दिल्ली-NCR में GRAP-1 लागू; प्रदूषण पर लगाम की तैयारी, जानिए किन गतिविधियों पर रहेगी रोक
सर्दियों की आहट के साथ दिल्ली-NCR की हवा में प्रदूषण बढ़ने लगा है. वायु गुणवत्ता बिगड़ने के खतरे को देखते हुए क्षेत्र में ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान GRAP का पहला चरण लागू किया गया है.
सर्दियों की आहट के साथ दिल्ली एनसीआर में प्रदूषण की दस्तक है. इसी के चलते AQI भी धीरे धीरे बढ़ रहा है. और अब ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान यानि कि GRAP का पहला चरण लागू कर दिया गया है. प्रदूषण पर काबू पाने के लिए दिल्ली सरकार ने संबंधित विभागों को तत्काल कार्रवाई तेज करने के निर्देश दिए हैं.
दिल्ली सरकार के उद्योग, पर्यावरण, खाद्य एवं आपूर्ति, वन एवं वन्यजीव मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि प्रदूषण कम करने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं. इसके तहत सड़कों की सफाई, खुले में कचरा जलाने पर रोक और ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर बनाने पर खास ध्यान दिया जा रहा है.
मैकेनिकल मशीनों से होगी सड़कों की सफाई
असल में दिल्ली सरकार के मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने बताया कि GRAP-1 के तहत धूल से होने वाले प्रदूषण को रोकने के लिए सख्ती बढ़ा दी गई है. सभी संबंधित एजेंसियों को मैकेनिकल रोड स्वीपर्स यानी मशीनों की मदद से 100 प्रतिशत सड़कों की सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं. इसके अलावा, खुले में कचरा या दूसरी सामग्री जलाने वालों पर नजर रखने के लिए टीमें दिन-रात निगरानी करेंगी. सरकार का उद्देश्य सड़कों पर जमा धूल और खुले में जलने वाले कचरे से होने वाले प्रदूषण को कम करना है.
ट्रैफिक जाम रोकने के लिए बढ़ेगी निगरानी
पर्यावरण मंत्री ने कहा कि ट्रैफिक जाम के कारण भी प्रदूषण बढ़ता है. इसे कम करने के लिए दिल्ली पुलिस और ट्रैफिक पुलिस के साथ समन्वय बढ़ाया गया है, ताकि सड़कों पर वाहनों की आवाजाही सुचारु बनी रहे. सिरसा ने बताया कि उन्होंने खुद दिल्ली के कई इलाकों का दौरा किया और उन जगहों की पहचान की, जहां अक्सर ट्रैफिक जाम लगता है. सरकार इन स्थानों पर ट्रैफिक प्रबंधन बेहतर बनाने की दिशा में काम कर रही है. उनका कहना है कि वाहनों की आवाजाही सुचारु रहने से प्रदूषण कम करने में मदद मिल सकती है.
बिना PUC प्रमाणपत्र के वाहन चलाने पर कार्रवाई
मंत्री ने वाहन चालकों से अपील की कि वे वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUC) के बिना दिल्ली में वाहन न चलाएं. नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी और जुर्माना भी लगाया जा सकता है. इसके साथ ही, ईस्टर्न और वेस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे के रास्ते दिल्ली आने वाले गैर-जरूरी और बाहरी वाहनों पर भी निगरानी बढ़ा दी गई है. इसका उद्देश्य राजधानी में ऐसे वाहनों के कारण प्रदूषण का अतिरिक्त दबाव बढ़ने से रोकना है. वहीं, प्रदूषण संबंधी नियमों का पालन नहीं करने वाले उद्योगों और अन्य इकाइयों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा रही है.
ग्रीन दिल्ली ऐप पर शिकायतों का होगा निपटारा
सरकार ने प्रदूषण नियंत्रण के उपायों के बारे में लोगों को जागरूक करने के लिए सूचना, शिक्षा और संचार (IEC) से जुड़ी गतिविधियां भी तेज कर दी हैं. इसके अलावा, ग्रीन दिल्ली 311 ऐप के जरिए मिलने वाली शिकायतों की निगरानी व्यवस्था को मजबूत किया गया है, ताकि शिकायतों का जल्द निपटारा हो सके.
मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने नागरिकों से GRAP-1 के दिशा-निर्देशों का पालन करने और प्रदूषण फैलाने वाली गतिविधियों की सूचना ग्रीन दिल्ली ऐप के माध्यम से देने की अपील की. उन्होंने कहा कि दिल्ली की हवा को साफ रखने के लिए सरकारी विभागों के साथ आम लोगों का सहयोग भी जरूरी है.
इसे भी पढ़ें- दिल्ली में मां दुर्गा की प्रतिमाओं का विसर्जन शुरू, श्रद्धालुओं की आंखें नम