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राजधानी में पॉल्यूशन हर रोज बढ़ता जा रहा है. कुछ दिन पहले हुई बारिश से प्रदूषण से लोगों को राहत जरूर मिली थी, लेकिन एक बार फिर हवा की गुणवत्ता खराब होने लगी है. दिल्ली के कई ऐसे इलाके हैं, जहां AQI गंभीर श्रेणी में पहुंच गया है. अब लोगों का सांस लेना भारी पड़ रहा है. अब साफ हवा मिलना मुश्किल हो रहा है. ऐसे में बच्चों, बुजुर्गों और सांस संबंधी बीमारियों से परेशान लोगों के लिए ये टेंशन की बात है.
दिल्ली में लगातार प्रदूषण बढ़ रहा है. कई ऐसे इलाके हैं, जहां AQI 700 के पार देखने को मिला है. नवंबर शुरुआत के चौथे ही दिन मुडंका में AQI 722 दर्ज किया गया है. वहीं अलीपुर में 619 तक पहुंच गया है. इसके अलावा पंजाबी बाग में 490, झिलमिल औद्योगिक क्षेत्र में 479 और जहांगीरपुरी में 462 AQI दर्ज किया गया. दूसर तरफ रोहिणी में पॉल्यूशन का लेवल 433, सोनिया विहार में 425 और मंदिर मार्ग पर 418 तक पहुंच गया.
वहीं हवा की क्वालिटी का अगर ताजा आकड़ा देखें तो, राजधानी का औसत AQI 369 रहा, जो बहुत खराब श्रेणी में आता है. बवाना में 408, DTU में 432 और IIT क्षेत्र में 438 AQI दर्ज किया गया. लोगों को ऐसे में साफ हवा मिलना मुश्किल ही है. जहांगीरपुरी और पंजाबी बाग में 447, नरेला में 418, रोहिणी में 433 और विवेक विहार में 428 AQI रिकॉर्ड किया गया. ये आकड़े बताते हैं कि अब प्रदूषण का स्तर धीरे-धीरे बढ़ेगा ही.
दिल्ली के अलावा एनसीआर के दूसरे इलाकों में भी पॉल्यूशन का असर बना हुआ है. जो आकड़े मौजूद हैं उसके अनुसार नोएडा में AQI 305 और गुरुग्राम में 321 दर्ज किया गया. अगर गाजियाबाद क आकड़े देखे, तो AQI 229 रहा. ऐसे में दिल्ली के साथ-साथ एनसीआर के लोग भी पॉल्यूशन का सामना कर रहे हैं.
(दिल्ली से नसीम अहमद की रिपोर्ट)