसले शामिल हैं.
निर्माण पर चरणबद्ध रोक.. यानि कुछ सीमाएं होंगी
असल में सरकार का यह प्लान सर्दियों के उन महीनों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है, जब दिल्ली की हवा की गुणवत्ता आमतौर पर तेजी से खराब होती है. योजना के तहत धूल पैदा करने वाले डिमोलिशन यानी तोड़फोड़ के काम और खुले में होने वाले सिविल कंस्ट्रक्शन पर 1 नवंबर 2026 से 31 जनवरी 2027 तक रोक रहेगी. इसके बाद 10 दिसंबर 2026 से 20 जनवरी 2027 तक निर्माण और तोड़फोड़ से जुड़े सभी कामों पर पूरी तरह रोक रहेगी.
सरकार ने निर्माण और तोड़फोड़ से निकलने वाले मलबे की निगरानी के लिए मलबा ऐप का इस्तेमाल भी अनिवार्य किया है. बिल्डिंग प्लान की मंजूरी के लिए मलबा ऐप पर रजिस्ट्रेशन जरूरी होगा. इससे निर्माण कार्य की अनुमति को कंस्ट्रक्शन और डिमोलिशन वेस्ट के प्रबंधन और निगरानी से जोड़ा जाएगा.
पार्किंग शुल्क होगा दोगुना
निजी वाहनों के इस्तेमाल को कम करने के लिए 1 नवंबर 2026 से 28 फरवरी 2027 तक अधिकृत पार्किंग स्थलों पर मौजूदा पार्किंग शुल्क दोगुना किया जाएगा. हालांकि, दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन यानी DMRC के स्वामित्व और प्रबंधन वाली पार्किंग इस व्यवस्था के दायरे में नहीं आएगी. सरकार का मकसद पार्किंग को महंगा करके निजी वाहनों की आवाजाही को हतोत्साहित करना और सड़कों पर ट्रैफिक तथा उससे जुड़े उत्सर्जन को कम करना है.
दफ्तरों के समय में बदलाव
विंटर एक्शन प्लान के तहत 1 नवंबर 2026 से 28 फरवरी 2027 तक दिल्ली में दफ्तरों के समय भी अलग-अलग किए जाएंगे. नगर निगम दिल्ली यानी MCD के कार्यालय सुबह 8:30 बजे से शाम 5 बजे तक चलेंगे. वहीं दिल्ली सरकार यानी GNCTD के अधीन कार्यालय सुबह 10 बजे से शाम 6:30 बजे तक काम करेंगे. अलग-अलग समय पर दफ्तर शुरू होने से एक ही समय में सड़कों पर बढ़ने वाले ट्रैफिक के दबाव को कम करने की कोशिश की जाएगी.

50 फीसदी कर्मचारियों को WFH
सरकारी और निजी कार्यालयों को भी 1 नवंबर से 28 फरवरी 2027 तक अपने 50 फीसदी कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम देने की सलाह दी गई है. इसके तहत 50 फीसदी कर्मचारी घर से काम करेंगे, जबकि बाकी 50 फीसदी कर्मचारी कार्यालय से काम करेंगे. इस कदम का उद्देश्य दफ्तरों तक आने-जाने वाले लोगों और निजी वाहनों की संख्या कम करना है. इससे सर्दियों के दौरान वाहनों से होने वाले प्रदूषण और ट्रैफिक दबाव को कम करने की कोशिश की जाएगी.
CAQM और DPCC के साथ समीक्षा
दिल्ली सरकार ने यह योजना सोमवार को वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग यानी CAQM और दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति यानी DPCC के साथ हुई समीक्षा बैठक में तैयार की. सरकार ने सर्दियों में प्रदूषण बढ़ने से पहले ही अलग-अलग स्रोतों पर एक साथ कार्रवाई करने की रणनीति बनाई है.
एक रिपोर्ट के मुताबिक CAQM के अनुसार ठंड के महीनों में हवा की रफ्तार कम होना, वातावरण में प्रदूषकों के फैलने के लिए कम जगह उपलब्ध होना, कोहरा और कम तापमान जैसे मौसम संबंधी कारण प्रदूषकों को जमीन के पास जमा होने देते हैं. यही वजह है कि सर्दियों में दिल्ली-NCR की हवा की गुणवत्ता अक्सर खराब हो जाती है.
कई स्रोतों से बढ़ता है PM2.5
CAQM के 2026 के आकलन के मुताबिक दिल्ली में सर्दियों के PM2.5 प्रदूषण में कई स्रोतों की भूमिका होती है. इनमें सेकेंडरी पार्टिकुलेट, परिवहन, बायोमास बर्निंग, धूल और औद्योगिक स्रोत शामिल हैं. दिल्ली में प्रदूषण को लेकर पहले भी कई तरह के कदम उठाए जाते रहे हैं. इनमें वाहनों के लिए ऑड-ईवन व्यवस्था जैसे फैसले शामिल हैं. वहीं पड़ोसी राज्यों पंजाब और हरियाणा में फसल अवशेष जलाने की घटनाओं को भी सर्दियों में दिल्ली के प्रदूषण के कारणों में शामिल किया जाता रहा है.

प्रदूषण के कई स्रोतों पर एक साथ फोकस
दिल्ली सरकार की नई योजना में निर्माण से निकलने वाली धूल, वाहनों से होने वाला उत्सर्जन और ट्रैफिक से जुड़ी समस्याओं को एक साथ कम करने की कोशिश की गई है.
निर्माण और डिमोलिशन पर चरणबद्ध रोक नवंबर से शुरू होकर जनवरी तक चलेगी, जबकि पार्किंग शुल्क बढ़ाने, दफ्तरों के समय में बदलाव और 50 फीसदी वर्क फ्रॉम होम की व्यवस्था फरवरी 2027 के अंत तक जारी रहेगी. सरकार ने सर्दियों में प्रदूषण की स्थिति गंभीर होने से पहले ही इन उपायों को लागू करने का फैसला किया है.