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दिल्ली में बुधवार को दुर्गा पूजा की मूर्तियों का विसर्जन किया जा रहा है. विजयादशमी और सिंदूर खेला के बाद दिल्ली के विभिन्न पंडालों से मां दुर्गा की प्रतिमाओं को विसर्जन के लिए ले जाया जा रहा है. दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (DPCC) के आदेशानुसार, यमुना नदी या किसी भी प्राकृतिक जल स्रोत में सीधे मूर्ति विसर्जन करने पर सख्त प्रतिबंध है. इसी क्रम में दिल्ली के आस्था कुंज पार्क में दिल्ली सरकार द्वारा कृत्रिम तालाब बनाया गया है, जहां आज 300 से ज्यादा मूर्तियां विसर्जित करने के लिए लाई जानी हैं. इसको लेकर दिल्ली सरकार द्वारा पूरी तैयारी की गई है.
दोपहर 12:00 बजे के बाद दिल्ली के आस्था कुंज पार्क में सरकार द्वारा बनाए गए कृत्रिम घाट पर पूजा पंडालों से मां दुर्गा की प्रतिमाओं को विसर्जित करने के लिए श्रद्धालु पहुंचने लगे हैं. इस दौरान ढोल-नगाड़ों के साथ श्रद्धालु मां दुर्गा को नम आंखों से विदाई करते नजर आए.
श्रद्धालु इंदु गुप्ता ने कहा, हम लोग किदवई नगर से मां का विसर्जन करने के लिए आए हैं. बहुत दुख हो रहा है कि मां आज अपने मायके से वापस ससुराल जा रही हैं. खुशी के साथ-साथ मां के जाने का भी दुख है और यह उम्मीद है कि फिर अगली बार मां अपने मायके आएंगी. उनके आने का इंतजार रहेगा. साथ ही उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार द्वारा यहां मूर्ति विसर्जन के लिए अच्छी व्यवस्था की गई है.
इसके साथ ही श्रद्धालु मेनका ने कहा, मुझे बहुत अच्छा लग रहा है कि आज हम यहां आस्था कुंज में दिल्ली सरकार द्वारा बनाए गए घाट पर मूर्ति विसर्जन करने के लिए पहुंचे हैं. यहां दिल्ली सरकार ने बहुत अच्छी व्यवस्था की है. इसी तरह हर साल व्यवस्था होनी चाहिए. मगर बड़े ही दुख के साथ हम लोग मां को विदा कर रहे हैं, क्योंकि मां जब घर में आती हैं तो खुशियां लाती हैं. हम लोग इसे उत्सव के रूप में मनाते हैं, लेकिन आज मां जा रही हैं तो हम लोगों को बहुत दुख हो रहा है. अब उनके अगले वर्ष आने का इंतजार रहेगा.
श्रद्धालु श्वेता ने कहा, मैं तो आज बहुत दुखी हूं, क्योंकि जब मां आई थीं तो हम लोग खुशी से झूम रहे थे और खूब उत्सव मना रहे थे. आज मां को दुखी मन से विदाई दे रहे हैं, इसलिए आंखों से आंसू भी गिर रहे हैं. मगर मां को विदा करने की खुशी भी है कि मां अगले वर्ष फिर आएंगी.
अन्य श्रद्धालु श्लोक ने कहा, इस वर्ष मूर्ति विसर्जन करने के लिए दिल्ली सरकार द्वारा जो तालाब बनाया गया है, वह बहुत अच्छा है. यहां मूर्ति विसर्जन के लिए अच्छी व्यवस्था है. क्रेन भी लगाई गई है, जिससे भारी मूर्तियों को विसर्जित करने में श्रद्धालुओं को दिक्कत नहीं हो रही है. मगर बहुत दुख है कि आज दुर्गा मां हम लोगों को छोड़कर जा रही हैं. दुखी मन से हम लोग उनकी विदाई कर रहे हैं.
हम आपको बता दें कि इस बार पूरे 10 दिन का दशहरा रहा है. मंगलवार को दिल्ली में जगह-जगह रावण दहन किया गया तो वहीं 21 अक्टूबर यानी कि बुधवार को दिल्ली के दुर्गा पूजा पंडालों में स्थापित मां दुर्गा की प्रतिमाओं का विसर्जन किया जा रहा है. वहीं दिल्ली सरकार द्वारा 81 कृत्रिम तालाब बनाए गए हैं, जहां अलग-अलग इलाकों के लोग मूर्तियों का विसर्जन कर रहे हैं. इसी क्रम में आस्था कुंज पार्क में भी आज शाम तक 300 से ज्यादा मूर्तियां विसर्जित किए जाने का अनुमान है, जहां दिल्ली सरकार द्वारा पूरी व्यवस्था की गई है.
(हरि किशोर साह की रिपोर्ट)